इंदौर में 9 जून से 13 जून तक 5 दिवसीय ब्रिक्स सम्मेलन 20 देशों के प्रतिनिधि जुटेंगे

इंदौर में 9 जून से 11 जून तक 5 दिवसीय ब्रिक्स सम्मेलन 20 देशों के प्रतिनिधि जुटेंगे पहले दिन पहले दिन संयुक्त घोषणा-पत्र के मसौदे पर मंथन

इंदौर में 9 जून से 13 जून तक 5 दिवसीय ब्रिक्स सम्मेलन 20 देशों के प्रतिनिधि जुटेंगे

इंदौर: 9 से 13 जून तक अंतरराष्ट्रीय स्तर के ब्रिक्स (BRICS) कृषि सम्मेलन का आयोजन होने जा रहा है। भारत की अध्यक्षता में आयोजित इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में ब्रिक्स सदस्य और साझेदार देशों सहित करीब 20 देशों के कृषि मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और एक्सपर्ट्स भाग लेंगे। 9 से 13 जून तक कृषि कार्य समूह (एग्रीकल्चर वर्किमग ग्रुप) की बैठकें आयोजित की जाएंगी। इसके बाद 12 से 13 जून को कृषि मंत्रियों की मंत्रीस्तरीय बैठक होगी, जिसमें कृषि क्षेत्र से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की जाएगी सम्मेलन में खाद्य सुरक्षा, कृषि नवाचार, जलवायु परिवर्तन, कृषि व्यापार और छोटे किसानों के सशक्तिकरण जैसे विषयों पर व्यापक मंथन होगा।

इस पर रहेगा फोकस

इस साल का फोकस खाद्य सुरक्षा, पोषण और आजीविका, एग्री-बिजनेस और सहयोग, जलवायु-अनुकूल और टिकाऊ खेती और खेती व खाद्य प्रणालियों में इनोवेशन और पार्टनरशिप को मजबूत करने पर होगा। भारत की अध्यक्षता में एग्रीकल्चर वर्किंग ग्रुप के तहत अब तक चार चरणों में आठ बैठकें हो चुकी हैं.

इन विषयों पर होगी चर्चा

कॉन्फ्रेंस के दौरान 12 जून को 'छोटे किसानों, महिलाओं और युवाओं के जरिए भविष्य की खाद्य सुरक्षा' विषय पर मंत्रियों की एक विशेष बातचीत होगी। इसके अलावा, भोजन की बर्बादी कम करने, पशुपालन, मछली पालन और किसानों के अधिकारों जैसे अहम विषयों पर विस्तार से चर्चा होगी। ब्रिक्स समूह दुनिया के सबसे प्रभावशाली मंचों में से एक है, जिसमें 11 सदस्य देश और 10 सहयोगी देश शामिल हैं.

वृक्षारोपण अभियान चलाया जाएगा

सम्मेलन के दौरान पर्यावरण संरक्षण और साझा प्रतिबद्धता का संदेश देने के लिए प्रतिनिधियों की भागीदारी से एक खास 'ब्रिक्स वाटिका' (BRICS Garden) तैयार की जाएगी। इस मौके पर सामूहिक वृक्षारोपण अभियान भी चलाया जाएगा। विदेशी प्रतिनिधियों को भारत की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत से परिचित कराने के लिए राजवाड़ा, छप्पन दुकान और मांडू जैसी प्रमुख जगहों के दौरे का इंतजाम किया जाएगा. इसके लिए शहर में खास तैयारियां की गई हैं।

 ब्रिक्स क्या है?

 BRICS दुनिया की प्रमुख उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं का एक समूह है. इसका नाम इसके सदस्य देशों के शुरुआती अक्षरों से बना है.

ब्राजील (B)

रूस (R)

भारत (I)

चीन (C)

दक्षिण अफ्रीका (S)

शुरुआत में इस समूह को BRIC के नाम से जाना जाता था. 2010 में दक्षिण अफ्रीका के शामिल होने के बाद यह BRICS बन गया. हाल के वर्षों में इस समूह का विस्तार हुआ है और इसमें मिस्र, इथियोपिया, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात और इंडोनेशिया जैसे नए सदस्य शामिल हुए हैं.

BRICS का उद्देश्य

 सदस्य देशों के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ाना

व्यापार और निवेश को बढ़ावा देना

कृषि, ऊर्जा, स्वास्थ्य और टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को मजबूत करना

वैश्विक संस्थाओं में विकासशील देशों की आवाज को बुलंद करना

इंदौर में होने वाली बैठक क्यों महत्वपूर्ण है?

 इदौर में होने वाली बैठक में कृषि क्षेत्र, खाद्य सुरक्षा, टिकाऊ खेती, कृषि टेक्नोलॉजी और सदस्य देशों के बीच सहयोग बढ़ाने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी. लगभग 20 देशों के प्रतिनिधियों की भागीदारी के साथ, यह कार्यक्रम भारत और मध्य प्रदेश दोनों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है