कर्नाटक में 3 दिन पुरानी सरकार को झटका, मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने दिया इस्तीफा

कर्नाटक में मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की नई सरकार को गठन के तीन दिन के भीतर बड़ा झटका लगा है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता और मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया। बताया जा रहा है कि वे अपनी पसंद का बेंगलुरु विकास विभाग नहीं मिलने से नाराज थे। उन्हें जल संसाधन विभाग सौंपा गया था।

कर्नाटक में 3 दिन पुरानी सरकार को झटका, मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने दिया इस्तीफा

बेंगलुरु। कर्नाटक में नवगठित डीके शिवकुमार सरकार के शपथ ग्रहण के महज तीन दिन बाद ही बड़ी सियासी हलचल शुरू हो गई है। कैबिनेट मंत्रियों के विभागों के बंटवारे के अगले ही दिन वरिष्ठ कांग्रेस नेता और कैबिनेट मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने शुक्रवार को अपने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। रेड्डी अपने मनपसंद मंत्रालय (पोर्टफोलियो) न मिलने से नाराज चल रहे थे। हालांकि, मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि यह कोई बड़ी चिंता की बात नहीं है और वे जल्द ही बातचीत कर मामला सुलझा लेंगे।

क्यों नाराज हैं रामलिंगा रेड्डी?
72 वर्षीय वरिष्ठ विधायक रामलिंगा रेड्डी 'बेंगलुरु विकास विभाग' की जिम्मेदारी चाहते थे, लेकिन गुरुवार रात हुए विभागों के बंटवारे में उन्हें 'जल संसाधन विभाग' सौंप दिया गया। इसके अलावा 'ग्रेटर बेंगलुरु डेवलपमेंट विभाग' का प्रभार कृष्णा बायरे गौड़ा को दे दिया गया, जिससे रेड्डी नाखुश नजर आए।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपने इस्तीफे की कॉपी दिखाते हुए रेड्डी ने कहा, "मैंने केवल मंत्री पद छोड़ा है, कांग्रेस पार्टी नहीं। मैं विधायक पद पर बना रहूंगा। पिछले 53 सालों में मैंने कई जिम्मेदारियां निभाई हैं और कई मुख्यमंत्रियों के साथ काम किया है, लेकिन कभी किसी से पद नहीं मांगा।"

कैबिनेट मीटिंग छोड़कर बाहर निकल गए थे रेड्डी
सूत्रों के मुताबिक, विभागों के आवंटन को लेकर गुरुवार को हुई पहली कैबिनेट बैठक में ही नाराजगी के सुर देखने को मिले थे। रामलिंगा रेड्डी बैठक के बीच से ही बाहर निकल गए थे। बताया जा रहा है कि उन्होंने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को साल 2023 में किया गया वह वादा याद दिलाया, जिसमें कैबिनेट फेरबदल के दौरान उन्हें बेंगलुरु विकास विभाग देने की बात कही गई थी।

चिंता की कोई बात नहीं, मामला सुलझा लेंगे: CM डीके शिवकुमार
इस पूरे घटनाक्रम पर मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने डैमेज कंट्रोल की कोशिशें तेज कर दी हैं। उन्होंने मीडिया से कहा- रामलिंगा रेड्डी जी की चिंता केवल इतनी है कि वे ऐसे विभाग में काम नहीं करना चाहते जिसमें बहुत ज्यादा यात्रा (ट्रेवल) करनी पड़ती हो। वे बेंगलुरु केंद्रित पोर्टफोलियो चाहते हैं। वे हमारे वरिष्ठ नेता हैं, मैं खुद उनसे बात करूंगा और इस मसले को जल्द ही सुलझा लिया जाएगा। चिंता की कोई बात नहीं है।