शेयर बाजार में सुस्ती, Sensex 43 अंक चढ़ा, Nifty 24,583 पर बंद

भारतीय शेयर बाजार सोमवार को मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ। Sensex 43 अंक चढ़ा, जबकि Nifty 50 में 13 अंकों की तेजी रही। जानिए बाजार में तेजी और गिरावट की वजह।

शेयर बाजार में सुस्ती, Sensex 43 अंक चढ़ा, Nifty 24,583 पर बंद

नई दिल्ली। घरेलू शेयर बाजार में सोमवार 10 अगस्त को कारोबार के दौरान ज्यादा तेजी देखने को नहीं मिली। चुनिंदा बड़ी कंपनियों के शेयरों में खरीदारी ने बाजार को संभाले रखा, लेकिन SBI और Reliance जैसे बड़े शेयरों में गिरावट के कारण बढ़त सीमित रही। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और वैश्विक स्तर पर जारी भू-राजनीतिक तनाव का असर भी निवेशकों के रुख पर दिखाई दिया।

कारोबार के अंत में Sensex 43 अंक यानी 0.06 फीसदी की बढ़त के साथ 78,542 अंक पर बंद हुआ। वहीं Nifty 50 में 13 अंक यानी 0.05 फीसदी की तेजी रही और यह 24,583.80 के स्तर पर बंद हुआ। मिडकैप शेयरों में थोड़ी बेहतर खरीदारी देखने को मिली। Nifty Midcap 100 इंडेक्स 0.62 फीसदी ऊपर रहा, जबकि Smallcap 100 इंडेक्स 0.27 फीसदी गिर गया।

Titan और Bajaj Finance ने संभाला बाजार

सोमवार के कारोबार में कुछ बड़े शेयरों में खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया। Titan Company, Tata Consumer, Bajaj Finance और Shriram Finance Nifty 50 के प्रमुख बढ़त वाले शेयरों में रहे।

दूसरी तरफ SBI, Eternal, ITC, Dr Reddy's Labs और TCS में कमजोरी देखने को मिली। इन शेयरों में बिकवाली के कारण बाजार की कुल बढ़त पर दबाव बना रहा।

कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से बढ़ी चिंता

बाजार के लिए सबसे बड़ी चिंता कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें रहीं। Brent crude में 1 फीसदी से ज्यादा की तेजी आई और इसकी कीमत करीब 85 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई।

रेड सी क्षेत्र में तनाव बढ़ने की खबरों के बीच तेल की कीमतों में तेजी आई है। इससे भारत जैसे कच्चे तेल के बड़े आयातक देश के लिए चिंता बढ़ सकती है। महंगे कच्चे तेल का असर आयात बिल, महंगाई और कंपनियों की लागत पर भी पड़ सकता है।

इसके अलावा Strait of Hormuz को लेकर भी बाजार की नजर बनी हुई है। इस इलाके में किसी भी तरह का बड़ा तनाव वैश्विक तेल आपूर्ति को प्रभावित कर सकता है।

अमेरिकी नौकरियों के आंकड़ों से भी बाजार को संकेत

अमेरिका से आए रोजगार के कमजोर आंकड़ों ने भी निवेशकों की नजर ब्याज दरों पर टिकाए रखी। अमेरिकी नॉनफार्म पेरोल में पिछले महीने 23 हजार की गिरावट दर्ज की गई। मई और जून के आंकड़ों में भी कुल 1.03 लाख की कटौती की गई थी।

कमजोर रोजगार आंकड़ों के बाद अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद बढ़ी है। अब निवेशकों की नजर बुधवार को आने वाले अमेरिकी CPI महंगाई आंकड़ों पर है। इन आंकड़ों से आगे ब्याज दरों और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड की दिशा को लेकर संकेत मिल सकते हैं।

PSU Bank इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट

सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो Nifty PSU Bank में 1.67 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। यह सोमवार को सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाला प्रमुख सेक्टोरल इंडेक्स रहा।

इसके अलावा Nifty Oil and Gas में 0.37 फीसदी, Healthcare में 0.35 फीसदी, Pharma में 0.23 फीसदी, FMCG में 0.14 फीसदी और Auto इंडेक्स में 0.09 फीसदी की गिरावट रही।

वहीं Nifty Realty में 1.35 फीसदी की तेजी रही। Private Bank, Consumer Durables, Metal और IT इंडेक्स भी बढ़त के साथ बंद हुए।

Bank Nifty मामूली गिरावट के साथ बंद

Bank Nifty में भी सोमवार को ज्यादा हलचल नहीं रही। इंडेक्स 0.10 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुआ। दूसरी तरफ Financial Services इंडेक्स में 0.30 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई।

बाजार में पूरे दिन अलग-अलग सेक्टर और शेयरों में खरीदारी तथा बिकवाली का दौर चलता रहा। इसी वजह से प्रमुख इंडेक्स किसी एक दिशा में मजबूत बढ़त नहीं बना सके।

Nifty के लिए 24,650 का स्तर अहम

तकनीकी तौर पर बाजार में फिलहाल असमंजस की स्थिति दिखाई दे रही है। Kotak Securities के इक्विटी रिसर्च प्रमुख श्रीकांत चौहान के मुताबिक Nifty के लिए 24,650 और 24,700 के स्तर अहम रहेंगे।

अगर Nifty इन स्तरों के ऊपर मजबूती से टिकता है तो 24,800 से 24,850 तक की तेजी देखने को मिल सकती है। वहीं 24,500 से नीचे फिसलने पर बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और इंडेक्स 24,400 से 24,350 के स्तर तक जा सकता है।

HDFC Securities के नंदिश शाह के मुताबिक Nifty फिलहाल अपने 200-day SMA और 200-day EMA के बीच कारोबार कर रहा है। ऐसे में इन दोनों स्तरों के ऊपर या नीचे निर्णायक ब्रेकआउट बाजार की अगली दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।

आगे बाजार की नजर किन चीजों पर रहेगी?

भारतीय शेयर बाजार के लिए आने वाले दिनों में अमेरिकी महंगाई के आंकड़े, कच्चे तेल की कीमतें और Strait of Hormuz से जुड़ी गतिविधियां महत्वपूर्ण रहेंगी। इसके साथ ही कंपनियों के तिमाही नतीजों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर भी बाजार की नजर बनी रहेगी।

फिलहाल घरेलू अर्थव्यवस्था को लेकर सकारात्मक माहौल बाजार को सहारा दे रहा है, लेकिन वैश्विक घटनाक्रमों के कारण निवेशकों ने सोमवार को ज्यादा जोखिम लेने से परहेज किया।