'Chinki, Momo, Chinese' बिहार में अरुणाचल प्रदेश की लड़कियों के साथ नस्ल भेद
बिहार के एक अस्पताल में अरुणाचल प्रदेश की लड़कियों के साथ “मोमो” कहकर नस्लभेदी व्यवहार का मामला सामने आया, जिसका वीडियो वायरल हो रहा है। यह घटना दिखाती है कि देश में नॉर्थ-ईस्ट के लोगों के साथ नस्लभेद आज भी एक गंभीर और आम समस्या बनी हुई है।
सोशल मीडिया पर बिहार के एक अस्पताल का वीडियो वायरल हो रहा है, जहां अस्पताल की एक अटेंडेंट अरुणाचल प्रदेश की कुछ लड़कियों को “मोमो” कहकर चिढ़ा रही है।
दरअसल, अरुणाचल प्रदेश की एक डांस टीम पटना में प्रस्तुति देने के लिए आई थी। वॉशरूम इस्तेमाल करने के लिए जब वे पटना के एक अस्पताल में जाती हैं, तो वहां की अटेंडेंट उनसे पहले भारतीय होने का प्रमाण और पहचान पत्र मांगती है। जब लड़कियां इसका विरोध करती हैं, तो वह अटेंडेंट सबके सामने उन्हें “मोमो” कहकर चिढ़ाने लगती है।
????Racism incident in Patna! Arunachal dance team faced abuse, asked for ID to use public washroom, called derogatory names. Northeast Indians feel unsafe in own country pic.twitter.com/M0DgY0PeAf
— indiainlast24hr (@indiain24hr) April 3, 2026
बता दें कि यह कोई पहली घटना नहीं है। हाल ही में दिल्ली के मालवीय नगर से भी ऐसा ही एक मामला सामने आया था, जहां एक कपल नॉर्थ-ईस्ट की लड़कियों के साथ बदतमीज़ी कर रहा था और उन्हें नस्लभेद का सामना करना पड़ा था। जिस कपल ने यह किया, वह पढ़ा-लिखा और अच्छे पृष्ठभूमि से था। हालांकि बाद में उस कपल के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई थी।

नॉर्थ-ईस्ट के लोगों के लिए अपने ही देश में नस्लभेद इतना सामान्य हो गया है कि लगभग 70–80% लोग अपनी जिंदगी में कम से कम एक बार इसका सामना जरूर करते हैं। भारत में जब कोविड आया था, उस समय भी कई लोग नॉर्थ-ईस्ट के लोगों को “कोरोना वायरस” कहकर चिढ़ा रहे थे।
भारत के लोग जब विदेश जाते हैं, तब उन्हें खुद नस्लभेद का सामना करना पड़ता है, लेकिन वही लोग अपने ही देश में अपने ही लोगों के साथ नस्लभेद करते हैं।

