MP विधानसभा बजट सत्र का 9वां दिन, डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल बोले- प्रदेश में सीएम केयर योजना जल्द लाएंगे
सिंगरौली के धिरौली कोल ब्लॉक मामले की जांच को लेकर सदन में हंगामा। कांग्रेस विधायकों ने जांच के लिए विधानसभा समिति गठित करने की मांग की।
भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का आज नौवां दिन है। कार्यवाही की शुरुआत प्रश्नकाल से हुई, जिसमें विधायक विभिन्न विभागों से जुड़े मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगें। कांग्रेस विधायकों ने सिंगरौली के धिरौली कोल ब्लॉक मामले की जांच को लेकर सदन में हंगामा किया। कांग्रेस विधायक जांच के लिए विधानसभा समिति गठित करने की मांग पर अड़े रहे।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि सरकार को जनहित में अपनी योजनाओं के बखान के बजाय उनको कैसे लाभ पहुंचे उसकी बात करनी चाहिए। आपने देखा मंत्री योजनाओ के आंकड़े गिना रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ ओर है। मुख्यमंत्री किसानों से बात करना नहीं चाहते, उनके मंत्री युवाओं के नौकरियों की बात नहीं करना चाहते ना पिछड़ों के आरक्षण की बात की है। आज सिंगरौली पुल ब्लॉक को लेकर चर्चा है। वहां विस्थापन को लेकर आदिवासियों में चिंता है। मैं समझता हूं कि सरकार सिंगरौली के लोगों के साथ न्याय करेगी।

सिंगरौली के धिरौली कोयला परियोजना का मामला
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सवाल किया कितने गांव थे? कितनों का विस्थापन हो गया? कितनों का नहीं हुआ? जिसके जवाब में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने बताया कि 8 गांव में से 5 गांव की जमीन का अधिग्रहण किया गया है। नेता प्रतिपक्ष ने फिर पूछा कि जब 8 गांव आते हैं, तो मतलब 3 गांव का अधिग्रहण नहीं किया गया है। तो फिर कोल विभाग अधिग्रहण किए बगैर कैसे दे दिया है? इस पर मंत्री करण सिंह वर्मा ने कहा- 3.68 अरब से अधिक की राशि से लोगों को बसाएंगे। हर आदिवासी को कम से कम 50 लाख रुपए मिलेंगे।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने पूछा- 12 हजार 98 परिवार हैं। इस हिसाब से 2 लाख प्रति परिवार ही मिलेंगे। 50 लाख कैसे मिलेंगे? तो मंत्री करण सिंह वर्मा ने कहा कि भूमि का दोगुना मुआवजा दिया गया है। मकान का अलग मुआवजा दिया गया। 1552 लोगों को मुआवजा का लाभ मिलेगा। अतिक्रमण करने वालों को लाभ नहीं दिया जाएगा।

पेड़ भी उखड़े जा रहे हैं मिट्टी भी अलग की जा रही है
कांग्रेस विधायक भंवर सिंह शेखावत ने कहा कि पेड़ भी उखड़े जा रहे हैं मिट्टी भी अलग की जा रही है हम यही तो कह रहें हैं। क्या आप खुद बोल रहे हैं कि मिट्टी खुद रही है? और आप उससे इनकार कर रहे हैं। जांच करने से सरकार क्यों डर रही है? इस पर सिंगरौली की प्रभारी मंत्री संपत्तियां उइके ने सदन को जानकारी देते हुए बताया कि घिरौली खदान को लेकर 33 हजार पेड़ काटे गए हैं। खदान अभी शुरू नहीं हुई है, अभी पेड़ और मिट्टी हटाने की कार्यवाही हो रही है। इसके अलावा अधिगृहित जमीन को लेकर मुआवजा देना शुरू हो गया है। कई लोगों को मुआवजा दिया जा चुका है, बिना मुआवजा दिए खदान शुरू नहीं होगी। मैं खुद भी आदिवासी हूं और आदिवासियों के साथ अन्याय नहीं होने देंगे।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा- 3 गांव का अधिग्रहण नहीं हुआ है। पूरा मुआवजा नहीं दिया गया है और कंपनी को काम कैसे दे दिया गया? जब तक जांच नहीं होती काम रुकना चाहिए। आदिवासियों को कब 50-50 लाख मिलेंगे ? 2 महीने के लिए खदान रुक जाएगी तो कुछ बिगड़ेगा नहीं। सरकार ने माना कि पेड़ कट रहे हैं। वहां की लकड़ी छत्तीसगढ़ जा रही थी। वहां के लोगों को हटाया जा रहा है। हमारी मांग है कि एक जेपीसी बना दें, इसमें दोनों के सदस्य आ जाएंगे। इस पर अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा पात्र लोगों को मुआवजा शीघ्र मिलना चाहिए। कोई उल्लंघन होगा तो मंत्री जांच कराएंगे।
