कहीं बूंद-बूंद को तरसे लोग, कहीं सड़कों पर बह रहा लाखों लीटर पानी, सिस्टम मस्त!

रीवा में एक ओर लोग पानी की किल्लत से परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर फूटी पाइपलाइनों से रोजाना लाखों लीटर पानी सड़कों पर बहकर बर्बाद हो रहा है।

कहीं बूंद-बूंद को तरसे लोग, कहीं सड़कों पर बह रहा लाखों लीटर पानी, सिस्टम मस्त!
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रीवा में पानी की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। शहर के कई मोहल्लों में लोगों को साफ पानी तो दूर, पीने लायक पानी तक नहीं मिल पा रहा है। कुछ दिन पहले पानी की भारी किल्लत से परेशान 28 वार्डों की महिलाओं ने धोबिया टंकी पर प्रदर्शन भी किया था। उनका कहना था कि घरों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच रहा है और जो पानी आ रहा है, उसकी गुणवत्ता भी ठीक नहीं है।

वहीं दूसरी ओर शहर की तस्वीर कुछ और ही है। कई जगहों पर पानी की पाइपलाइनें महीनों से फूटी पड़ी हैं और उनसे लगातार पानी बहकर सड़कों पर बर्बाद हो रहा है। पुलिस लाइन क्षेत्र में पिछले करीब चार महीने से पाइपलाइन से पानी बह रहा है, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं किया गया।

सिर्फ पुलिस लाइन ही नहीं, शहर के कई इलाकों में यही हाल है। जगह-जगह पाइपलाइनें टूटी हुई हैं और जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।

हालात ऐसे हैं कि एक तरफ लोग पानी की कमी से जूझ रहे हैं और प्रदर्शन करने को मजबूर हैं, तो दूसरी तरफ अधिकारियों की लापरवाही के कारण हजारों लीटर पानी रोजाना सड़कों पर बहकर बर्बाद हो रहा है। पानी की किल्लत और पाइपलाइनों की खराब हालत को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

शहर में अव्यवस्था और लापरवाही का आलम यह है कि न तो लोगों को पर्याप्त पानी मिल पा रहा है और न ही पानी की बर्बादी रोकने के लिए कोई ठोस कदम नजर आ रहा है।