शिवराज ने दिलाया संकल्प शक्ति की सप्तधारा से कृषि और ग्रामीण विकास को नई दिशा,

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘शक्ति की सप्तधारा’ के तहत कृषि और ग्रामीण विकास को नई दिशा देने का संकल्प दिलाया। उन्होंने किसानों की आय बढ़ाने, कृषि उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने और छह करोड़ लखपति दीदियां बनाने के लक्ष्य पर जोर दिया।

शिवराज ने दिलाया संकल्प शक्ति की सप्तधारा से कृषि और ग्रामीण विकास को नई दिशा,

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘शक्ति की सप्तधारा’ के संकल्प को जमीन पर उतारने के लिए कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्रालयों की ओर से मंगलवार को नई दिल्ली के पूसा स्थित सी. सुब्रमण्यम सभागार में संकल्प कार्यक्रम आयोजित किया गया। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कार्यक्रम में अधिकारियों, कर्मचारियों, वैज्ञानिकों, किसानों, लखपति दीदियों, फूड प्रोसेसर्स, निर्यातकों और किसान उत्पादक संगठनों के प्रतिनिधियों को विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का संकल्प दिलाया।

कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी और डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी समेत संबंधित विभागों के सचिव मौजूद रहे।

कृषि को समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने पर जोर

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘शक्ति की सप्तधारा’ के जरिए विकसित भारत के निर्माण का स्पष्ट रोडमैप देश के सामने रखा है। कृषि और फूड प्रोसेसिंग इस दिशा की महत्वपूर्ण ताकत हैं। अब कृषि उत्पादन बढ़ाने के साथ गुणवत्ता, शुद्धता और वैश्विक मानकों के अनुरूप उत्पादन पर भी जोर देना होगा, ताकि भारतीय किसानों के उत्पाद दुनिया के बाजार में अपनी पहचान बना सकें।

उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम महज औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि कृषि और ग्रामीण विकास से जुड़े पूरे परिवार का सामूहिक संकल्प है। किसान, वैज्ञानिक, अधिकारी, कर्मचारी, प्रोसेसर, निर्यातक, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं और एफपीओ इस अभियान के महत्वपूर्ण भागीदार हैं।

राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने व्यक्तिगत हितों से ऊपर राष्ट्रहित को रखने और कर्तव्य को अपनी पहचान बनाने का आह्वान किया है। सरकारी सेवा केवल नौकरी नहीं, बल्कि देश और जनता की सेवा का माध्यम है।

उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से अपने-अपने विभागों के लिए स्पष्ट लक्ष्य तय करने, ठोस रोडमैप बनाने और पूरी ईमानदारी से उसे जमीन पर लागू करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के संकल्प तभी पूरे होंगे, जब हर व्यक्ति उन्हें अपना संकल्प मानकर काम करेगा।

खेत से वैश्विक बाजार तक किसानों को जोड़ने की तैयारी

शिवराज ने कहा कि भारतीय कृषि को खेत से वैश्विक बाजार तक जोड़ना समय की जरूरत है। देश में मिर्च, मसाले, फल, फूल, पारंपरिक खाद्य उत्पाद और अन्य कृषि उपज की बड़ी विविधता है। बेहतर गुणवत्ता, फूड प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और निर्यात के जरिए किसानों की आय बढ़ाई जा सकती है।

उन्होंने कहा कि किसान, फूड प्रोसेसर और निर्यातक एक-दूसरे से जुड़े हैं। इन सभी के बीच बेहतर समन्वय बनाकर कृषि उत्पादों की पूरी वैल्यू चेन को मजबूत करना होगा।

हर राज्य और जिले के लिए बने कृषि रोडमैप

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश में राष्ट्रीय स्तर के साथ-साथ प्रत्येक राज्य और जिले की स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार अलग कृषि रोडमैप तैयार किया जाना चाहिए। मिट्टी, पानी, जलवायु और बाजार की मांग को ध्यान में रखते हुए फसल उत्पादन और विपणन की रणनीति बनाई जाए।

उन्होंने कृषि अनुसंधान संस्थानों, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, कृषि विज्ञान केंद्रों और राज्य सरकारों से किसानों तक आधुनिक तकनीक पहुंचाने पर जोर दिया। मशीनीकरण, बेहतर बीज, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक कृषि पद्धतियों के इस्तेमाल से उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने की बात भी कही।