अर्चना चिटनीस ने उठाया आयुष्मान में गड़बड़ी का मामला
सदन में भाजपा विधायक अर्चना चिटनीस ने आयुष्मान में गड़बड़ी का मामला उठाया। विधायक ने कहा- एक बड़े गंभीर मुद्दे की तरफ ध्यान आकर्षित करना चाहती हूं। आयुष्मान प्रधानमंत्री की बहुत महत्वाकांक्षी योजना है। मैं किसी अस्पताल का नाम नहीं लूंगी। एक नीति अस्पताल की शिकायत होती है। इसकी जांच शुरू होती है, जांच पूरी नहीं होती है। शिकायत के बाद जो आयुष्मान का अस्पताल के साथ लिंकेज निरस्त हुआ था। वह जहाज पूरे हुआ बिना ही बहाल हो जाता है। मेरी मंत्री जी से मांग है इस प्रकार की महत्वपूर्ण योजनाओं का दुरुपयोग ना हो इसका का ख्याल रखा जाए और ऐसे लोगों पर बंदिश लगाई जाए।
कांग्रेस विधायक भंवर सिंह शेखावत ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अनुमति मांगों पर चर्चा के दौरान कहा कि आज अस्पतालों डिस्पेंसरी की क्या स्थिति है, वह सबके सामने है। आखिर क्यों हम इनको सुधारने में सफल नहीं हो पा रहें हैं? आयुष्मान के इलाज की सच्चाई सभी को पता है इसको छुपाने की कोई बात नहीं है। अस्पतालों में एंबुलेंस मौजूद है, लेकिन उसे चलाने के लिए ड्राइवर नहीं हैं और कई जगह डीजल के लिए भी पैसा उपलब्ध नहीं है। सरकार को यह शर्त रखनी चाहिए कि कोई भी व्यक्ति एमबीबीएस की डिग्री तभी प्राप्त कर सके जब वह कम से कम 2 साल ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा करें।
स्वास्थ्य विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान कां ग्रेस विधायक कैलाश कुशवाहा ने कहा कि हमारे शिवपुरी में अस्पताल है, लेकिन हार्ट का डॉक्टर नहीं है। कोरोना के बाद हर 7 में से एक व्यक्ति को हार्ट अटैक आ रहा है। मेरी मांग है कि शिवपुरी जिले के अस्पताल में हार्ट का डाक्टर दें। महिला चिकित्सक नहीं है नर्सिंग स्टाफ डिलीवरी करा रही है। स्वास्थ्य की स्थिति बहुत ही खराब है। एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंच पा रही है। यह शिकायत पूरे प्रदेश से आ रही है इसकी जा की जाए। इतना ही नहीं कुशवाहा ने दवाओं की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि दवा का असर कम हो रहा है। दवा ही जहर बन रही है। दवाइयां मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव 10 रुपये में पहुंचते है। ऐसा क्यों हो रहा है इसकी जांच होनी चाहिए? कुशवाहा ने नकली दवाइयां बनाने वाली कंपनियों की जांच करने की भी मांग की और कहा कि आसंदी से समय सीमा की याद दिलाने पर उस्मानी कहा कि जब कुत्तों पर 2 घंटे चर्चा हो सकती है तो इंसानों के स्वास्थ्य पर चर्चा कर रहा हूं।
