भारत ने जीता 10 वां गोल्ड : आर्चरी में आज 3 स्वर्ण पदक ; 60 मेडल की दहलीज पर पहुंचा INDIA
Asian Games 2026 : आइची-नागोया में चल रहे एशियन गेम्स 2026 में अब तक भारत ने 59 पदक जीते हैं, जिसमें 10 गोल्ड, 21 सिल्वर और 28 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं।
Asian Games 2026 : स्पोर्ट्स डेस्क। जापान के नागोया में चल रहे एशियन गेम्स 2026 का आज 12वां दिन है। भारत के अनेक एथलीट अलग-अलग स्पर्धाओं में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। बुधवार को भारत को अब तक सात मेडल मिल चुके हैं जिनमें चार गोल्ड हैं। भारत ने तीरंदाजी में गोल्ड की हैट्रिक लगाई है। शूटर नीरू ढांडा ने एक बार फिर गोल्ड हासिल किया है। भारत के खाते में फिलहाल 10 गोल्ड, 21 सिल्वर और 28 ब्रॉन्ज मेडल हैं। कुल पदकों की संख्या 59 हो गई है। भारत पदक तालिका में सातवें पायदान पर है।

पुरुष कंपाउंड टीम ने रोमांचक फाइनल जीता
भारतीय पुरुष कंपाउंड टीम ने बेहतरीन वापसी करते हुए चीन को रोमांचक फाइनल में हराया। कुशल दलाल, साहिल जाधव और गणेश मणिरत्नम थिरुमुरु की टीम अंतिम चरण में शानदार वापसी कर चीन को 238-237 से हराकर खिताब बरकरार रखा। इससे भारत ने मिश्रित टीम और महिला टीम के बाद गोल्ड की हैट्रिक पूरी की। चीन को सिल्वर मिला।
महिला कंपाउंड टीम ने विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की
भारतीय महिला कंपाउंड तीरंदाजी टीम ने विश्व रिकॉर्ड की बराबरी करते हुए चीन को 238-234 से हराकर स्वर्ण पदक बरकरार रखा। ज्योति सुरेखा वेन्नम, चिकिता तनीपार्थी और पृथिका प्रदीप की टीम ने शानदार प्रदर्शन किया। सेमीफाइनल में उन्होंने दक्षिण कोरिया को 234-233 से हराया था। दक्षिण कोरिया ने कांस्य पदक जीता।
मिश्रित जोड़ी ने भी गोल्ड पर कब्जा किया
चिकिता तनीपार्थी और साहिल जाधव की मिश्रित जोड़ी ने रोमांचक शूट ऑफ में दक्षिण कोरिया को 158-157 से हराकर गोल्ड मेडल जीता। इससे उन्होंने 2028 ओलंपिक कोटा भी हासिल किया। चीन की जोड़ी को कांस्य मिला। भारतीय जोड़ी ने सेमीफाइनल में थाईलैंड को हराया था।
लगातार दूसरा गोल्ड और ज्योति का चौथा खिताब
भारत ने इस इवेंट में लगातार दूसरा गोल्ड मेडल जीता है। टीम ने 2023 के एशियाड में भी सोना हासिल किया था। ज्योति सुरेखा ने लगातार चौथे एशियाड में गोल्ड मेडल जीता। वे 2014, 2018 और 2023 में भी स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। भारत को अब तक मिले सात गोल्ड में से पांच महिलाओं ने दिलाए हैं। बाकी दो पुरुष कबड्डी और पिस्टल के मिक्स्ड इवेंट से आए हैं।
विश्व रिकॉर्ड के साथ ऐतिहासिक जीत
भारतीय टीम ने 238 अंक के स्कोर के साथ महिला कंपाउंड आर्चरी का वर्ल्ड रिकॉर्ड भी बराबर कर लिया है। यह रिकॉर्ड साउथ कोरिया के नाम था, जो उसने 2014 में बनाया था।
नीरू ढांडा का शानदार प्रदर्शन
नीरू ढांडा ने काइनन चेनाई के साथ ट्रैप मिश्रित टीम स्पर्धा में गोल्ड जीता और नया एशियाई रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने फाइनल में 34 का स्कोर किया। कतर को सिल्वर और चीन को कांस्य मिला। नीरू ने व्यक्तिगत ट्रैप में भी स्वर्ण जीता था और टीम में रजत। इस तरह उन्होंने तीन पदक अपनी झोली में डाले।
स्क्वैश और मुक्केबाजी में भी सफलता
भारत ने स्क्वैश में सिंगापुर को 2-0 से हराकर महिला टीम सेमीफाइनल में जगह बनाई। अनाहत और तन्वी ने अपने मैच जीते। पुरुष टीम ने कुवैत को 2-0 से हराया। मुक्केबाजी में प्रिया घंघास को ब्रॉन्ज मिला जबकि लवलीना बोरगोहेन ने सेमीफाइनल जीतकर फाइनल में जगह पक्की की। वे लगातार दो बार एशियाई खेलों के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला मुक्केबाज बन गईं।
अब जानिए गोल्ड मेडलिस्ट तीरंदाजों के बारे में...
1. ज्योति सुरेखा, 30 साल
ज्योति सुरेखा का जन्म 3 जुलाई 1996 को आंध्र प्रदेश के चल्लापल्ली में हुआ था। वे नेशनल लेवल की तैराक रह चुकी हैं। ज्योति ने कम उम्र में तीरंदाजी शुरू की। सुरेखा ने 2011 में सीनियर टीम से इंटरनेशनल डेब्यू किया। 2023 के एशियाड में 3 गोल्ड जीते थे। वे एक ही एशियन गेम्स में तीन गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय तीरंदाज बनीं।
2. चिकिता तनिपार्थी, 21 साल
13 अगस्त 2005 को तेलंगाना के एक किसान परिवार में जन्म हुआ। उन्हें पिता ने दूसरी कक्षा से ही तीरंदाजी के लिए प्रेरित किया। उन्होंने 2018 में तीरंदाजी शुरू की। 2021 में इसे प्रोफेशनल तौर पर अपनाया। 2025 में वर्ल्ड आर्चरी यूथ चैंपियनशिप में अंडर-21 विमेंस इंडिविजुअल गोल्ड जीता। वे इस इवेंट का खिताब जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। उन्होंने 2025 वर्ल्ड कप सर्किट में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया।
3. पृथिका प्रदीप, 18 साल
27 सितंबर 2008 को तमिलनाडु के नागरकोइल में जन्मी हैं। पालन-पोषण महाराष्ट्र में हुआ। 5वीं क्लास में शौकिया तौर पर तीरंदाजी शुरू की। माता-पिता ने 6वीं क्लास से उन्हें प्रोफेशनल कोचिंग दिलाई। 2024 में एशियन युवा तीरंदाजी चैंपियनशिप में इंटरनेशनल डेब्यू किया। अब तक उन्होंने 7 इंटरनेशनल मेडल जीते। इनमें 1 गोल्ड, 5 सिल्वर और 1 ब्रॉन्ज शामिल हैं।

