CJP ने चुनाव लड़ने का फैसला किया?

NEET आंदोलन के बाद चर्चा में आई CJP ने चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है. संगठन ने कहा कि वह राजनीतिक पार्टी नहीं बल्कि युवाओं के मुद्दों पर सरकार पर दबाव बनाने वाले प्रेशर ग्रुप के रूप में काम करेगा.

CJP ने चुनाव लड़ने का फैसला किया?

NEET पेपर लीक आंदोलन के बाद अचानक पूरे देश में चर्चा में आई कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने साफ कर दिया है कि उसका चुनाव लड़ने का कोई इरादा नहीं है. संगठन के संस्थापक अभिजीत दिपके का कहना है कि CJP नेता बनने नहीं, बल्कि जनता की आवाज उठाने के लिए बनी है.

महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में संगठन की बैठक से पहले अभिजीत दिपके ने कहा कि अभी देश को एक और राजनीतिक पार्टी की जरूरत नहीं है. जरूरत ऐसे लोगों की है जो सरकार से जनता के सवाल पूछें और जरूरी मुद्दों पर दबाव बनाएं. इसलिए CJP आगे भी एक प्रेशर ग्रुप की तरह ही काम करेगी.

दिपके ने कहा कि अगर CJP चुनावी पार्टी बन जाती, तो शायद NEET आंदोलन को इतना बड़ा समर्थन नहीं मिलता. इस आंदोलन में अलग-अलग सोच और अलग-अलग दलों के लोग सिर्फ छात्रों के हक के लिए एक साथ आए थे. यही इसकी सबसे बड़ी ताकत रही.

अब जंतर-मंतर का प्रदर्शन खत्म होने के बाद संगठन आगे की तैयारी में जुट गया है. अगले दो दिन तक चलने वाली बैठक में यह तय होगा कि आने वाले समय में किन मुद्दों को लेकर अभियान चलाया जाएगा. शिक्षा व्यवस्था, E20 पेट्रोल और युवाओं से जुड़े दूसरे मुद्दों पर भी चर्चा होगी.

CJP का कहना है कि वह देशभर के युवाओं से सुझाव लेकर अपना अगला रोडमैप तैयार करेगी. यानी संगठन चाहता है कि आगे का एजेंडा युवाओं की राय से बने.

वहीं, CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि हाल के छात्र आंदोलनों में जिन छात्रों को चोट लगी या जिनके खिलाफ कार्रवाई हुई, उनकी कानूनी और मेडिकल मदद करने की भी कोशिश की जाएगी.

फिलहाल CJP का कहना है कि उसका पूरा फोकस युवाओं, शिक्षा और जनता से जुड़े मुद्दों पर रहेगा, चुनाव लड़ना उसकी प्राथमिकता नहीं है.