IAS नेहा मारव्या की पोस्ट से मचा तहलका, 1 साल में 4 ट्रांसफर पर जताई नाराजगी

2011 बैच की IAS अधिकारी नेहा मारव्या ने हालिया तबादले के बाद IAS ऑफिसर्स एसोसिएशन के व्हाट्सऐप ग्रुप में एक लंबी पोस्ट लिखकर अपनी नाराजगी जाहिर की है।

IAS नेहा मारव्या की पोस्ट से मचा तहलका, 1 साल में 4 ट्रांसफर पर जताई नाराजगी

भोपाल। मध्य प्रदेश में एक बार फिर IAS अधिकारियों के तबादलों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। 2011 बैच की IAS अधिकारी नेहा मारव्या ने हालिया तबादले के बाद IAS ऑफिसर्स एसोसिएशन के व्हाट्सऐप ग्रुप में एक लंबी पोस्ट लिखकर अपनी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि पिछले एक साल में उनका यह चौथा तबादला है और महज 50 दिन में ही उन्हें फिर नई जिम्मेदारी दे दी गई।

हालिया प्रशासनिक फेरबदल में नेहा मारव्या को संचालक, आदिम जाति क्षेत्रीय विकास योजनाएं एवं प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश अनुसूचित जनजाति वित्त विकास निगम की संयुक्त जिम्मेदारी से हटाकर केवल निगम के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी दी गई है।

50 दिन में फिर तबादला, बोलीं- बेहद हतोत्साहित हूं

नेहा मारव्या ने अपनी पोस्ट में लिखा कि 5 सितंबर को जारी तबादला सूची में एक बार फिर अपना नाम देखकर वह काफी विचलित हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि एक अधिकारी को किसी विभाग की व्यवस्था समझने और काम करने के लिए पर्याप्त समय मिलना चाहिए, लेकिन बार-बार तबादलों से काम की निरंतरता प्रभावित होती है।

उन्होंने लिखा कि एक साल में चौथी बार तबादला सूची में नाम आने से वह बेहद हतोत्साहित हैं। उनका कहना है कि उन्होंने हर बार सरकारी आदेशों का सम्मान करते हुए नई जिम्मेदारी स्वीकार की, लेकिन इस बार की स्थिति ने उन्हें निराश किया है।

IAS एसोसिएशन की भूमिका पर भी उठाए सवाल

नेहा मारव्या ने अपनी पोस्ट में IAS ऑफिसर्स एसोसिएशन की भूमिका पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि एसोसिएशन की भूमिका केवल जन्मदिन की बधाई और शुभकामनाओं तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। अधिकारियों के लगातार तबादलों जैसे मुद्दों पर भी एसोसिएशन को अपनी भूमिका निभानी चाहिए।

कर्मचारियों की बगावत को बताया तबादले की वजह

नेहा मारव्या ने अपने तबादले के पीछे एक और गंभीर वजह का जिक्र किया। उनके मुताबिक, उनके अधीन काम करने वाले कुछ कर्मचारियों ने उनके खिलाफ बगावत कर दी थी। उन्होंने दावा किया कि इन कर्मचारियों पर उनका सीधा विभागीय नियंत्रण नहीं था।

पोस्ट के मुताबिक, कुछ कर्मचारियों द्वारा मेज पर हाथ मारने और तबादला करा देने की धमकी देने जैसी शिकायतें भी उनके सामने आई थीं। उन्होंने इन मामलों की उचित माध्यम से शिकायत किए जाने की बात कही।

नेहा मारव्या ने सवाल उठाया कि अगर किसी अधिकारी के अधीन काम करने वाले कर्मचारी बगावत कर उसके तबादले की स्थिति पैदा कर दें, तो इससे प्रशासनिक व्यवस्था में क्या संदेश जाएगा?

"एक महीने में काम भी कैसे समझे अधिकारी?"

नेहा मारव्या ने यह भी लिखा कि उनके खिलाफ महज एक महीने में ही बगावत की स्थिति बन गई। उनके मुताबिक, एक नए अधिकारी को नई जिम्मेदारी और विभाग की कार्यप्रणाली समझने में समय लगता है।

उन्होंने अपने लगातार तबादलों का जिक्र करते हुए कहा कि उनका कार्यकाल कई बार दो से तीन महीने तक ही रहा है। उन्होंने यह भी लिखा कि अधीनस्थ कर्मचारी उन्हें आसान निशाना समझने लगे हैं। बता दें कि 5 सितंबर 2026 को मध्य प्रदेश सरकार ने 11 IAS अधिकारियों के तबादले किए थे। इसी फेरबदल में नेहा मारव्या की जिम्मेदारी में बदलाव किया गया।

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