Clay Kulhad Reuse : क्यों दोबारा इस्तेमाल नहीं करना चाहिए कुल्हड़? क्या हो सकती हैं दिक्कतें

Clay Kulhad Reuse : चाय या दूसरी चीजें पीने के बाद कुल्हड़ को दोबारा इस्तेमाल करने से पहले सोच लें। मिट्टी की सतह में नमी और गंदगी रह सकती है, जिससे हाइजीन से जुड़ी परेशानी बढ़ती है।

Clay Kulhad Reuse : क्यों दोबारा इस्तेमाल नहीं करना चाहिए कुल्हड़? क्या हो सकती हैं दिक्कतें

Clay Kulhad Reuse : लाइफस्टाइल डेस्क। चाय, कॉफी या लस्सी पीने के लिए मिट्टी का कुल्हड़ आज भी कई जगह इस्तेमाल होता है। लोग इसे प्लास्टिक और दूसरे डिस्पोजेबल कप्स से बेहतर मानते हैं। लेकिन एक बार इस्तेमाल किए गए कुल्हड़ को दोबारा इस्तेमाल करना सही नहीं माना जाता। इसका मुख्य कारण मिट्टी की सतह पर मौजूद छोटे-छोटे छिद्र हैं। इनमें नमी और पेय पदार्थ के अवशेष रह सकते हैं। अगर इन्हें ठीक से साफ और सुखाया न जाए तो माइक्रोऑर्गेनिज्म बढ़ने की संभावना रहती है इसलिए इस्तेमाल किए कुल्हड़ को दोबारा चाय या कोई खाने-पीने की चीज देने से बचना चाहिए।

मिट्टी की सतह में छिद्र और नमी का खतरा

कुल्हड़ बनाने के लिए मिट्टी को पकाया जाता है। फिर भी उसकी सतह पूरी तरह स्मूथ और नॉन-पोरस नहीं होती। उसमें छोटे-छोटे पोर्स यानी छिद्र मौजूद रहते हैं। जब इसमें चाय, दूध या कोई लिक्विड रखा जाता है तो थोड़ी नमी इन जगहों पर रह सकती है।

अगर कुल्हड़ को इस्तेमाल के बाद अच्छी तरह साफ और पूरी तरह ड्राई नहीं किया गया तो नमी बनी रहती है। नम और गंदी सतह पर बैक्टीरिया और दूसरे माइक्रोऑर्गेनिज्म आसानी से बढ़ सकते हैं।

दोबारा इस्तेमाल से हो सकती है परेशानी

गंदे या ठीक से साफ न किए गए बर्तन में खाना या पेय लेने से फूड कंटैमिनेशन का खतरा रहता है। बैक्टीरिया मौजूद होने पर पेट से जुड़ी समस्या हो सकती है। कुछ मामलों में पेट दर्द, उल्टी, दस्त या फूड पॉइजनिंग जैसी तकलीफ होती है।

हर रीयूज्ड कुल्हड़ से बीमारी होना जरूरी नहीं। समस्या उसकी सफाई, नमी और कंटैमिनेशन पर निर्भर करती है। इसलिए एक बार इस्तेमाल वाले मिट्टी के कुल्हड़ को नया इस्तेमाल करना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है।

सफाई सबसे जरूरी, दूसरे विकल्प बेहतर

कुल्हड़ इस्तेमाल करते समय सबसे जरूरी बात यह है कि वह साफ और सही तरीके से तैयार किया गया हो। अगर दुकान पर पहले इस्तेमाल किए कुल्हड़ रखे हों या धूल-मिट्टी वाली जगह पर हों तो कंटैमिनेशन का खतरा बढ़ जाता है।

रीयूजेबल सिरेमिक या स्टील कप को धोकर दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है। इनकी स्मूथ सतह साफ करना आसान होता है। लेकिन मिट्टी के कुल्हड़ की पोरस सतह को उसी तरह साफ करना मुश्किल होता है। इसलिए स्वास्थ्य के लिहाज से नया कुल्हड़ ही बेहतर विकल्प है।