अमरपाटन से कांग्रेस विधायक डॉ. राजेंद्र कुमार सिंह ने अनुदान मांगों पर कहा कि हमने विधानसभा सचिवालय में एक प्रस्ताव दिया है। इसकी पूरी प्रक्रिया कर ली गई है। सरकार के पास विचार के लिए भेजा गया है। हमारे यहां कहावत के बारे में कहा गया ही कि सबसे बड़ा सुख निरोगी काया और दूसरा घर में हो माया, तीसरे और चौथे सुख के बरे में बात नहीं करूंगा। सभी को निशुल्क स्वस्थ सेवा ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में भी व्यवस्था लागू है और मैं चाहता हूं कि ये हमारे यहां भी होना चाहिए। हमारे यहां आयुष्मान है लेकिन यह 5 लाख तक का इलाज मिलता है। सभी बीमारियों के लिए नहीं है, कई बीमारियों में यह राशि कम पड़ती है। आयुष्मान में सीनियर सिटीजन को जोड़ा गया है। किसी से प्रेरणा मिली कि सीनियर सिटीजन को जोड़ा जा सकता है तो बाकी कोरियर सेवा मिलना चाहिए सिर्फ जिनका बीमा कवर है उनको छोड़ा जाना चाहिए। पंजाब सरकार ने भी विधायक लाया है कि इसमें सभी को 10 लाख तक का कवरेज दिया है। इसके लिए पंजाब सरकार 3 हजार करोड़ खर्च करेगी। मैंने जो निजी विधेयक का प्रस्ताव दिया है ,उसमें 15 लाख का कवरेज सबको देने की बात की है। गंभीर बीमारी में यह 25 लाख तक का कवरेज दिया जाए।
CM के निर्देश पर कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह का बयान
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वल्लभ भवन, सतपुड़ा भवन और विंध्याचल भवन में अधिकारियों और कर्मचारियों के आने-जाने के समय को लेकर GAD विभाग को छापामार कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। वहीं, सीएम के अधिकारियों को समय पर कार्यालय पहुंचने के निर्देश पर बीजेपी विधायक रामेश्वर ने कहा कि सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को समय पर पहुंचना चाहिए। कर्मचारी समय पर उपस्थित होंगे, तो प्रशासनिक कार्यों का निदान होगा। आम आदमी के लिए सभी को समय पर पहुंचना आवश्यक है।
पूरी खबर यहां पढ़ें - CM के आदेश पर वल्लभ-सतपुड़ा और विंध्याचल भवन में छापामार...
इसको लेकर विधायक जयवर्धन सिंह ने अधिकारियों के निगरानी के लिए बनाई गई टीम पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि क्या यह कोई स्कूल चला रहे हैं? कि अटेंडेंस और निगरानी हर एक अधिकारी पर रखनी पड़ रही है। क्या अपने अधिकारियों पर सीएम को भरोसा नहीं है? जयवर्धन सिंह ने कहा कि अधिकारी जन सेवा का काम कर रहे हैं और अपने-अपने विभाग का काम संभाल रहे हैं। आखिर क्या नाैबत आ गई कि सीएम साहब को अलग से टीम बनानी पड़ी सबकी निगरानी करने के लिए? यह कहीं ना कहीं एक प्रकार से जो सरकार और अधिकारियों के बीच में जो संबंध में होना चाहिए जो तालमेल होना चाहिए उसे पर ही यह पूरी बात शंका डालता है। मेरी सलाह रहेगी मुख्यमंत्री जो लोग आपके साथ काम कर रहे हैं, आपके नीतियों को जमीन पर लाने के लिए लगातार उन पर भरोसा कीजिए। कहीं ना कहीं आपको आपके अधिकारियों पर ही भरोसा नहीं है।

ध्यानाकर्षण प्रस्ताव में रीवा विद्युतीकरण गड़बड़ी का मामला उठा
रीवा जिले के अनुसूचित जाति एवं जनजाति विभाग द्वारा विद्युतीकरण कार्यों में अनियमितता के दोषियों से वसूली और अपराधी प्रकरण दर्ज किए जाने से उत्पन्न स्थिति की ओर अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री की ओर कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा ने ध्यानाकर्षण किया। अभय मिश्रा ने बताया कि एक ही काम को दो अलग-अलग एजेंसियों के नाम से कूट रचित दस्तावेज बनाकर राशि निकाली गई। इस मामले में जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने और गबन राशि की वसूली करने की कार्रवाई की जाए।