उत्पादन बढ़े, लागत घटे और किसानों को मिले उचित दाम

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कृषि क्षेत्र में सरकार की प्राथमिकता उत्पादन बढ़ाना, लागत कम करना, गुणवत्ता सुधारना और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना है। इसके लिए किसानों को मौसम, बाजार और उत्पादन से जुड़ी सही जानकारी समय पर उपलब्ध करानी होगी।

प्राकृतिक खेती, जैविक खेती, सिंचाई, जल संरक्षण, फसल विविधीकरण और कृषि आधारित अतिरिक्त आय के साधनों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया।

अब छह करोड़ लखपति दीदियों का लक्ष्य

ग्रामीण विकास को लेकर शिवराज ने कहा कि तीन करोड़ ग्रामीण महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा चुका है। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छह करोड़ लखपति दीदियां बनाने का लक्ष्य रखा है।

उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को कौशल, वित्तीय सहायता, बाजार और उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। ग्रामीण महिलाओं के उत्पादों को बेहतर बाजार देने के लिए ‘शी-मार्ट’ और ब्रांडिंग जैसी पहलों को बढ़ावा दिया जाएगा।

शिवराज ने कहा कि महिलाओं की आय बढ़ने से सिर्फ परिवार ही नहीं, बल्कि गांव और पूरी ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होती है।

विकसित भारत के लिए विकसित गांव जरूरी

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि विकसित भारत का निर्माण विकसित गांवों के बिना संभव नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों में आवास, सड़क, जल संरक्षण, रोजगार, आजीविका और महिला सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करना होगा।

उन्होंने अधिकारियों से कार्यालयों तक सीमित न रहने और गांवों में जाकर योजनाओं की वास्तविक स्थिति देखने को कहा। उनके मुताबिक योजनाओं की सफलता का वास्तविक मूल्यांकन आंकड़ों से नहीं, बल्कि गांव और लाभार्थी के स्तर पर होना चाहिए।

शिवराज ने बताए सफलता के चार सूत्र

शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों और कर्मचारियों को काम के प्रति समर्पण का संदेश देते हुए सफलता के चार सूत्र बताए—‘पांव में चक्कर, मुंह में शक्कर, सीने में आग और माथे पर बर्फ।’

उन्होंने समझाया कि ‘पांव में चक्कर’ का मतलब लगातार सक्रिय रहना और जरूरत पड़ने पर क्षेत्र में जाकर काम देखना है। ‘मुंह में शक्कर’ का अर्थ मधुर व्यवहार और मजबूत टीम भावना है। ‘सीने में आग’ लक्ष्य हासिल करने के जुनून का प्रतीक है, जबकि ‘माथे पर बर्फ’ कठिन परिस्थितियों में धैर्य और संतुलन बनाए रखने का संदेश देता है।

किसान, वैज्ञानिक और निर्यातक मिलकर बनाएंगे आत्मनिर्भर कृषि

कार्यक्रम में किसानों, लखपति दीदियों, निर्यातकों और एफपीओ प्रतिनिधियों ने भी अपने अनुभव और सुझाव साझा किए। वक्ताओं ने कृषि उत्पादन, तकनीक, खाद्य प्रसंस्करण, बाजार और महिला सशक्तिकरण से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी।

चारों विभागों के सचिवों ने भी अपने-अपने विभागों की प्राथमिकताओं और भविष्य के रोडमैप की जानकारी दी। कृषि अनुसंधान, किसानों की आय, लखपति दीदी योजना, ग्रामीण आजीविका, भूमि संरक्षण और जल प्रबंधन जैसे विषयों पर आगे की रणनीति प्रस्तुत की गई।

सामूहिक संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन

कार्यक्रम के अंत में शिवराज सिंह चौहान ने सभी प्रतिभागियों को सामूहिक संकल्प दिलाया कि वे ‘शक्ति की सप्तधारा’ को धरातल पर उतारने के लिए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ काम करेंगे।

संकल्प में कृषि को समृद्ध बनाने, खाद्य उत्पादन और प्रसंस्करण को बढ़ावा देने, भारतीय कृषि उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने, किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर जोर दिया गया।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत का जो सपना देखा है, उसे संकल्प, सामर्थ्य और सफलता में बदलना हम सभी की जिम्मेदारी है।