UCC के खिलाफ सड़क पर उतरेगा मुस्लिम समाज, 16 से 20 अगस्त तक चलेगा अभियान

Bhopal में UCC के विरोध की रणनीति तैयार, 16 से 20 अगस्त तक चलेगा कैंपेन, मुस्लिम महिलाएं संभालेंगी आंदोलन की कमान

UCC के खिलाफ सड़क पर उतरेगा मुस्लिम समाज, 16 से 20 अगस्त तक चलेगा अभियान

Bhopal। Uniform Civil Code (UCC) को लेकर मध्य प्रदेश में विरोध अभियान शुरू करने की तैयारी है। Bhopal में Congress विधायक Arif Masood ने मुस्लिम धर्मगुरुओं के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आंदोलन की रणनीति की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि UCC को लेकर मुस्लिम समाज अपने अधिकारों और संवैधानिक प्रावधानों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाएगा।

16 से 20 अगस्त तक चलेगा ज्ञापन अभियान

कांग्रेस विधायक Arif Masood ने बताया कि आंदोलन के पहले चरण में 16 से 20 अगस्त तक प्रदेश के सभी जिलों में अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान राष्ट्रपति और राज्यपाल के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपे जाएंगे। प्रत्येक जिले में 21 लोगों का प्रतिनिधिमंडल कलेक्टर से मुलाकात करेगा।

उन्होंने बताया कि प्रतिनिधिमंडल में महिलाओं, युवतियों और युवाओं की बड़ी भागीदारी होगी। करीब 15 से 17 महिलाएं और युवतियां इस प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा रहेंगी। आंदोलन में महिलाओं की भूमिका को खास तौर पर अहम रखा गया है।

दूसरे समुदायों से भी होगा संवाद

विधायक Arif Masood ने कहा कि आंदोलन केवल मुस्लिम समाज तक सीमित नहीं रहेगा। पहले चरण के बाद दूसरे समुदायों के लोगों से संवाद किया जाएगा। इसके लिए अलग-अलग जिलों में 'Dialogue Center' बनाए जाने की योजना है।

इन केंद्रों के माध्यम से समाज के अलग-अलग वर्गों के लोगों को UCC और उससे जुड़े मुद्दों के बारे में जानकारी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि आगे चलकर दूसरी कम्युनिटी को भी इस अभियान से जोड़ा जाएगा।

सरकार पर लगाए अधिकार छीनने के आरोप

प्रेस कॉन्फ्रेंस में Arif Masood ने केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि UCC से मौलिक अधिकारों पर असर पड़ने की आशंका है। उन्होंने Constitution के Article 25 का हवाला देते हुए कहा कि हर व्यक्ति को अपने धर्म का पालन करने की स्वतंत्रता मिली हुई है।

उन्होंने दावा किया कि फिलहाल इसका असर मुस्लिम समाज पर दिखाई दे रहा है, लेकिन भविष्य में दूसरे समुदायों के अधिकार भी प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि संविधान में मिले अधिकारों की रक्षा के लिए जनता के बीच जाकर अभियान चलाना जरूरी है।

विधानसभा में संशोधन प्रस्ताव का भी जिक्र

Arif Masood ने बताया कि उन्होंने Madhya Pradesh विधानसभा में UCC से जुड़े मुद्दे पर संशोधन प्रस्ताव दिया था। साथ ही मामले को Select Committee में भेजकर विस्तार से चर्चा कराने की मांग की गई थी। उनके मुताबिक सरकार ने इस मांग को स्वीकार नहीं किया। उन्होंने कहा कि जब सरकार अपने फैसले पर पुनर्विचार नहीं करती है, तब जनता के बीच जाकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना जरूरी हो जाता है।

कोर्ट जाने की भी तैयारी

आंदोलन के साथ कानूनी लड़ाई की तैयारी भी की जा रही है। Arif Masood ने बताया कि वकीलों की टीम इस मामले में तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि कानूनी कार्रवाई किसी एक संगठन के बैनर के तहत नहीं होगी। उन्होंने कहा कि All India Muslim Personal Law Board, Jamiat Ulama-e-Hind समेत अन्य मुस्लिम संगठनों और सामाजिक संगठनों को साथ लेकर आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।

'Right of the Unheard' मंच बनाने की तैयारी

प्रेस कॉन्फ्रेंस में Mufti Junaid ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि आम जनता और वंचित वर्गों के मुद्दों को भी सामने लाने की जरूरत है। उन्होंने बेरोजगारी, OBC आरक्षण, आदिवासी मुद्दों और महिलाओं के गायब होने जैसे मामलों का जिक्र किया।

उन्होंने बताया कि प्रदेश स्तर पर जल्द ही 'Right of the Unheard' नाम से एक मंच बनाने की तैयारी है। यह मंच संवैधानिक दायरे में रहकर उन लोगों और वर्गों की आवाज सरकार तक पहुंचाने का काम करेगा, जिन्हें लगता है कि उनकी बात नहीं सुनी जा रही है। मुस्लिम समाज से जुड़े संगठनों का कहना है कि आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा और अलग-अलग सामाजिक संगठनों को भी इससे जोड़ने की कोशिश होगी।