इस पर मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि जो 2022 में यह काम निकला था उसे समय एजेंसी का नाम विभाग रखा गया था। इसके बाद आदेश को संशोधित करके विभाग की जगह एजेंसी कर दिया गया था। उसका संशोधन बाकायदा सरकार ने जारी किया। ऐसे में यह कहना दो एजेंसी से काम कराया गया है और भुगतान कराया गया है। यह असत्य है शायद जानकारी का अभाव। मेरे पास दोनों आदेश है। फिर यदि सदस्य का कहना है कि काम नहीं हुआ है और उसकी जांच करना चाहिए तो हम जांच करने के लिए तैयार है।

इस पर सेमरिया से कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा ने कहा कि इसमें जांच करने में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए मेरा आरोप है कि एक ही काम को अलग-अलग जगह दिखा करके पैसा निकाल लेते हैं. हम विधायकों की यदि विधायक निधि सरेंडर होती है.इस पर मंत्री प्रहलाद पटेल से जांच कराने की मांग की है.मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि हमें कोई दिक्कत नहीं हम जांच करने के लिए तैयार है।
आयुष्मान में गड़बड़ी का मामला उठाया
भाजपा विधायक अर्चना चिटनीस ने सदन में कहा की एक बड़े गंभीर मुद्दे की तरफ ध्यान आकर्षित करना चाहती हूं
आयुष्मान प्रधानमंत्री की बहुत महत्वाकांक्षी योजना है. मैं किसी अस्पताल का नाम नहीं लूंगी एक निजी अस्पताल की शिकायत होती है इसकी जांच शुरू होती है. जांच पूरी नहीं होती है शिकायत के बाद जो आयुष्मान का अस्पताल के साथ लिंकेज निरस्त हुआ था. वह जांज पूरी हुआ बिना ही बहाल हो जाती है. मेरी मंत्री जी से मांग है इस प्रकार की महत्वपूर्ण योजनाओं का दुरुपयोग ना हो इसका का ख्याल रखा जाए और ऐसे लोगों पर बंदिश लगाई जाए.
कांग्रेस विधायक भंवर सिंह शेखावत स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अनुमति मांगों पर चर्चा के दौरान कहा कि आज अस्पतालों डिस्पेंसरी की क्या स्थिति है. वह सबके सामने आखिर क्यों हम इनको सुधारने में सफल नहीं हो पा रहे. आज बहुत बड़ी पीड़ा की बात है कि हम एक आम आदमी को सस्ता, सुलभ इलाज उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं.आयुष्मान के इलाज की सच्चाई सभी को पता है इसको छुपाने की कोई बात नहीं है।हमारे यहां से जो डॉक्टर एमबीबीएस करके जाते हैं वह अमेरिका और दूसरे देशों की स्वास्थ्य सुविधाएं संभाल रहे हैं. अब 10 साल का ऑडिट करिए. 10 साल में कितने एमबीबीएस डॉक्टर बने और उसमें कितने हमारे मध्य प्रदेश के अस्पतालों में सेवा दें रहे. यह बड़ा सवाल है कि क्यों हमारे अस्पतालों को डॉक्टर नहीं मिल पा रहे क्यों आज एक गांव का व्यक्ति अस्पताल जाता है तो उसे रेफर कर दिया जाता है मैं किसी नकारात्मक स्थिति में नहीं लाना चाह रहा हूं. मैं व्यक्तिगत रूप से मंत्री राजेंद्र शुक्ला जी को कहना चाहता हूं. कि वह इसे सुधारने में लगे हुए,कई जगह तो आप मशीन खरीदने में ही मास्टर है. डायलिसिस की मशीन खरीदी हुई लेकिन मंत्री जी मशीनों को चलाने वाले ऑपरेटर हमारे पास नहीं है. 6 साल से जो मशीन 6 करोड़ में खरीदी गई वह जंग खा गई. आगे उन्होने कहा की इंदौर में 13 साल से जिला अस्पताल का भवन अधूरा पड़ा हुआ है दो-दो मंत्री है इंदौर से है।प्रदेश में कफ सिरप से मौत के मुद्दे को उठाते हुए शेखावत ने कहा कि प्रदेश में कफ सिरप बिक रहा है इससे 25 बच्चे मर गए हम कहते हैं मंत्री का इस्तीफा दो लेकिन मंत्री क्या करेगा हमारी व्यवस्था कितनी चरमरा गई. कहीं ना कहीं आपके तंत्र आपकी व्यवस्था में गड़बड़ी है।
कुशवाहा ने नकली दवाइयां बनाने वाली कंपनियों की जांच करने की भी मांग की
