Rewa में सरकारी किताबों का बड़ा घोटाला: गोदाम से 450 बंडल किताबें गायब, FIR दर्ज

सरकारी स्कूलों की 450 बंडल मुफ्त किताबें गायब: बच्चों को बांटने वाली किताबें बाजार में पहुंचने का शक: Rewa Textbook Corporation गोदाम की जांच शुरू

Rewa में सरकारी किताबों का बड़ा घोटाला: गोदाम से 450 बंडल किताबें गायब, FIR दर्ज

Rewa। सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को नि:शुल्क बांटी जाने वाली पाठ्य पुस्तकों के वितरण में बड़ी अनियमितता का मामला सामने आया है। Rewa Textbook Corporation के गोदाम से करीब 450 बंडल किताबें गायब मिली हैं। ये किताबें लगभग दो ट्रक के बराबर बताई जा रही हैं। मामले की जानकारी सामने आने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है।

पुस्तकों के गायब होने को लेकर Chorhata Police Station में एफआईआर दर्ज कराई गई है। वहीं मामले की जांच के लिए Bhopal से तीन अधिकारियों की टीम Rewa पहुंची है, जो गोदाम में रखे स्टॉक, वितरण रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जांच कर रही है।

स्टॉक मिलान में सामने आई बड़ी गड़बड़ी

जानकारी के अनुसार, शासकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों को बांटने के लिए भेजी गई किताबों का जब गोदाम में स्टॉक मिलान किया गया तो बड़ी संख्या में पुस्तकें कम मिलीं। शुरुआती जांच में करीब 450 बंडल किताबों के गायब होने की बात सामने आई है।

अधिकारियों के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि वास्तव में कितनी किताबें गायब हुई हैं और उनकी कुल कीमत कितनी है। प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक इन पुस्तकों की कीमत लाखों रुपये में बताई जा रही है।

Bhopal से पहुंची टीम कर रही जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए Textbook Corporation Bhopal के अधिकारियों ने जांच टीम गठित कर Rewa भेजी है। टीम गोदाम में रखी किताबों को व्यवस्थित कर स्टॉक का मिलान कर रही है। जांच में वितरण रजिस्टर, स्टॉक रजिस्टर और अन्य सरकारी रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूरी प्रक्रिया के बाद ही गायब पुस्तकों की सही संख्या और नुकसान का आकलन हो सकेगा।

बाजार में किताबें पहुंचने की आशंका

सरकारी स्कूलों के बच्चों के लिए छपने वाली नि:शुल्क किताबों के बाजार में बिकने की शिकायतें पहले भी सामने आती रही हैं। इस मामले में भी आशंका जताई जा रही है कि कहीं सरकारी पुस्तकों को विद्यार्थियों तक पहुंचाने के बजाय बाजार में तो नहीं पहुंचाया गया।

विभागीय अधिकारियों ने गोदाम में काम करने वाले कर्मचारियों और अन्य संबंधित लोगों पर भी संदेह जताया है। पुलिस अब उनसे पूछताछ की तैयारी कर रही है। इसके साथ ही विभागीय स्तर पर भी जांच जारी है।

कलेक्टर के निर्देश के बाद खुला मामला

बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले ही सरकारी स्कूलों में किताबों के वितरण में देरी और अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई थीं। इसके बाद Rewa Collector Narendra Suryavanshi ने मामले को गंभीरता से लेते हुए किताबों के वितरण की स्थिति की जानकारी मांगी थी। जब गोदाम में उपलब्ध पुस्तकों का रिकॉर्ड से मिलान किया गया तो बड़ी संख्या में किताबें कम मिलीं। इसके बाद विभाग ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने शुरू की कार्रवाई

Chorhata Police ने मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब गोदाम से जुड़े कर्मचारियों, रिकॉर्ड और वितरण प्रक्रिया से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच करेगी। विभाग और पुलिस दोनों स्तरों पर जांच जारी है।

अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ होगा कि किताबें किस तरह गायब हुईं और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।