Lack of sleep : नींद पूरी न होने से दिल को हो सकता है नुकसान, जानें क्यों जरूरी है अच्छी नींद 

Lack of Sleep Heath Issue : लगातार कम या खराब नींद का असर ब्लड प्रेशर, तनाव और दिल की सेहत पर पड़ सकता है, इसलिए पर्याप्त नींद लेना जरूरी है। 

Lack of sleep : नींद पूरी न होने से दिल को हो सकता है नुकसान, जानें क्यों जरूरी है अच्छी नींद 

Lack of Sleep Heath Issue : लाइफस्टाइल डेस्क। आजकल देर रात तक फोन चलाना, काम का दबाव, पढ़ाई और बदलती दिनचर्या की वजह से बहुत से लोगों की नींद पूरी नहीं हो पाती। कई लोग रोज 5-6 घंटे सोने के बाद भी इसे सामान्य मान लेते हैं। लेकिन नींद सिर्फ शरीर को आराम देने का तरीका नहीं है। सोते समय शरीर कई जरूरी काम करता है और दिल को भी आराम मिलता है। लंबे समय तक नींद कम होने या गुणवत्ता खराब रहने से सेहत के कई हिस्सों पर असर पड़ सकता है। अमेरिकी हार्ट एसोसिएशन के मुताबिक नींद की अवधि, नियमितता और गुणवत्ता का संबंध दिल की बीमारी, स्ट्रोक, ब्लड प्रेशर और मेटाबॉलिज्म से जुड़ी समस्याओं से पाया गया है।

रोज कितने घंटे सोना जरूरी है

ज्यादातर लोगों को हर रात कम से कम 7 घंटे की नींद लेने की जरूरत होती है। कभी-कभी एक-दो दिन कम सो जाना अलग बात है, लेकिन लगातार नींद कम होना आदत नहीं बनानी चाहिए। रिसर्च में 7 घंटे से कम सोने को कई स्वास्थ्य समस्याओं से जोड़ा गया है।

हर व्यक्ति की नींद की जरूरत थोड़ी अलग हो सकती है। इसलिए सिर्फ घंटे गिनने के बजाय नींद की गुणवत्ता और दिनभर शरीर कैसा महसूस करता है, इस पर भी ध्यान देना जरूरी है।

कम नींद से ब्लड प्रेशर पर असर

जब हम सोते हैं तो सामान्य तौर पर ब्लड प्रेशर नीचे जाता है। इससे शरीर और दिल को आराम मिलता है। अगर नींद ठीक से नहीं आती या बार-बार टूटती है तो यह प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। लंबे समय तक खराब नींद को हाई ब्लड प्रेशर जैसे जोखिमों से जोड़ा गया है।

हाई ब्लड प्रेशर आगे चलकर दिल की बीमारी और स्ट्रोक के खतरे को बढ़ा सकता है। कई दिनों से नींद खराब चल रही हो तो इसे सिर्फ थकान समझकर नजरअंदाज न करें।

नींद की क्वालिटी भी जरूरी

7-8 घंटे बिस्तर पर रहने का मतलब हमेशा अच्छी नींद नहीं होता। अगर रात में बार-बार नींद खुलती है, सोने में समय लगता है या सुबह उठने के बाद भी थकान रहती है तो गुणवत्ता ठीक नहीं मानी जा सकती। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन ने नींद की अवधि के साथ उसकी नियमितता, सही समय पर सोना और दिन में नींद आने जैसी चीजों को भी दिल और मेटाबॉलिक सेहत से जोड़ा है।

खर्राटे और सांस रुकना हो सकता है संकेत

तेज खर्राटे, रात में सांस रुकने जैसी समस्या या बार-बार जागना स्लीप एपनिया का संकेत हो सकता है। इसमें सोते समय सांस की नली बार-बार बंद हो सकती है। CDC के अनुसार स्लीप एपनिया को हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट अटैक और स्ट्रोक के बढ़े जोखिम से जोड़ा गया है। ऐसे लक्षण लगातार हों तो डॉक्टर से सलाह लें।

नींद सुधारने के आसान तरीके

सोने और उठने का समय लगभग तय रखें। दिन में थोड़ी शारीरिक गतिविधि करें और प्राकृतिक रोशनी में समय बिताएं। रात में सोने से पहले मोबाइल और तेज रोशनी वाली स्क्रीन का इस्तेमाल कम करें। कमरे को शांत, अंधेरा और आरामदायक रखें। लंबे समय से समस्या बनी हो तो खुद से इलाज करने के बजाय डॉक्टर से सलाह लें।