स्वास्थ्य विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान कुशवाहा ने कहा किहमारे शिवपुरी में अस्पताल है, लेकिन हार्ट का डॉक्टर नहीं है. एक गंभीर बीमारी जब से कोरोना हुआ कोरोना के बाद हर 7 में से एक व्यक्ति को हार्ट अटैक आ रहा है. मेरी मांग है कि शिवपुरी जिले के अस्पताल में हार्ट का डाक्टर दे. महिला चिकित्सक नहीं है नर्सिंग स्टाफ डिलीवरी करा रही है. स्वास्थ्य की स्थिति बहुत ही खराब है. एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंच पा रही है. यह शिकायत पूरे प्रदेश से आ रही है इसकी जा की जाए. कुशवाहा ने दवाओं की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि दवा का असर कम हो रहा है. दवा ही जहर बन रही है दवाइयां मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव MR 10 रुपये में पहुचते है. उसको 110 rupye मे बेचा जा रहा है. ऐसा क्यों हो रहा है इसकी जांच होनी चाहिए. आसंदी से समय सीमा की याद दिलाने पर उस्मानी कहा कि जब कुत्तों पर 2 घंटे चर्चा हो सकती है तो इंसानों के स्वास्थ्य पर चर्चा कर रहा हूं.
अमरपाटन से कांग्रेस विधायक डा राजेंद्र कुमार सिंह ने अनुदान मांगों पर कहा
हमने विधानसभा सचिवालय में एक प्रस्ताव दिया है इसकी पूरी प्रक्रिया कर ली गई है सरकार के पास विचार के लिए भेजा गया है यह एक निजी विधेयक है. हमारे यहां कहावत के बारे में कहा गया ही की सबसे बड़ा सुख निरोगी काया और दूसरा घर में हो माया तीसरे और चौथे सुख के बरे में बात नहीं करूंगा. मेरा जो विधयक है सभी को निशुल्क स्वास्थ सेवा. ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में भी व्यवस्था लागू है और मैं चाहता हूं कि यह हमारे यहां भी होना चाहिए. हमारे यहां आयुष्मान है लेकिन यह 5 लाख तक का इलाज मिलता है सभी बीमारियों के लिए नहीं है कई बीमारियों में यह राशि कम पड़ती है. आयुष्मान में सीनियर सिटीजन को जोड़ा गया है.पंजाब सरकार ने भी विधेयक लाया है इसमें सभी को 10 लाख तक का कवरेज दिया है. इसमें पंजाब सरकार 3 हजार करोड सालाना खर्च करेगी.मैंने जो निजी विधयक का प्रस्ताव दिया है उसमें 15 लाख का कवरेज सबको देने की बात की है. गंभीर बीमारी में यह 25 लाख तक का कवरेज दिया जाए.
चूहों को कंट्रोल करने के लिए करोड़ों रुपए खर्च-नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सदन में कहा कि मध्य प्रदेश में कैग की रिपोर्ट इस बात का प्रमाण है। चूहों को कंट्रोल करने के लिए करोड़ों रुपए का खर्च किया जा रहा है। इसमें भी भ्रष्टाचार किया जा रहा है। यदि ड्रग सेफ्टी पर खर्चा देखा जाए तो मध्य प्रदेश के प्रति व्यक्ति पर एक रुपए से अधिक खर्च आ रहा है लेकिन सरकार मामले पर कुछ नहीं करती है। प्रदेश में अवैध और प्रतिबंधित दवाओं का काला कारोबार चरम पर है। नए तरीके का भ्रष्टाचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य एक बड़ा मुद्दा है लेकिन मानसिक स्वास्थ्य की उपेक्षा हो रही है। युवा आत्महत्या की तरफ जा रहे हैं। 32,385 आत्महत्या के मामले दर्ज किए गए हैं। 42 आत्महत्या प्रतिदिन हो रही हैं।नरसिंहपुर की घटना को लेकर हाईकोर्ट ने सरकार को 90 दिन में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर बेहतर व्यवस्था करने का निर्देश दिया था।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि सरकर बार बार कहती है कि अस्पतालों के लिए भवन बन रहे हैं। इन बिल्डिंगों में डॉक्टर नहीं है। यह बिल्डिंग किनके के लिए बना रहे हैं। अस्पतालों में चूहे निकल रहे हैं। इंदौर में पेस्ट कंट्रोल पर करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं। एयर एंबुलेंस की बात हो रही है कि कई मरीजों को हमने एयरलिफ्ट किया। सरकार बार-बार 2047 का सपना दिखाती है। क्या 2047 में उप स्वास्थ्य केंद्रों पर डॉक्टरों की भर्ती होगी। टेलीमेडिसिन की बात हो रही है। स्वास्थ्य केन्द्रों में डॉक्टर नहीं है। क्या सरकार छिंदवाड़ा में 26 मासूम की मौत के बाद नहीं सीखी है।
