अरविंद केजरीवाल बोले- जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा से न्याय की उम्मीद खत्म, गांधी के सत्याग्रह का अपनाएंगे रास्ता

अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली शराब घोटाला मामले में जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा पर गंभीर आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट की कार्यवाही से खुद को अलग किया। जानें क्या है हितों के टकराव का पूरा मामला और सॉलिसिटर जनरल पर केजरीवाल के दावे।

अरविंद केजरीवाल बोले- जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा से न्याय की उम्मीद खत्म, गांधी के सत्याग्रह का अपनाएंगे रास्ता

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और पूर्व दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को एक वीडियो संदेश जारी कर दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा पर फिर से गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि शराब नीति घोटाला मामले में वे हाईकोर्ट में खुद पेश नहीं होंगे और न ही कोई वकील उनकी तरफ से दलीलें रखेगा। केजरीवाल ने जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा को एक पत्र भी लिखा है। इसमें उन्होंने अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनते हुए महात्मा गांधी के सत्याग्रह का रास्ता अपनाने का फैसला बताया।

केजरीवाल के मुख्य आरोप..
1.जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा के दोनों बच्चे (बेटा और बेटी) केंद्र सरकार के वकील पैनल में हैं।
2.सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता (जो इस मामले में CBI की तरफ से पेश हो रहे हैं) उनके बच्चों को केस सौंपते हैं।
3.जस्टिस शर्मा के बेटे को 2023-2025 के बीच करीब 5904 केस मिले, जिससे उनके बच्चों ने करोड़ों रुपये कमाए।

 # केजरीवालका कहना है कि जब जज के बच्चों का भविष्य सॉलिसिटर जनरल तय कर रहे हैं, तो क्या जज उनके खिलाफ फैसला सुना पाएंगी? इससे हितों का टकराव (Conflict of Interest) साफ दिखता है।

केजरीवाल के वीडियो के कुछ पॉइंट्स..
A.मुझे एक झूठे केस में फंसाया गया, चुनी हुई सरकार गलत तरीके से गिराई गई।

B.कई महीने जेल में रखा गया, लेकिन निचली अदालत ने मुझे पूरी तरह बरी कर दिया।

C.निचली अदालत ने CBI जांच पर सवाल उठाए और जांच अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए। 

D.CBI ने तुरंत हाईकोर्ट में अपील की, जहां जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा सुनवाई कर रही हैं।

E.भारत सरकार के पैनल में 700 वकील हैं, लेकिन जस्टिस शर्मा के बेटे को सबसे ज्यादा केस मिले। यह राजनीतिक रूप से संवेदनशील मामला है, इसलिए पक्षपात की आशंका है।

उन्होंने पहले कहा था कि जस्टिस शर्मा RSS से जुड़े अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद के कार्यक्रमों में कई बार शामिल हो चुकी हैं।

जज को हटाने की मांग..

27 फरवरी 2026 को ट्रायल कोर्ट ने केजरीवाल समेत 23 आरोपियों को बरी कर दिया और CBI जांच की कड़ी आलोचना की। CBI ने इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की। 9 मार्च को जस्टिस शर्मा ने नोटिस जारी किया और जांच अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई वाले हिस्से पर रोक लगा दी। केजरीवाल ने 13 अप्रैल को खुद कोर्ट में दलीलें रखीं और जज को हटाने की याचिका दायर की। 15 अप्रैल को हलफनामा दायर कर बच्चों के केंद्र सरकार पैनल में होने का मुद्दा उठाया। 20 अप्रैल को जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने केजरीवाल की रिक्यूजल याचिका खारिज कर दी। उन्होंने कहा- मेरा शपथ संविधान से है, दबाव से नहीं। कोई भी राजनीतिक नेता जज को चुन नहीं सकता।

शराब नीति घोटाला मामले का बैकग्राउंड..
दिल्ली सरकार ने 2021 में नई आबकारी नीति बनाई थी, जिसे बाद में अनियमितताओं के आरोप में रद्द कर दिया गया। CBI और ED का आरोप है कि नीति के जरिए निजी कंपनियों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया।

केजरीवाल को 2024 लोकसभा चुनाव के दौरान गिरफ्तार किया गया। उन्हें 156 दिन जेल में रहने के बाद सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली। मनीष सिसोदिया 530 दिन जेल में रहे। ट्रायल कोर्ट ने 27 फरवरी 2026 को सभी आरोपियों को बरी कर दिया।

अब CBI की अपील पर हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही है। केजरीवाल ने कहा कि न्याय की उम्मीद खत्म होने के बाद उन्होंने सत्याग्रह का रास्ता चुना है।