Asian Games 2026 : भारत ने जीता 7वां गोल्ड, महिला तीरंदाजी टीम ने चीन को 238-234 से हराया

Asian Games 2026 : भारत ने एशियन गेम्स 2026 में 7वां गोल्ड मेडल जीत लिया है। बुधवार को टीम इंडिया ने महिला कंपाउंड टीम इवेंट में चीन को 238-234 से हराया।

Asian Games 2026 :  भारत ने जीता 7वां गोल्ड, महिला तीरंदाजी टीम ने चीन को 238-234 से हराया

Asian Games 2026 : स्पोर्ट्स डेस्क। जापान के नागोया में चल रहे एशियन गेम्स 2026 में टीम इंडिया ने बुधवार को अपना सातवां गोल्ड मेडल हासिल कर लिया। महिला कंपाउंड टीम इवेंट के फाइनल में भारतीय खिलाड़ियों ने चीन को 238-234 के स्कोर से हराया। इस जीत से भारत की मेडल तालिका में और चमक आ गई। ज्योति सुरेखा, चिकिता तनिपार्थी और पृथिका प्रदीप की तिकड़ी ने शानदार प्रदर्शन किया। फाइनल में पृथिका और ज्योति ने एक भी निशाना नहीं गंवाया। इसी दिन भारतीय महिला स्क्वॉश टीम ने भी मेडल पक्का कर लिया। उन्होंने क्वार्टरफाइनल में सिंगापुर को 2-0 से हरा दिया। सेमीफाइनल का मुकाबला अभी तय होना बाकी है।

रोमांचक फाइनल में भारत की शुरुआती बढ़त

फाइनल मुकाबला शुरू से ही रोमांचक रहा। भारतीय तीरंदाजों ने पहले एंड में सटीक निशाने साधकर 30-27 का स्कोर बना लिया। इससे उन्हें तीन अंकों की बढ़त मिल गई। दूसरे एंड में चीन ने वापसी की कोशिश की लेकिन भारतीय टीम ने अपनी दो अंकों की बढ़त कायम रखी।

तीसरे एंड तक भारत दो अंक आगे चल रहा था। दबाव पूरी तरह चीनी टीम पर आ गया। आखिरी दौर में भारतीय खिलाड़ियों ने लगातार छह परफेक्ट 10 दागे। इससे जीत पक्की हो गई और पूरा स्टेडियम भारतीय झंडों से गूंज उठा।

लगातार दूसरा गोल्ड और ज्योति का चौथा खिताब

भारत ने इस इवेंट में लगातार दूसरा गोल्ड मेडल जीता है। टीम ने 2023 के एशियाड में भी सोना हासिल किया था। ज्योति सुरेखा ने लगातार चौथे एशियाड में गोल्ड मेडल जीता। वे 2014, 2018 और 2023 में भी स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। भारत को अब तक मिले सात गोल्ड में से पांच महिलाओं ने दिलाए हैं। बाकी दो पुरुष कबड्डी और पिस्टल के मिक्स्ड इवेंट से आए हैं।

विश्व रिकॉर्ड के साथ ऐतिहासिक जीत

भारतीय टीम ने 238 अंक के स्कोर के साथ महिला टीम का विश्व रिकॉर्ड भी बराबर कर दिया। यह रिकॉर्ड पहले दक्षिण कोरिया के नाम था। एशियाड के 11वें दिन कुल 24 गोल्ड मेडल दांव पर हैं। फिलहाल भारत 7 गोल्ड, 21 सिल्वर और 25 ब्रॉन्ज के साथ कुल 53 मेडल लेकर नौवें स्थान पर काबिज है। भारतीय महिलाओं का यह प्रदर्शन पूरे देश के लिए गर्व का विषय बन गया है।

अब जानिए गोल्ड मेडलिस्ट तीरंदाजों के बारे में...

1. ज्योति सुरेखा, 30 साल

ज्योति सुरेखा का जन्म 3 जुलाई 1996 को आंध्र प्रदेश के चल्लापल्ली में हुआ था। वे नेशनल लेवल की तैराक रह चुकी हैं। ज्योति ने कम उम्र में तीरंदाजी शुरू की। सुरेखा ने 2011 में सीनियर टीम से इंटरनेशनल डेब्यू किया। 2023 के एशियाड में 3 गोल्ड जीते थे। वे एक ही एशियन गेम्स में तीन गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय तीरंदाज बनीं।

2. चिकिता तनिपार्थी, 21 साल

13 अगस्त 2005 को तेलंगाना के एक किसान परिवार में जन्म हुआ। उन्हें पिता ने दूसरी कक्षा से ही तीरंदाजी के लिए प्रेरित किया। उन्होंने 2018 में तीरंदाजी शुरू की। 2021 में इसे प्रोफेशनल तौर पर अपनाया। 2025 में वर्ल्ड आर्चरी यूथ चैंपियनशिप में अंडर-21 विमेंस इंडिविजुअल गोल्ड जीता। वे इस इवेंट का खिताब जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। उन्होंने 2025 वर्ल्ड कप सर्किट में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया।

3. पृथिका प्रदीप, 18 साल

27 सितंबर 2008 को तमिलनाडु के नागरकोइल में जन्मी हैं। पालन-पोषण महाराष्ट्र में हुआ। 5वीं क्लास में शौकिया तौर पर तीरंदाजी शुरू की। माता-पिता ने 6वीं क्लास से उन्हें प्रोफेशनल कोचिंग दिलाई। 2024 में एशियन युवा तीरंदाजी चैंपियनशिप में इंटरनेशनल डेब्यू किया। अब तक उन्होंने 7 इंटरनेशनल मेडल जीते। इनमें 1 गोल्ड, 5 सिल्वर और 1 ब्रॉन्ज शामिल हैं।

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