PM मोदी को मिला नॉर्वे का सर्वोच्च सम्मान: आज इंडिया-नॉर्डिक समिट में लेंगे हिस्सा, 4 देशों के प्रधानमंत्रियों से मिलेंगे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नॉर्वे के राजा ने अपने सर्वोच्च सम्मान 'ग्रैंड क्रॉस ऑफ द रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट' से सम्मानित किया।

PM मोदी को मिला नॉर्वे का सर्वोच्च सम्मान: आज इंडिया-नॉर्डिक समिट में लेंगे हिस्सा, 4 देशों के प्रधानमंत्रियों से मिलेंगे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नॉर्वे दौरे के दौरान राजा हेराल्ड पंचम ने 'ग्रैंड क्रॉस ऑफ द रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट' से सम्मानित किया। ये नॉर्वे का सर्वोच्च सम्मान माना जाता है। इस मिलाकर अब तक पीएम मोदी को कुल 32 अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिल चुके हैं। इससे पहले बीते दिनों स्वीडन ने भी पीएम मोदी अपने सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित किया था।

15 साल में भारत में 100 अरब डॉलर के निवेश का टारगेट

पीएम मोदी ने नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में नॉर्वे के पीएम योनास स्टोरे के साथ जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने कहा कि पिछले साल भारत और यूरोपियन फ्री ट्रेड एसोसिएशन (EFTA) देशों के बीच व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौता लागू हुआ था।

यही समझौता भारत और नॉर्वे के बीच साझा विकास और समृद्धि का मजबूत आधार बनेगा। इसके तहत अगले 15 साल में भारत में 100 अरब डॉलर के निवेश और 10 लाख नौकरियां पैदा करने का टारगेट रखा गया है।

आज भारत-नॉर्डिक समिट में हिस्सा लेंगे, 4 देशों के PM से मिलेंगे

19 मई को ओस्लो में आयोजित तीसरे इंडिया-नॉर्डिक समिट में पीएम मोदी शामिल होंगे। समिट में नॉर्वे, स्वीडन, डेनमार्क, फिनलैंड और आइसलैंड के नेता शामिल होंगे। पीएम मोदी 4 देशों के प्रधानमंत्रियों से भी मुलाकात करेंगे। इस दौरान व्यापार, निवेश, नई तकनीक, जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल सिक्योरिटी जैसे मुद्दों पर बातचीत होने की संभावना है।

यह समिट भारत और उत्तरी यूरोपीय देशों के बीच सहयोग बढ़ाने के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण है। भारत-नॉर्डिक समिट पहली बार 2018 में स्टॉकहोम और दूसरी बार 2022 में कोपेनहेगन में हुई थी। इस बार बैठक में ग्रीन एनर्जी, ब्लू इकॉनमी, डिजिटलाइजेशन, ग्रीन शिपिंग और क्लाइमेट टेक्नोलॉजी पर खास फोकस रहेगा। 

भारत और नॉर्डिक देश स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण से जुड़े प्रोजेक्ट्स में सहयोग बढ़ाने की तैयारी कर रहे हैं। स्पेस सेक्टर भी इस दौरे का अहम हिस्सा रहेगा। भारत की अंतरिक्ष एजेंसी इसरो और नॉर्वे की स्पेस एजेंसी के बीच सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा होगी। आर्कटिक रिसर्च और सैटेलाइट टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भी साझेदारी मजबूत करने की योजना है।

बता दें, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह यात्रा उनके 5 देशों के दौरे का चौथा चरण है। इससे पहले वे UAE, नीदरलैंड और स्वीडन का दौरा कर चुके हैं। इसके बाद वे इटली जाएंगे।