हीटवेव के कारण भारत में बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर: 256 गीगावाट पहुंची डिमांड, सौर ऊर्जा ने ली जिम्मेदारी
भीषण गर्मी और रिकॉर्ड तोड़ हीटवेव (Heatwave) के बीच भारत के पावर सेक्टर से एक बड़ी खबर सामने आई है। देश में बिजली की चरम मांग (Peak Demand) अब तक के सबसे उच्चतम स्तर 256.1 गीगावाट (GW) पर पहुंच गई है। राहत की बात यह है कि इस भारी मांग को पूरा करने में सौर ऊर्जा (Solar Energy) ने सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
भीषण गर्मी और लू की लहर के चलते भारत में बिजली की मांग ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। शनिवार को देश की पीक बिजली मांग बढ़कर 256.1 गीगावाट तक पहुंच गई, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। सबसे अच्छी बात यह रही कि इस रिकॉर्ड मांग को सौर ऊर्जा ने बड़ी भूमिका निभाकर आसानी से पूरा कर लिया। शनिवार दोपहर 3:38 बजे जब मांग 256.1 GW पर थी, तब सोलर पावर का योगदान करीब 57 गीगावाट था, जो कुल उत्पादन का 22 प्रतिशत रहा। शनिवार दोपहर 12:30 बजे के आसपास सोलर जनरेशन और भी बढ़कर 81 गीगावाट तक पहुंच गया, जो उस समय कुल बिजली उत्पादन का लगभग एक तिहाई हिस्सा था।
मुख्य मैटर..
शनिवार की 256.1 GW की मांग ने पिछले रिकॉर्ड (24 अप्रैल 2026 को 252.1 GW) को भी पार कर लिया। बिजली मंत्रालय का अनुमान है कि इस साल पीक डिमांड 271 गीगावाट तक जा सकती है। सोलर के अलावा पवन, जल और परमाणु ऊर्जा जैसे गैर-जीवाश्म स्रोतों का योगदान भी लगातार बढ़ रहा है। कोयला आधारित प्लांट अभी भी बेसलोड (निरंतर) बिजली की आपूर्ति में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
सोलर इंफ्रा की बड़ी भूमिका..
नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के सचिव संतोष सारंगी ने कहा कि रूफटॉप सोलर सिस्टम सहित सौर ऊर्जा उत्पादन में तेज वृद्धि हो रही है। यह चरम मांग को पूरा करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। उन्होंने आगे कहा कि बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) की ज्यादा स्थापना के साथ भविष्य में शाम की पीक डिमांड को भी सोलर पावर से पूरा किया जा सकेगा।

पिछले साल के मुकाबले तुलना..
जून 2025 में पीक डिमांड: 242.77 गीगावाट
अप्रैल 2025 में पीक डिमांड: 235.32 गीगावाट
इस साल अप्रैल में ही मांग पिछले साल के रिकॉर्ड को काफी पीछे छोड़ चुकी है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर लू की स्थिति और बिगड़ी तो मांग और बढ़ सकती है, क्योंकि घरों और दफ्तरों में एयर कंडीशनर, कूलर आदि का इस्तेमाल तेजी से बढ़ेगा।

मौसम विभाग का अलर्ट..
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सप्ताहांत तक उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत में लू चलने का पूर्वानुमान जारी किया है। मई और जून में गर्मी और भी तेज रहने की संभावना है।

प्रधानमंत्री मोदी का बयान..
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में 'मन की बात' कार्यक्रम में वैश्विक अस्थिरता के बीच नवीकरणीय ऊर्जा के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने सौर और पवन ऊर्जा को भारत के भविष्य की कुंजी बताया और स्वच्छ ऊर्जा अपनाने का आग्रह किया। साथ ही कल्पक्कम फास्ट ब्रीडर रिएक्टर की क्रिटिकलिटी को ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।

भविष्य की संभावनाएं..
एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, बढ़ती बिजली डिमांड (जो संभावित रूप से तीन गुना तक बढ़ सकती है), इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) और डेटा सेंटर्स जैसी नई खपत के कारण बिजली क्षेत्र में 65-70 करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय (Capex) के बड़े अवसर बन रहे हैं। इस बार की हीटवेव में सोलर पावर ने साबित कर दिया कि नवीकरणीय ऊर्जा न सिर्फ पर्यावरण के लिए अच्छी है, बल्कि चरम गर्मी के समय बिजली की भारी मांग को संभालने में भी मजबूत सहारा बन सकती है।

