US-Israel-Iran War: रूस दे रहा ईरान को खुफिया मदद

इजराइल-ईरान जंग में अब तक ईरान में 1,332 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और 3,000 से ज्यादा घायल हुए हैं। अमेरिका आज ईरान पर बड़ा हमला करने वाला है, जबकि रूस ईरान को खुफिया मदद दे रहा है।

US-Israel-Iran War: रूस दे रहा ईरान को खुफिया मदद
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इजराइल-ईरान जंग को आज 8 दिन हो गए हैं। 28 फरवरी से शुरू हुए इस युद्ध में ईरान में अब तक 1,332 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। हमलों में घायलों की संख्या 3,000 से भी ज्यादा पहुंच गई है। इस बीच अमेरिका ने घोषणा कर दी है कि आज वह ईरान पर सबसे बड़ा हमला करने वाला है। अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि यह हमला आज की रात यानी 7 मार्च की रात को किया जाएगा।

अमेरिका की ईरान को धमकी

इस हमले में अमेरिका ईरान के मिसाइल लॉन्चर और मिसाइल बनाने वाली फैक्ट्रियों को निशाना बनाना है। उनके अनुसार, वह इस हमले से ईरान की मिसाइल क्षमता को काफी हद तक कमजोर कर देंगे। इधर ईरान के सपोर्ट के लिए रूस भी खड़ा हो गया है। सूत्रों के मुताबिक रूस ईरान को खुफिया तरीके से मदद पहुंचा रहा है।

रूस कर रहा ईरान की मदद 

वहीं मॉस्को ने भी मिडिल-ईस्ट में मौजूद अमेरिकी युद्धपोतों और सैन्य विमानों की लोकेशन की जानकारी ईरान को दी है। वॉशिंगटन पोस्ट के अनुसार रूस ईरान की मदद कर रहा है। अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने के लिए रूस ने ईरान को टारगेटिंग इंटेलिजेंस दे रखी है, जिससे ईरान को अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने में मदद मिल रही है।

भारत ने की ईरान की मदद

इस बीच भारत ने ईरान की मदद की है। ईरान का एक युद्धपोत भारत के कोच्चि बंदरगाह पर रुका हुआ है। युद्धपोत IRIS लावन के 183 क्रू मेंबर फिलहाल कोच्चि के भारतीय नौसेना की सुविधाओं में रुके हुए हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 28 फरवरी को युद्धपोत IRIS लावन में कुछ खराबी आने की वजह से ईरान ने भारत से जहाज को कोच्चि में डॉक करने की अनुमति मांगी थी, जिसके बाद भारत ने अनुमति दे दी थी। यह जहाज 4 मार्च को बंदरगाह पर पहुंचा। बता दें कि यह युद्धपोत हाल ही में भारत में आयोजित इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू (IFR) 2026 और मिलान 2026 नौसैनिक अभ्यास में शामिल हुआ था।