भोपाल नगर निगम के दो दफ्तरों पर लोकायुक्त का छापा, फर्जी बिल और ऑनलाइन रिकॉर्ड की जांच
भोपाल नगर निगम के दो कार्यालय में लोकायुक्त का छापा। फर्जी बिल लगाने और काम नहीं होने की हुई थी शिकायत।
भोपाल नगर निगम के दो कार्यालयों पर शुक्रवार को मध्य प्रदेश लोकायुक्त संगठन की टीम ने छापेमार कार्रवाई की। यह कार्रवाई फतेहगढ़ स्थित कम्प्यूटर शाखा और लिंक रोड नंबर-2 पर बने नगर निगम के मुख्य कार्यालय में एक साथ की गई। लोकायुक्त की टीम ने सुबह करीब 11:30 बजे दोनों स्थानों पर पहुंचकर दस्तावेजों की जांच शुरू की।
छापे की कार्रवाई लोकायुक्त एसपी दुर्गेश राठौर और डीएसपी अजय मिश्रा के नेतृत्व में की जा रही है। टीम के साथ अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद हैं, जो विभिन्न दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की बारीकी से जांच कर रहे हैं।
बताया जा रहा है कि नगर निगम में निर्माण कार्यों के नाम पर फर्जी बिल लगाकर भुगतान किए जाने की शिकायत मिली थी। आरोप है कि कुछ ठेकेदारों और निगम कर्मचारियों की मिलीभगत से बिना काम कराए ही बिल पास कर दिए जाते थे। इसी शिकायत के आधार पर लोकायुक्त ने कार्रवाई करते हुए छापा मारा है।
जांच के दौरान टीम ने करीब 10 साल पुराने दस्तावेजों को भी जब्त किया है। इसके अलावा कम्प्यूटर शाखा में मौजूद डिजिटल रिकॉर्ड और ऑनलाइन एंट्री की भी पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक रिकॉर्ड में संभावित गड़बड़ियों को ध्यान में रखते हुए हर दस्तावेज की बारीकी से जांच की जा रही है।
लोकायुक्त की टीम ने फतेहगढ़ स्थित कार्यालय में मौजूद तीन कर्मचारियों वसीम, सोहेल और पंकज से भी पूछताछ की है। उनसे विभागीय कामकाज और रिकॉर्ड से जुड़ी जानकारी ली जा रही है।
बताया गया है कि नगर निगम की कम्प्यूटर शाखा को हाल ही में 22 फरवरी को फतेहगढ़ से लिंक रोड नंबर-2 स्थित नए भवन में शिफ्ट किया गया था। ऐसे में जांच टीम दोनों स्थानों पर रखे रिकॉर्ड की जांच कर रही है।
कम्प्यूटर शाखा में संबल योजना, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, प्रॉपर्टी टैक्स और अन्य ऑनलाइन सेवाओं से जुड़े महत्वपूर्ण डेटा और दस्तावेज रखे जाते हैं। लोकायुक्त की टीम इन सभी रिकॉर्ड की जांच कर संभावित अनियमितताओं की पड़ताल कर रही है।
Varsha Shrivastava 
