कैलाश विजयवर्गीय का मंच से मजाकिया अंदाज, बोले- मैं तुलसी सिलावट की शक्ति पहचानता हूं

इंदौर ग्रामीण भाजपा कार्यालय के भूमिपूजन कार्यक्रम में भाजपा नेताओं के बीच दिलचस्प संवाद देखने को मिला। नगरीय प्रशासन मंत्री Kailash Vijayvargiya ने जल संसाधन मंत्री Tulsi Silawat की क्षमता की प्रशंसा करते हुए कहा कि यदि वे चाहें तो अकेले ही पूरा भाजपा कार्यालय बनवा सकते हैं। इस पर सिलावट ने भी मजाकिया अंदाज में जवाब दिया कि आप कहें तो बनवा देंगे।

कैलाश विजयवर्गीय का मंच से मजाकिया अंदाज, बोले- मैं तुलसी सिलावट की शक्ति पहचानता हूं

इंदौर। इंदौर ग्रामीण भाजपा कार्यालय के भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान शुक्रवार को मंच पर एक बेहद दिलचस्प और अनूठा नजारा देखने को मिला। नेताओं के गंभीर राजनीतिक भाषणों के बीच नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट के बीच हुई हल्की-फुल्की और मजाकिया जुगलबंदी ने पूरे माहौल को खुशनुमा बना दिया। कैलाश विजयवर्गीय ने तुलसी सिलावट की संगठनात्मक और आर्थिक क्षमता की तारीफ करते हुए उनकी तुलना रामायण के 'जामवंत' और 'हनुमान' के प्रसंग से कर डाली, जिसे सुनकर कार्यक्रम में मौजूद कार्यकर्ता ठहाके लगाने लगे और पूरा पंडाल तालियों से गूंज उठा।

मंच से बोले कैलाश- 'सिलावट चाहें तो अकेले बनवा दें कार्यालय'
दरअसल, नावदा पंथ में इंदौर ग्रामीण भाजपा कार्यालय के भूमिपूजन समारोह का आयोजन किया गया था, जिसमें भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी मुख्य रूप से मौजूद थे। अपने संबोधन के दौरान मंत्री कैलाश विजयवर्गीय कार्यकर्ताओं से नए कार्यालय के निर्माण में बढ़-चढ़कर सहयोग करने की अपील कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हर कार्यकर्ता को अपनी क्षमता के अनुसार योगदान देना चाहिए।

इसी दौरान उन्होंने मुस्कुराते हुए मंच पर बैठे मंत्री तुलसी सिलावट की तरफ इशारा किया और मजाकिया अंदाज में कहा कि अगर सिलावट जी चाहें, तो वे अकेले ही इस पूरे ग्रामीण भाजपा कार्यालय का निर्माण करवा सकते हैं।

तुलसी सिलावट का हाजिरजवाब: 'आप बोलो तो बनवा भी देंगे'
कैलाश विजयवर्गीय की इस गुदगुदाती टिप्पणी पर मंत्री तुलसी सिलावट ने भी तुरंत मोर्चा संभाला और बेहद तपाक से हाजिरजवाबी दिखाते हुए बोले- आप बोलो तो बनवा भी देंगे।" सिलावट के इस जवाब ने मंच और सामने बैठे कार्यकर्ताओं का उत्साह दोगुना कर दिया। इसके बाद विजयवर्गीय ने बात को आगे बढ़ाते हुए बेहद मार्मिक और दिलचस्प उदाहरण दिया। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि वे सिलावट की क्षमताओं को बहुत अच्छी तरह से पहचानते हैं। विजयवर्गीय ने कहा, "जैसे रामायण में जामवंत जी ने हनुमान जी को उनकी छिपी हुई असीम शक्ति का एहसास कराया था, ठीक वैसे ही मैं भी तुलसी सिलावट की क्षमता को पहचानता हूं।

भाषण में चुटकी: सुमित मिश्रा की भी करनी होगी मदद
कैलाश विजयवर्गीय यहीं नहीं रुके, उन्होंने इस हल्के-फुल्के माहौल में एक और चुटकी लेते हुए कहा कि तुलसी सिलावट को सुमित मिश्रा की भी मदद करनी चाहिए, क्योंकि वहां भी जल्द ही भाजपा का नया कार्यालय बनने वाला है। नेताओं के बीच हुए इस आत्मीय संवाद ने कार्यक्रम को नीरस राजनीतिक भाषणों से अलग एक पारिवारिक और यादगार कार्यक्रम में बदल दिया।

चर्चाओं में है यह दोस्ताना जुगलबंदी
इंदौर की राजनीति में कैलाश विजयवर्गीय और तुलसी सिलावट की यह ट्यूनिंग नई नहीं है, लेकिन सार्वजनिक मंच से एक-दूसरे की क्षमता पर इस तरह का दोस्ताना संवाद अब राजनीतिक गलियारों में खूब सुर्खियां बटोर रहा है। सोशल मीडिया से लेकर पार्टी दफ्तरों तक इस 'जामवंत और हनुमान' वाले बयान की जमकर चर्चा हो रही है।