बांग्लादेश में हिंदू परिवारों के पांच घरों में आगजनी, 6 महीने में अल्पसंख्यकों पर हमलों की 71 घटनाएं
बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हमलों की एक और गंभीर घटना सामने आई है। पिरोजपुर जिले के दम्रिताला गांव में शनिवार, 27 दिसंबर को हिंदू परिवारों के कम से कम पांच घरों में आग लगा दी गई, जिससे इलाके में दहशत फैल गई।
बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हमलों की एक और गंभीर घटना सामने आई है। पिरोजपुर जिले के दम्रिताला गांव में शनिवार, 27 दिसंबर को हिंदू परिवारों के कम से कम पांच घरों में आग लगा दी गई, जिससे इलाके में दहशत फैल गई।
पीड़ित परिवारों के अनुसार, आग लगने के समय वे सभी घरों के अंदर फंसे हुए थे, क्योंकि दरवाजों को बाहर से बंद कर दिया गया था। हालात बेहद भयावह थे। किसी तरह आठ लोग टिन और बांस की बाड़ काटकर जान बचाने में सफल रहे, लेकिन उनके घर, घरेलू सामान और पालतू जानवर पूरी तरह जलकर राख हो गए।
स्थानीय पुलिस ने इस मामले में पांच संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि आगजनी की सटीक वजहों की जांच अभी जारी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमलावरों ने एक कमरे में कपड़े भरकर आग लगाई, जिससे लपटें तेजी से पूरे घर में फैल गईं.
घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें स्थानीय लोग आग बुझाने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं।
6 महीनों में अल्पसंख्यकों पर हमलों की 71 घटनाएं
इस घटना के बीच बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की स्थिति को लेकर चिंता और गहरी हो गई है। ह्यूमन राइट्स कांग्रेस फॉर बांग्लादेश माइनॉरिटीज’ (HRCBM) की एक रिपोर्ट के अनुसार, जून से दिसंबर 2025 के बीच ईशनिंदा के आरोपों से जुड़े कम से कम 71 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें अधिकांश मामलों में हिंदू समुदाय को निशाना बनाया गया।
मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि इन हमलों का तरीका लगभग हर बार एक जैसा होता है. पहले सोशल मीडिया पर ईशनिंदा के आरोप लगाए जाते हैं, फिर तुरंत गिरफ्तारी होती है, उसके बाद भीड़ इकट्ठा होकर हिंदू इलाकों पर हमला करती है। कार्यकर्ताओं के मुताबिक, ईशनिंदा के आरोप अब डर फैलाने और अल्पसंख्यकों को दबाने का हथियार बनते जा रहे हैं, जबकि दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की कमी बनी हुई है।
shivendra 
