पैसों के लिए दोस्त की हत्या, अमकुई हत्याकांड का खुलासा

सतना के अमकुई हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा करते हुए आरोपी सुधीर उर्फ श्यामू को गिरफ्तार किया है। पैसों और सामान खरीदने की चाहत में आरोपी ने दोस्त की तार से गला घोंटकर हत्या कर दी थी।

पैसों के लिए दोस्त की हत्या, अमकुई हत्याकांड का खुलासा
पब्लिक वाणी

सतना। पैसे की जरूरत थी, पैसा कैसे मिले, इसके लिए तमाम जतन किए लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। तब युवक ने अपने ही दोस्त को मौत के घाट उतारकर उसके बैंक खाते से रुपए निकालने का प्लान बनाया। दोस्ती की आड़ में युवक को फुल्की खिलाने के बहाने ले गया। जीआई तार से गला घोंटकर हत्या कर लाश को झाड़ियों के बीच फेंककर बोरी से ढक दिया। हालांकि मृतक के मोबाइल का पासवर्ड जानने के बावजूद आरोपी उसके खाते से अपने खाते में रुपए ट्रांसफर नहीं करा पाया। अमकुई हत्याकांड की गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

झाड़ियों में मिली थी लाश

जानकारी के अनुसार जसो थाना अंतर्गत अमकुई निवासी अतुल कुशवाहा पिता रामकेस कुशवाहा उम्र 21 वर्ष गांव में ही ऑनलाइन और फोटोकॉपी की दुकान का संचालन करता था। एक अगस्त की रात लगभग साढ़े 8 बजे दुकान बंद करने के बाद अतुल घर नहीं लौटा। परिजनों ने मोबाइल पर संपर्क किया, लेकिन मोबाइल स्विच ऑफ मिला। हर जगह तलाश करने के बाद परिजनों ने अगले दिन जसो थाना में गुमशुदगी दर्ज कराई। चार अगस्त की सुबह अमकुई गांव के सरकारी स्कूल के पीछे पहाड़ के पास भटिया में झाड़ियों के बीच एक लाश पड़ी हुई मिली। सूचना पर पुलिस और गांव के लोग मौके पर पहुंचे। मृतक की पहचान तीन दिन से लापता चल रहे अतुल कुशवाहा के रूप में की गई। पीएम रिपोर्ट में मौत की वजह गला घोंटना बताया गया।

गाड़ी और मोबाइल खरीदने के लिए चाहिए थे रुपए

लापता अतुल की लाश मिलने पर परिजनों ने पुलिस को बताया कि वह अंतिम बार सुधीर उर्फ श्यामू के साथ देखा गया था। पुलिस ने परिजनों के बयान के बाद जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्य के आधार पर सुधीर उर्फ श्यामू नामदेव पिता संजूलाल नामदेव उम्र 19 वर्ष निवासी अमकुई को हिरासत में लिया। पूछताछ में सुधीर उर्फ श्यामू ने पुलिस को बताया कि उसे दोपहिया गाड़ी व मोबाइल खरीदना था, लेकिन उसके पास पैसे नहीं थे। पुराना दोस्त अतुल कियोस्क की दुकान चलाता था और वह हर दिन हजार रुपए कमाता था। दोस्ती होने की वजह से अतुल ने अपने मोबाइल का पासवर्ड भी बता दिया था। गाड़ी और मोबाइल खरीदने की चाहत में अतुल से रुपए हड़पने का प्लान बनाया। एक अगस्त को दुकान बंद कर अतुल घर जा रहा था। फुल्की खिलाने के बहाने उसे बाइक में बैठाकर बठिया की तरफ ले गया। जीआई तार से गला घोंटकर उसका मोबाइल छीन लिया और जेब में रखे पैसे निकाल लिए। शव को झाड़ियों के बीच रखकर ऊपर से बोरा रख दिया।

फिर भी खाते से नहीं निकाल पाया पैसा

अपनी शौक का सामान खरीदने के लिए दोस्त की हत्या करने वाले आरोपी सुधीर उर्फ श्यामू ने पुलिस को बताया कि उसने हत्या के बाद अतुल के शव को झाड़ियों के बीच ऐसा छिपाया था कि काफी समय तक किसी को जानकारी न लगे। वह अतुल का मोबाइल लेकर दूसरे शहर जाकर उसके खाते से पैसे निकालकर अपने खाते में ट्रांसफर करना चाह रहा था, लेकिन वह ऐसा नहीं कर पाया। आरोपी सुधीर उर्फ श्यामू ने पुलिस को बताया कि अतुल के पास जितनी नगदी होने की उम्मीद उसे थी, हत्या के बाद उम्मीद के अनुसार अतुल की जेब से उतनी नगदी नहीं मिली। आरोपी सुधीर उर्फ श्यामू ने यह भी स्वीकार किया कि पैसे को लेकर 27 जुलाई को उसका विवाद मृतक अतुल से हुआ था।

आक्रोशित भीड़ ने किया था पथराव

लापता अतुल की लाश मिलने पर कई थानों का पुलिस बल अमकुई भेजा गया था। आक्रोशित ग्रामीणों ने डायल 112 को खदेड़ लिया। पुलिस कर्मियों पर पथराव किया था। वाहनों में तोड़फोड़ की थी। पुलिस को शव उठाने से रोक दिया था। तकरीबन 35 घंटे तक चले धरना-प्रदर्शन के बाद परिजन शव लेकर अंतिम संस्कार के लिए प्रयागराज जाने को राजी हुए थे। आरोपी के कब्जे से जीआई तार, मृतक का मोबाइल फोन और नगदी बरामद की गई है। कार्रवाई में थाना प्रभारी नागौद मनोज सोनी, फोरेंसिक टीम के अधिकारी डॉ. महेंद्र सिंह, सर्विलांस टीम के प्रभारी एसआई अजीत सिंह एवं जसो थाना का पुलिस बल शामिल रहा।