मैहर में जमीन घोटाला: फर्जी दस्तावेजों से 28 लाख की जमीन सीमेंट फैक्ट्री को बेची, EOW ने 7 पर दर्ज किया केस
मैहर जिले के सलैया गांव में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमीन बेचने के मामले में ईओडब्ल्यू ने 7 आरोपियों पर आपराधिक प्रकरण दर्ज किया है। जांच में सामने आया कि बिचौलियों ने असली भूमिस्वामी को बिना जानकारी दिए 28 लाख रुपये में सीमेंट फैक्ट्री को जमीन बेच दी, जबकि पहले भी इसी तरह के कई जमीन घोटाले सामने आ चुके हैं।
रिपोर्टर- अमित उपाध्याय
सतना: मैहर जिले में जमीन को बिचौलिए और भूमिस्वामी निगल रहे हैं। भूमि स्वामियों को पता भी नहीं चल रहा है और सांठगांठ कर जमीन सीमेंट फैक्ट्रियों को बेची जा रही है। मुआवजे के लालच में यहां यह धंधा बन गया है। लगातार मामले ईओडब्ल्यू के पास पहुंच रहे हैं। कुछ दिन पहले भदनपुर का मामला पहुंचा था। इस बार ग्राम सलैया का मामला सामने आया है। इस बार गांव अलग है लेकिन जमीन सीमेंट फैक्ट्री को ही बेची गई है। पहले के प्रकरण में भी मैहर अल्ट्राटेक सीमेंट फैक्ट्री ने जमीन खरीदी थी। इस बार भी इसी सीमेंट फैक्ट्री ने जमीन खरीदी है। ईओडब्ल्यू के पास मामला पहुंचने के बाद 7 व अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। सभी के खिलाफ धारा 120बी, 420, 467, 468, 471 भादवि के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
इन पर दर्ज हुई F.I.R
इस पूरे फर्जीवाड़े में शामिल 7 आरोपी व अन्य के खिलाफ मामला पंजीबद्ध किया गया है। इसमें राजकुमार गौतम पिता लवकुश गौतम निवासी ग्राम मनटोलवा, पोस्ट मडई, जिला मैहर; संजय मिश्रा पिता ध्रुव मिश्रा निवासी सलैया थाना बदेरा, जिला मैहर; धनेन्द्र सिंह निवासी हरनामपुर, जिला मैहर; आलोक गौतम पिता सनत कुमार गौतम उम्र 27 वर्ष निवासी गली नंबर 5, प्रेम बिहार कॉलोनी, तहसील रघुराजनगर, जिला सतना; अमित चतुर्वेदी पिता रमेश चतुर्वेदी उम्र 28 वर्ष निवासी ग्राम सोहावल, जिला सतना; विक्रेता फर्जी या प्रतिरूपित प्रतीक राय निवासी चौपड़ा कॉलोनी, मैहर; अन्य संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ में प्रकरण दर्ज किया गया है।

असली भूमिस्वामी को नहीं लगी भनक
ईओडब्ल्यू रीवा इकाई के पुलिस अधीक्षक डॉ. अरविंद सिंह ठाकुर ने बताया कि मैहर जिले के ग्राम सलैया के गरीब आदिवासियों एवं अन्य व्यक्तियों की बेशकीमती भूमि धोखे में रखकर बिचौलिए बेच रहे हैं। इसकी शिकायत ईओडब्ल्यू के पास पहुंची थी। शिकायत का सत्यापन कराया गया। सत्यापन में पाया गया कि मैहर जिले के ग्राम सलैया में प्रतीक राय, निवासी रायपुर, महाराष्ट्र की खसरा नंबर की कुल भूमि 0.700 हेक्टेयर बेच दी गई है।
भूमि स्वामी को इसकी भनक तक नहीं लगी। फर्जी तरीके से प्रतिरूपित भूमि स्वामी प्रतीक राय नाम के व्यक्ति का फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड तैयार कर राजकुमार गौतम पिता लवकुश गौतम निवासी मनटोलवा, मैहर के नाम जमीन बेच दी गई। इसके बाद भूमि को आरसीसीपीएल प्राइवेट लिमिटेड, भरौली सीमेंट फैक्ट्री, राकेश बाफना पिता मोहनलाल बाफना को 28 लाख रुपये में बेच दी गई। इस जमीन को बेचकर जो राशि मिली, उसे असली भूमिस्वामी को नहीं दिया गया।
पहले भी बेची जा चुकी है आदिवासी की जमीन
इस मामले से पहले फर्जी तरीके से सीमेंट फैक्ट्री को जमीन बेचने का मामला सामने आ चुका है। मैहर जिले के भदनपुर गांव के आदिवासियों की जमीन धोखे में रखकर तत्कालीन पटवारी और बिचौलियों ने अल्ट्राटेक सीमेंट फैक्ट्री, मैहर को बेच दी। 2.5 करोड़ रुपये मुआवजा मिला लेकिन भूमिस्वामी को नहीं मिला। ईओडब्ल्यू की जांच में पाया गया था कि रामसिंह गोंड निवासी ग्राम भदनपुर दक्षिण पट्टी, तहसील एवं जिला मैहर के आधिपत्य की करीब 3.5 हेक्टेयर कृषि भूमि जो 10 से 11 वर्षों तक राजस्व रिकॉर्ड में उनके नाम दर्ज थी, उसे तत्कालीन हल्का पटवारी अशोक सिंह ने बिचौलियों के साथ मिलकर वर्ष 2012-13 में राजस्व खसरे में रामसिंह गोंड के पुत्र राजेन्द्र सिंह के नाम दर्ज कर दिया।
जबकि राम सिंह जीवित थे। इसकी जानकारी पटवारी ने किसी को नहीं दी। इसके बाद राजेन्द्र सिंह के नाम पर बैंक से ऋण दिलाने के नाम पर उन्हें धोखे में रखकर शोभा कोल निवासी ग्राम सलैया, जिला मैहर, बैजनाथ कोल निवासी ग्राम खरौंधी, जिला मैहर के नाम रजिस्ट्री कराकर राजस्व अभिलेख में नाम दर्ज कर दिया गया। खसरा में हेरफेर करने के बाद जमीन को अल्ट्राटेक सीमेंट, मैहर को बेच दिया गया। इसके बदले 2.50 करोड़ रुपये मिले लेकिन राजेन्द्र सिंह व उनके परिवार को एक रुपया भी नहीं दिया गया था। इस मामले में ईओडब्ल्यू ने कई लोगों के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध किया था।

