संसद परिसर में NDA और INDIA ब्लॉक के सांसद आमने-सामने, दोनों पक्षों ने लगाए नारे; कार्यवाही दो बजे तक के लिए स्थागित

संसद के मानसून सत्र के चौथे दिन NDA और INDIA ब्लॉक के सांसद संसद परिसर में आमने-सामने आ गए। राहुल गांधी, अखिलेश यादव, मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कई नेताओं ने प्रदर्शन किया। हंगामे के चलते लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।

संसद परिसर में NDA और INDIA ब्लॉक के सांसद आमने-सामने, दोनों पक्षों ने लगाए नारे; कार्यवाही दो बजे तक के लिए स्थागित

नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के चौथे दिन गुरुवार को संसद भवन परिसर का माहौल काफी गर्म रहा। संसद के बाहर सत्तारूढ़ NDA और विपक्षी INDIA ब्लॉक के सांसद आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की, जिससे परिसर में राजनीतिक तनाव का माहौल बन गया।

विपक्ष की ओर से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव समेत कई वरिष्ठ नेता प्रदर्शन में शामिल हुए। विपक्षी सांसद केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को लेकर विरोध जताते नजर आए।

NDA सांसदों ने भी किया पलटवार

विपक्ष के प्रदर्शन के जवाब में NDA के सांसद भी संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन के लिए उतर आए। दोनों पक्ष आमने-सामने खड़े होकर एक-दूसरे के खिलाफ नारे लगाते रहे। NDA सांसदों ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर 21 जुलाई को हुए राहुल गांधी के धरने का विरोध किया और विपक्ष पर राजनीतिक नौटंकी करने का आरोप लगाया।

NEET मुद्दे पर विपक्ष का प्रदर्शन

INDIA ब्लॉक के सांसद NEET परीक्षा से जुड़े कथित पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार को घेर रहे हैं। विपक्ष की मांग है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दें। इसी मांग को लेकर विपक्ष लगातार संसद के अंदर और बाहर प्रदर्शन कर रहा है।

सदन की कार्यवाही पर पड़ा असर

संसद के भीतर भी विपक्ष का हंगामा जारी रहा। लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई, लेकिन लगातार शोर-शराबे और विरोध के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही कुछ ही मिनटों में स्थगित करनी पड़ी। हंगामे के चलते कार्यवाही पहले दोपहर 2 बजे तक स्थगित की गई। संसद के मानसून सत्र के दौरान विपक्ष और सरकार के बीच टकराव लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में भी सदन के भीतर और बाहर राजनीतिक घमासान जारी रहने के आसार हैं।