पचमढ़ी सिविल अस्पताल में चिकित्सकों और स्टाफ की भारी कमी के विरोध में कांग्रेस ने सौंपा ज्ञापन
पचमढ़ी के शासकीय सिविल अस्पताल में बीते 6 महीने से एक भी डॉक्टर नहीं है। वहीं, अस्पताल में 6 की जगह केवल 2 नर्स काम कर रही हैं।
पचमढ़ी के शासकीय सिविल अस्पताल में पिछले लगभग 6 महीने से एक भी चिकित्सक पदस्थ नहीं होने और स्वीकृत 6 नर्सों के स्थान पर केवल 2 नर्सों के कार्यरत होने के कारण अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं गंभीर रूप से प्रभावित हो रही हैं। स्थानीय नागरिकों के अनुसार अस्पताल अपनी उपयोगिता और प्रासंगिकता लगातार खोता जा रहा है।
जानकारी के अनुसार 1 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित अस्पताल भवन भी पर्याप्त रखरखाव और उपयोग के अभाव में जर्जर होता जा रहा है। साल 2018 से अस्पताल में एक्स-रे ऑपरेटर का पद रिक्त है तथा एम्बुलेंस सेवा भी उपलब्ध नहीं है। स्वीकृत पदों की तुलना में अस्पताल में 25 प्रतिशत से भी कम स्टाफ कार्यरत है, जिससे मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

नगर मंडलम कांग्रेस कमेटी पचमढ़ी का आरोप है कि जब शासन, प्रशासन, मंत्री, मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों का दौरा होता है, तब अस्थायी रूप से स्टाफ की व्यवस्था कर दी जाती है, जबकि आम जनता को नियमित स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित रहना पड़ता है।
कांग्रेस कमेटी ने कहा कि वह लगातार जनता की समस्याओं को शासन-प्रशासन के समक्ष उठाती रही है और अस्पताल में पूर्ण स्टाफ की नियुक्ति सहित स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण की मांग करती रही है। इसी कड़ी में पहले भी स्वास्थ्य मंत्री, मध्यप्रदेश शासन, कलेक्टर नर्मदापुरम और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी नर्मदापुरम को ज्ञापन सहित ई-मेल के माध्यम से मांगपत्र भेजे जा चुके हैं। इसी को लेकर आज ब्लॉक मेडिकल अधिकारी पिपरिया के माध्यम से सिविल अस्पताल पचमढ़ी में भी ज्ञापन सौंपा गया।
इस अवसर पर नगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुनील शुक्ला, कांग्रेस के वरिष्ठ सदस्य एवं छावनी परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष मोहम्मद अनीस खान, पूर्व उपाध्यक्ष गोपाल दास काबरा, शंकरलाल खटीक, बृजमोहन संदेल, दर्शन सिंह कालरा, दर्शी भाई, अलकेश जैन, कृष्णा गायकवाड़, यूनुस अंसारी, अक्षत मांडले, देवकीनंदन सोनी, मोहम्मद सगीर कुरैशी, नवीन कुमार (डब्बू) और वीरेंद्र यादव उपस्थित रहे। वहीं समाचार कवरेज के लिए आमंत्रित पत्रकार मुकेश बान और जावेद कुरैशी भी विशेष रूप से मौजूद रहे।
Varsha Shrivastava 
