भोपाल की झीलों से निकलेंगे देश-दुनिया के चैंपियन: विश्वास सारंग

भोपाल के बोट क्लब में राजा भोज मल्टीक्लास नेशनल सेलिंग चैंपियनशिप का तीसरा संस्करण शुरू हुआ। देशभर के 100 से ज्यादा खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं और प्रतियोगिता से राष्ट्रीय रैंकिंग तय होगी।

भोपाल की झीलों से निकलेंगे देश-दुनिया के चैंपियन: विश्वास सारंग

भोपाल, 11 अगस्त। भोपाल के बोट क्लब में मंगलवार को राजा भोज मल्टीक्लास नेशनल सेलिंग चैंपियनशिप (रैंकिंग) के तीसरे संस्करण का शुभारंभ हुआ। सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने प्रतियोगिता का उद्घाटन किया। 11 से 16 अगस्त तक होने वाली इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देशभर से 100 से ज्यादा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के सेलिंग खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं।]

प्रतियोगिता में खिलाड़ियों के प्रदर्शन के आधार पर उनकी राष्ट्रीय रैंकिंग तय होगी, जो आगे अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व करने की दिशा में अहम भूमिका निभाएगी।

भोपाल की झीलें बन रहीं चैंपियन तैयार करने की जमीन

मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि भोपाल की झीलें अब सिर्फ पर्यटन और प्राकृतिक सुंदरता के लिए ही नहीं जानी जातीं, बल्कि यहां देश के भविष्य के चैंपियन तैयार हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजा भोज मल्टीक्लास नेशनल सेलिंग चैंपियनशिप खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा साबित करने का बड़ा मंच दे रही है।

उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता की हर रेस सिर्फ पदक जीतने की लड़ाई नहीं है, बल्कि खिलाड़ियों के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल करियर की दिशा तय करने वाला मौका भी है।

वाटर स्पोर्ट्स में MP के खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन

सारंग ने बताया कि मध्यप्रदेश वाटर स्पोर्ट्स अकादमी के खिलाड़ियों ने अब तक 28 अंतरराष्ट्रीय और 69 राष्ट्रीय पदक जीते हैं। इसके अलावा खिलाड़ियों ने 37 अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया है।

उन्होंने कहा कि भोपाल का बड़ा तालाब और यहां की प्राकृतिक परिस्थितियां सेलिंग, रोइंग, कयाकिंग और केनोइंग जैसे खेलों के लिए बेहद अनुकूल हैं। मध्यप्रदेश राज्य जल क्रीड़ा अकादमी की स्थापना 2007 में हुई थी और आज यह देश की प्रमुख वाटर स्पोर्ट्स प्रशिक्षण संस्थाओं में शामिल है।

पिछले साल MP ने जीते थे 16 पदक

मंत्री के मुताबिक वर्ष 2025 की राजा भोज मल्टीक्लास सेलिंग चैंपियनशिप में मध्यप्रदेश की टीम ने शानदार प्रदर्शन किया था। प्रदेश के खिलाड़ियों ने कुल 16 पदक जीते थे, जिनमें 8 स्वर्ण, 5 रजत और 3 कांस्य पदक शामिल थे।

प्रतियोगिता की 12 कैटेगरी में से 8 में मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने स्वर्ण पदक अपने नाम किए थे। सारंग ने कहा कि ये उपलब्धियां बताती हैं कि भोपाल अब सिर्फ खेल प्रतियोगिताओं की मेजबानी करने वाला शहर नहीं, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार करने वाला केंद्र बन रहा है।

230 विधानसभा क्षेत्रों में खेल परिसरों की तैयारी

विश्वास सारंग ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार का लक्ष्य प्रदेश के हर प्रतिभावान बच्चे को आगे बढ़ने का मौका देना है। इसी दिशा में प्रदेश की सभी 230 विधानसभा सीटों में खेल परिसरों के निर्माण की दिशा में काम किया जा रहा है, जबकि हर जिले में फीडर सेंटर विकसित किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश पहले राष्ट्रीय खेलों में 17वें स्थान पर रहता था, लेकिन पिछले तीन वर्षों से प्रदेश लगातार तीसरे स्थान पर आ रहा है। वर्तमान में प्रदेश में 18 खेलों की 11 अकादमियां संचालित हो रही हैं।

भोपाल में 1000 करोड़ का अंतरराष्ट्रीय खेल परिसर

मंत्री ने बताया कि भोपाल में करीब 1000 करोड़ रुपये की लागत से अंतरराष्ट्रीय खेल परिसर विकसित किया जा रहा है। इसके पहले चरण का लोकार्पण जल्द होने की बात कही गई है।

उन्होंने बताया कि नवंबर में भोपाल में अंतरराष्ट्रीय महिला हॉकी एशियन चैंपियनशिप का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय एशियन रोइंग चैंपियनशिप भी भोपाल में प्रस्तावित है।

16 अगस्त को होगा समापन

राजा भोज मल्टीक्लास नेशनल सेलिंग चैंपियनशिप 11 से 16 अगस्त तक चलेगी। 16 अगस्त को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में प्रतियोगिता का समापन और पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया जाएगा। इस दौरान विभिन्न वर्गों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित किया जाएगा।

'भोपाल की झीलों से निकलेंगे भविष्य के चैंपियन'

देशभर से आए खिलाड़ियों का स्वागत करते हुए विश्वास सारंग ने कहा कि खिलाड़ी प्रतियोगिता में पूरी ताकत के साथ खेलें और जीत के साथ-साथ भारत के लिए खेलने का सपना भी लेकर आगे बढ़ें।

उन्होंने कहा कि भोपाल की झीलों में सिर्फ नावें नहीं चल रही हैं, बल्कि यहां भारत के भविष्य के चैंपियन अपने सपनों को गति दे रहे हैं। उनका लक्ष्य है कि मध्यप्रदेश की झीलों से निकली प्रतिभाएं देश का तिरंगा दुनिया के बड़े खेल मंचों पर गौरव के साथ फहराएं।