मप्र में जल्द लांच होगी सीएम केयर योजना-राजेंद्र शुक्ल
प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री एवं उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि मप्र में जल्द सीएम केयर योजना लांच होगी. सदन में स्वास्थ्य विभाग की बजट अनुदान मांगो पर चर्चा के दौरान मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने बताया कि इस योजना के तहत मप्र के मेडिकल कॉलेजों में हार्ट, किडनी, लीवर जैसे आर्गन ट्रांसप्लांट किए जाएंगे.मंत्री के अनुसार प्रदेश में अब तक 1700 लोगो ने आर्गन डोनेट किए हैं. स्वास्थ्य मंत्री ने प्रदेश में डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए नए मेडिकल खोलने, और लगातार भर्ती प्रक्रिया करने की बात कही स्वास्थ्य मंत्री ने कहा प्रदेश जिस गति से मेडिकल कॉलेज खोलने की योजना पर काम कर रहा है.उससे आने वाले समय में हम डॉक्टरों की डिमांड के मामले में सरप्लस होंगे. पिछले 2 वर्ष में एमबीबीएस की 1 हजार और पीजी की 900 सीट प्रदेश में बढ़ी है.अगले वर्ष बुधनी, दमोह, और छतरपुर में मेडिकल कॉलेज शुरू करने जा रहे है.आयुष्मान योजना में गड़बड़ी सहित तमाम आरोपों के बीच स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि प्रदेश में 13 हजार करोड़ के आयुष्मान भुगतान किए गए हैं.कर्मचारियों की भी भर्ती प्रक्रिया की जा रही है।

8वें दिन निराश्रित गोवंश, अदाणी कोल माइंस, टूटते पुलों को लेकर हंगामा
मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के आठवें दिन सदन में निराश्रित गोवंश, अदाणी कोल माइंस, मास्टर प्लान और टूटते पुलों के मुद्दे पर जोरदार हंगामा हुआ। विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी बहस के चलते कार्यवाही कई बार बाधित हुई। कोल माइंस के लिए पेड़ों की कटाई के मुद्दे पर कांग्रेस विधायकों ने आपत्ति जताई। कांग्रेस का कहना था कि कोल माइंस परियोजना के लिए की जा रही पेड़ कटाई गैर जरूरी है और इससे पर्यावरण को नुकसान होगा। वहीं भाजपा की ओर से जवाब दिया गया कि पेड़ कटाई से कोई बड़ा नुकसान नहीं होगा और सभी प्रक्रियाएं नियमानुसार की जा रही हैं।
कांग्रेस विधायक भंवर सिंह शेखावत ने इंदौर के मास्टर प्लान को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि मंत्री कह रहे हैं कि मास्टर प्लान बनाकर मुख्यमंत्री को सौंप दिया गया है और वह उनके पास लंबित है। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री और मुख्यमंत्री के बीच समन्वय की कमी के कारण इंदौर जैसे ऐतिहासिक शहर का मास्टर प्लान अटका हुआ है। वहीं तराना से कांग्रेस विधायक महेश परमार ने लोक निर्माण विभाग को घेरते हुए कहा कि जब से राकेश सिंह पीडब्ल्यूडी मंत्री बने हैं, तब से पुल टूटने के मामलों में रिकॉर्ड बन रहा है। उन्होंने भोपाल में बने 90 डिग्री एंगल वाले ब्रिज का मुद्दा उठाते हुए कहा कि यदि पुल सही बना था तो संबंधित अधिकारियों को प्रोत्साहित क्यों नहीं किया गया और उन्हें निलंबित क्यों किया गया। उन्होंने सरकार से इस पर स्पष्ट जवाब देने की मांग की।
Varsha Shrivastava 
