DMK ने INDIA गठबंधन से बनाई दूरी, उदयनिधि स्टालिन बोले- कांग्रेस ने किया विश्वासघात
तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। DMK ने 8 जून को दिल्ली में होने वाली INDIA गठबंधन की बैठक में शामिल नहीं होने का फैसला किया है। विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि TVK को समर्थन देकर कांग्रेस ने DMK के साथ विश्वासघात किया है।
चेन्नई। दक्षिण भारत की राजनीति से आई एक बड़ी खबर ने देश के सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है। तमिलनाडु में सत्ता गंवाने के बाद द्रमुक (DMK) और कांग्रेस का करीब 20 साल पुराना गठबंधन पूरी तरह टूट चुका है। इसी कड़ी में अब DMK ने आगामी 8 जून को दिल्ली में होने वाली विपक्षी गठबंधन 'I.N.D.I.A.' की महाबैठक का बहिष्कार करने का ऐलान किया है। तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के नेता और पूर्व डिप्टी सीएम उदयनिधि स्टालिन ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए इसे 'बड़ा धोखा' करार दिया है।
उदयनिधि स्टालिन का बड़ा आरोप: 'जीतने के बाद मिलने तक नहीं आए'
चेपॉक-ट्रिपलिकेन निर्वाचन क्षेत्र में एक धन्यवाद सभा को संबोधित करते हुए उदयनिधि स्टालिन का दर्द और गुस्सा साफ तौर पर जाहिर हुआ। उन्होंने कहा, "कांग्रेस ने अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके (TVK) को समर्थन देकर DMK की पीठ में छुरा घोंपा है। हम कांग्रेस के इस विश्वासघात को कभी नहीं भूलेंगे। चुनाव नतीजों के बाद कांग्रेस के जितने भी विधायक जीते, वे सौजन्यवश DMK नेतृत्व से मुलाकात करने तक नहीं आए।"
क्यों आई 20 साल पुराने रिश्ते में दरार?
हाल ही में संपन्न हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और DMK ने मिलकर चुनाव लड़ा था। हालांकि, चुनावी नतीजों के बाद राज्य की सियासत ने यू-टर्न ले लिया। कांग्रेस के पांच नवनिर्वाचित विधायकों ने अचानक पाला बदलते हुए सुपरस्टार थलपति विजय की पार्टी 'तमिलगा वेत्री कड़गम' (TVK) को अपना समर्थन दे दिया। इसी कदम के बाद से DMK बेहद नाराज है और उसने साल 2004 से लगातार चले आ रहे इस मजबूत गठबंधन को खत्म करने का फैसला कर लिया।
DMK के 2 बड़े फैसले: संसद से दिल्ली की बैठक तक दूरी
कांग्रेस के इस कदम के जवाब में DMK ने कड़े तेवर अपनाते हुए दो बड़े फैसले लिए हैं:
- संसद में साथ बैठने से इनकार:
लोकसभा में 22 सांसदों के साथ DMK चौथी सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी है। पहले उनका सिटिंग अरेंजमेंट कांग्रेस और सपा के साथ था, लेकिन DMK सांसद कनिमोझी ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर अपनी सीटें बदलने की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बदलते हालातों में कांग्रेस के साथ बैठना उचित नहीं है। - विपक्षी एकता की बैठक का बहिष्कार:
8 जून को दिल्ली में राहुल गांधी, ममता बनर्जी और अखिलेश यादव की मौजूदगी में I.N.D.I.A. ब्लॉक की अहम बैठक होने जा रही है। DMK ने इस बैठक से पूरी तरह दूरी बनाने का फैसला किया है।
तमिलनाडु और बंगाल में 'इंडिया' गठबंधन को बड़ा झटका
हालिया विधानसभा चुनावों के नतीजे विपक्षी गठबंधन के लिए बेहद निराशाजनक रहे हैं। पश्चिम बंगाल में जहां तृणमूल कांग्रेस (TMC) को हार का सामना करना पड़ा, वहीं तमिलनाडु में DMK की सत्ता हाथ से चली गई। तमिलनाडु में अभिनेता विजय की 2 साल पुरानी पार्टी TVK ने रिकॉर्ड 108 सीटें जीतकर इतिहास रच दिया है, जिसे अब कांग्रेस के बागी विधायकों का भी साथ मिल चुका है।
दोस्ती से तकरार तक: उतार-चढ़ाव भरा रहा इतिहास:
1971: इंदिरा गांधी और करुणानिधि के दौर में पहली बार कांग्रेस-DMK का गठबंधन हुआ था।
1991: राजीव गांधी की हत्या के बाद संबंधों में खटास आई और गठबंधन टूट गया।
2004: दोनों दल फिर साथ आए और यूपीए (UPA-1) सरकार का हिस्सा बने। 2019 लोकसभा और 2021 विधानसभा में इस जोड़ी ने बंपर जीत हासिल की थी।
2026: विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस विधायकों द्वारा TVK को समर्थन देने के बाद यह ऐतिहासिक दोस्ती अब दुश्मनी में बदल चुकी है।

