भारत में इबोला का कोई केस नहीं: युगांडा से आई महिला की रिपोर्ट नेगेटिव

भारत सरकार ने साफ किया है कि देश में इबोला वायरस का कोई मामला नहीं मिला है। युगांडा से बेंगलुरु पहुंची एक महिला में इबोला जैसे लक्षण दिखाई दिए थे, लेकिन उसकी टेस्ट रिपोर्ट नेगेटिव आई। सरकार ने कहा है कि फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है, हालांकि एयरपोर्ट्स और स्वास्थ्य विभाग को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

भारत में इबोला का कोई केस नहीं: युगांडा से आई महिला की रिपोर्ट नेगेटिव

भारत सरकार ने बुधवार को स्पष्ट किया है कि देश में इबोला वायरस (Ebola Virus) का एक भी मामला नहीं है। दरअसल, युगांडा से बेंगलुरु आई एक महिला में इबोला जैसे हल्के लक्षण दिखने के बाद हड़कंप मच गया था, लेकिन राहत की बात यह है कि महिला की जांच रिपोर्ट पूरी तरह नेगेटिव आई है। अधिकारियों के मुताबिक, महिला फिलहाल पूरी तरह स्वस्थ है। सरकार ने नागरिकों से पैनिक न होने की अपील की है, हालांकि एहतियात के तौर पर एयरपोर्ट्स और अन्य जगहों पर निगरानी काफी बढ़ा दी गई है।

बेंगलुरु एयरपोर्ट पर हड़कंप, एहतियातन किया गया था आइसोलेट..
कब और कहां पहुंची महिला..
यह महिला 23 मई को बेंगलुरु एयरपोर्ट पहुंची थी।

क्या थे लक्षण..
महिला के शरीर में हल्का दर्द और इबोला से मिलते-जुलते शुरुआती लक्षण थे।

प्रशासन का एक्शन..
एयरपोर्ट पर थर्मल स्कैनिंग के दौरान संदिग्ध लक्षण दिखने पर महिला को तुरंत सरकारी अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट किया गया।

ट्रैकिंग शुरू..
एहतियात के तौर पर प्रशासन उस महिला के संपर्क में आए अन्य सह-यात्रियों और लोगों की भी पहचान (Contact Tracing) कर रहा है।

भारत सरकार अलर्ट..
स्वास्थ्य मंत्री ने की हाई-लेवल मीटिंग, अफ्रीकी देशों में पैर पसार रहे इबोला को देखते हुए भारत सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।

हाई-लेवल मीटिंग..
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने 25 मई को ही स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की थी, जिसमें देश में तैयारियों का जायजा लिया गया।

एयरपोर्ट्स पर सख्ती..
आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट समेत देश के कई बड़े हवाई अड्डों पर विदेश से आने वाले यात्रियों की कड़ी थर्मल स्कैनिंग की जा रही है।

अफ्रीका में कोहराम..
कांगो में 80 मौतें, WHO ने घोषित की ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी, इबोला वायरस इस समय अफ्रीकी देश कांगो (DR Congo) और युगांडा में तेजी से फैल रहा है।

मौत का आंकड़ा..
कांगो के पूर्वी इटुरी प्रांत में अब तक इबोला से 80 लोगों की जान जा चुकी है और 246 संदिग्ध मामले सामने आए हैं। युगांडा में भी अब तक 8 मामलों की पुष्टि हो चुकी है।

WHO का रुख..
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी घोषित कर दिया है, हालांकि इसे अभी महामारी (Pandemic) की कैटेगरी में नहीं रखा गया है।

नया स्ट्रेन बना बड़ी चिंता..
इस बार अफ्रीका में इबोला का 'बुंडीबुग्यो स्ट्रेन' (Bundibugyo Strain) मिला है। चिंता की बात यह है कि इबोला के ज्यादातर मौजूदा टीके और इलाज 'जायरे स्ट्रेन' को ध्यान में रखकर बनाए गए थे, इसलिए इस नए स्ट्रेन पर वैज्ञानिक कड़ी नजर रख रहे हैं।

क्या है इबोला वायरस..
इबोला पहली बार 1976 में अफ्रीका की इबोला नदी के पास मिला था, जिसके नाम पर इसका नामकरण हुआ। यह एक बेहद जानलेवा बीमारी है, जिसमें मरीजों की मृत्यु दर 25% से 90% तक होती है। यह वायरस संक्रमित व्यक्ति के खून, उल्टी और शरीर के अन्य तरल पदार्थों (Body Fluids) के सीधे संपर्क में आने से फैलता है।