शीतल पैराडाइस के खिलाफ नगर निगम ने जारी किया नोटिस

नगर निगम ने शीतल पैराडाइस को नोटिस जारी करते हुए 3 दिन के अंदर जवाब मांगा है। जवाब नहीं देने पर एक पक्षीय कार्रवाई करने की बात कही है।

शीतल पैराडाइस के खिलाफ नगर निगम ने जारी किया नोटिस

भोपाल: अयोध्यानगर स्थित शीतल पैराडाइज बिल्डिंग के ऑनर मुकेश जैन को नगर निगम ने  नोटिस भेजा है। बिल्डर ने रहवासियों के साथ सरकार को भी करोड़ों का चूना लगाया। अनुमति से कई गुना ज्यादा फ्लैट बनाकर एक तरफ जहां करोड़ों की कमाई की।

रहवासियों को  लोक-लुभावन सपने दिखाकर पूरी तरीके से ठगने का काम किया। पब्लिक वाणी ने जब अपने समाचार पत्र और डिजिटल मीडिया में इस मुद्दे को उठाया तो उसके बाद नगर निगम ने नोटिस भेजने की कार्रवाई की।

नगर निगम  के निरीक्षण में मिली कई कमियां

1.विकास अनुज्ञा में दर्शित कुल 146 फ्लैट जिसमें (126-सामान्य, 12-EWS 8-LIG) के स्थान पर कुल 222 फ्लैट का निर्माण किया गया है।

2. बेसमेंट में 01 कम्युनिटी हॉल एवं सोसाइटी कार्यालय संचालित पाए गया जो की लगभग 1500 वर्गफुट पर पार्किंग के स्थान पर बनाया गया है। इसके अतिरिक्त बेसमेंट में 03 कमरे निर्मित पाए गए, जिनका विवरण निम्नानुसार है-

1.कक्ष क्रमांक 01 (लगभग 50 वर्गफुट) लिफ्ट के सामने स्थित जिसमें ड्राइवर सौरव कुशवाहा निवासरत है।

2. कक्ष क्रमांक 02 (लगभग 50 वर्गफुट) सीढ़ियों के नीचे स्थित जिसमें कॉलोनी का केयरटेकर अरविन्द बेलवंशी (बिट्टू) निवासरत है।

3. कक्ष क्रमांक 03 (लगभग 40 वर्गफुट) रैम्प के नीचे स्थित जिसमें रमेश कटारा निवासरत है।

3 TNCP द्वारा अनुमोदित अभिन्यास में EWS हेतु आरक्षित भूमि पर प्रस्तावित G+2 ब्लॉक का निर्माण करने के श्थान पर मंदिर का निर्माण किया गया है।

4. प्रकोष्ठ घोषणा पत्र में सेकेंड एवं थर्ड फ्लोर पर रिक्त छोड़े गए स्थानों पर प्रत्येक फ्लोर पर 3 अतिरिक्त फ्लैट का निर्माण किया गया है।

5. दो पहिया वाहन पार्किंग हेतु निर्धारित क्षेत्र के स्थान पर बिल्डर द्वारा कार्यालय का निर्माण किया गया है तथा दो अन्य कार्यालय भी संचालित पाए गए।

 'लिफ्ट खराब काफी समय से फायर ऑडिट नहीं'

  • शीतल पैराडाइस के निवासी दिलीप तिवारी के मुताबिक, बिल्डर मुकेश जैन ने हाइराइज बिल्डिंग के ऊपर मोबाइल का टॉवर भी लगावाया है जिसका किराया भी बिल्डर खुद ही वसूल रहा है।
  • इसके साथ ही एक महिला के सपोर्ट से  यहां पर 60-70 फ्लैट रेंट से चलाए जा रहे हैं। जिनका ना तो कोई रेंट एग्रीमेंट बनवाया जाता न ही यहां रहने वालों की नजदीकी थाने में कोई सूचना दी जाती है। जिसकी शिकायत भी थाने में रहवासियों के द्वारा कई बार की जा चुकी है।
  • बिल्डिंग में लगी लिफ्ट भी काफी समय से बंद पड़ी है जिससे लोगों को सीढ़ियों के माध्यम से अपने प्लैट तक पहुंचना पड़ता है।
  • यहां लगे फायर सेफ्टी सिस्टम का ऑडिट भी पिछले कई सालों से हुआ ही नहीं।  यदि गलती से भी बिल्डिंग में आग लग जाए तो कितना बड़ा हादसा होगा इसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती।

आग लगने पर सुरक्षित स्थान की जगह फ्लैट का निर्माण

बिल्डिंग में आग लगने पर एक स्पेस बनाया जाता है जहां लोग रूककर अपने आप को सुरक्षित रख सकें। उस जगह भी फ्लैट बना दिए गए तो अब कभी इस बिल्डिंग में आग लगने जैसी घटना घटी तो लोगों को बचने की भी जगह नहीं मिलेगी। 

कॉलोनी में सबसे बड़ी खामी देखने को मिली वह बिल्डिंग के दोनों तरफ से गुजर रही हाइटेंशन लाइन जिससे पहले यहां आग लगने जैसी घटना  भी हो चुकी है। इसके बावजूद यहां बिल्डिंग बनाने की परमीशन कैसे मिली बड़ा सवाल है। 

नोटिस का जवाब नहीं देने पर निगम करेगा कार्रवाई

उपरोक्त अनियमिताएँ शीतल पैराडाइस कालोनी में पाई गई है, इसके संबंध में नगर निगम ने 3 दिन के अंदर बिल्डर को पक्ष रखने का समय दिया है। जवाब नहीं देने पर बिल्डर मुकेश जैन के खिलाफ एक पक्षीय कार्रवाई करने की बात कही है।