Iran के 5 शहरों पर US की ताबड़तोड़ एयरस्ट्राइक, लगातार 11वीं रात हमला; युद्ध पर 37.5 अरब डॉलर खर्च

Donald Trump की नई चेतावनी से बढ़ा तनाव, Iran ने दी जवाबी कार्रवाई की धमकी; Middle East में हालात और गंभीर

Iran के 5 शहरों पर US की ताबड़तोड़ एयरस्ट्राइक, लगातार 11वीं रात हमला; युद्ध पर 37.5 अरब डॉलर खर्च

Washington/Tehran। United States और Iran के बीच सैन्य तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। बुधवार तड़के US ने Iran के पांच शहरों Chabahar, Konarak, Tabriz, Behbahan और Omidiyeh पर एक साथ एयर और मिसाइल स्ट्राइक की। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, सीजफायर टूटने के बाद यह लगातार 11वीं रात है, जब अमेरिकी सेना ने ईरान के विभिन्न ठिकानों को निशाना बनाया है।

इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने चेतावनी दी है कि Iran के संदिग्ध परमाणु ठिकाने Pickax Mountain पर जल्द ही बड़ा हमला किया जा सकता है। वहीं Iran ने भी स्पष्ट किया है कि यदि हमले जारी रहे तो वह पूरे क्षेत्र में संघर्ष का दायरा और बढ़ा देगा।

युद्ध पर US का खर्च 37.5 अरब डॉलर पहुंचा

अमेरिकी रक्षा मंत्री Pete Hegseth ने बताया कि अब तक इस सैन्य अभियान पर United States करीब 37.5 अरब डॉलर यानी लगभग 3.6 लाख करोड़ रुपये खर्च कर चुका है। उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमता और उसके संदिग्ध परमाणु ढांचे को कमजोर करना है। लगातार बढ़ते सैन्य खर्च और लंबे होते संघर्ष को लेकर अमेरिका में भी बहस तेज हो गई है।

Trump की चेतावनी, Iran का सख्त जवाब

राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो Pickax Mountain स्थित संदिग्ध परमाणु ठिकाने पर "बहुत जल्द और बहुत भारी हमला" किया जाएगा। इसके जवाब में Iran ने कहा कि वह किसी भी नए हमले का करारा जवाब देगा और जरूरत पड़ने पर युद्ध को पूरे क्षेत्र में फैला सकता है। दोनों देशों के आक्रामक बयानों से Middle East में तनाव और बढ़ गया है।

पिछले 24 घंटे में पांच बड़े घटनाक्रम

संघर्ष के बीच कई अहम घटनाएं सामने आई हैं। Red Sea में Houthi विद्रोहियों की धमकी के बाद Saudi Arabia से कच्चा तेल लेकर India और China जा रहे दो टैंकरों ने अपना मार्ग बदल दिया। वहीं Pentagon ने स्वीकार किया कि 7 जुलाई के बाद ईरानी हमलों में करीब 100 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं। इनमें से अधिकांश सैनिक इलाज के बाद फिर ड्यूटी पर लौट चुके हैं।

दूसरी ओर Qatar ने संयुक्त राष्ट्र और सुरक्षा परिषद को पत्र लिखकर हालिया हमलों से हुए नुकसान के लिए Iran को जिम्मेदार ठहराया है और मुआवजे की मांग की है। इसी बीच Donald Trump ने यह भी स्वीकार किया कि Jordan में ईरान का एक हमला सफल रहा था, जिसमें दो अमेरिकी सैनिकों की मौत हुई थी।

Pakistan और Kuwait भी बढ़ते तनाव की चपेट में

ईरान के गृह मंत्री Eskandar Momeni ने Pakistan पहुंचकर सेना प्रमुख Asim Munir और प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif से मुलाकात की। माना जा रहा है कि क्षेत्रीय सुरक्षा और मौजूदा हालात पर दोनों देशों के बीच चर्चा हुई।

उधर, Kuwait में ईरानी हमलों के बाद बिजली ढांचे पर खतरे को देखते हुए सरकार ने लोगों से बिजली की बचत करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि भीषण गर्मी के कारण बिजली की मांग पहले ही रिकॉर्ड स्तर पर है और किसी भी बड़े हमले से बिजली आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।

Kuwait में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर ड्रोन हमले का दावा

ईरानी सेना ने दावा किया है कि उसने पश्चिमी Kuwait स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे Camp Doha पर ड्रोन हमला किया। ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी Tasnim के अनुसार, इस हमले में गोला-बारूद डिपो और सैन्य लॉजिस्टिक सुविधाओं को निशाना बनाया गया। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। ईरानी सेना ने कहा है कि यदि अमेरिका की ओर से आगे भी सैन्य कार्रवाई जारी रही तो उसका जवाब और अधिक निर्णायक होगा।