Abhay Mishra Allegations : संजय गांधी हॉस्पिटल में सुंदर महिला की डेड बॉडी के साथ होता है रेप - कांग्रेस MLA अभय मिश्रा
Abhay Mishra Allegations : विधायक अभय मिश्रा नेजयस्तंभ चौराहे पर कांग्रेस के धरना-प्रदर्शन के दौरान संजय गांधी हॉस्पिटल पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
Abhay Mishra Allegations : रीवा। मध्यप्रदेश के रीवा स्थित संजय गांधी अस्पताल को लेकर कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा ने बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने जयस्तंभ चौराहे पर कांग्रेस के धरना-प्रदर्शन के दौरान अस्पताल की पोस्टमॉर्टम व्यवस्था पर सवाल उठाए। विधायक ने दावा किया कि अगर किसी सुंदर महिला का शव पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल लाया जाता है तो उसके साथ दुष्कर्म होता है। उन्होंने पोस्टमॉर्टम के नाम पर मृतकों के परिजनों से पैसे लिए जाने का आरोप भी लगाया।
रोजाना कई शवों का होता है पोस्टमॉर्टम
संजय गांधी अस्पताल में रोजाना कई शवों का पोस्टमॉर्टम किया जाता है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यहां प्रतिदिन कम से कम तीन और कई बार सात से दस शवों तक का पोस्टमॉर्टम होता है। इनमें महिला और पुरुष दोनों के शव शामिल होते हैं। मृतकों की उम्र भी अलग-अलग होती है।
पोस्टमॉर्टम की इस नियमित प्रक्रिया को लेकर विधायक ने अस्पताल की व्यवस्था और निगरानी पर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, उनके लगाए आरोपों की पुष्टि के लिए किसी स्वतंत्र जांच या आधिकारिक रिपोर्ट की जानकारी सामने नहीं आई है।
रीवा के संजय गांधी अस्पताल को लेकर कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा का सनसनीखेज आरोप—“सुंदर महिलाओं की डेड बॉडी से रेप होता है”, बयान का वीडियो वायरल।#rewa #hospital #patients pic.twitter.com/qJETrh8YGH
— Public Vani Network (@PublicVaniNW) September 9, 2026
कल्पना मिश्रा और नवजात की मौत से शुरू हुआ विवाद
अभय मिश्रा ने ये आरोप ऐसे समय लगाए हैं, जब संजय गांधी अस्पताल में प्रसूता कल्पना मिश्रा और उसके नवजात बच्चे की मौत को लेकर कांग्रेस का आंदोलन चल रहा है। कल्पना को प्रसव के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सी-सेक्शन के बाद उसकी और नवजात की मौत हो गई। परिवार ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। मामले के बाद अस्पताल के डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ पर कार्रवाई की गई। साथ ही पूरे घटनाक्रम की जांच के आदेश भी दिए गए हैं।

दो डॉक्टर और दो नर्सिंग स्टाफ पर हुई कार्रवाई
कल्पना मिश्रा पहली बार मां बनने के लिए अस्पताल में भर्ती हुई थी। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई और नवजात भी नहीं बच सका। परिवार ने अस्पताल के इलाज और व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठाए थे। अस्पताल अधीक्षक ने उस समय लापरवाही से इनकार किया था।
बाद में मामले में दो डॉक्टर और दो नर्सिंग स्टाफ को निलंबित किया गया। इसके बाद अस्पताल अधीक्षक को भी पद से हटा दिया गया। कल्पना के पिता ने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ FIR और सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर धरना शुरू किया है।

कौन हैं कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा
कांग्रेस ने अस्पताल से जुड़े इन मामलों पर भी उठाए सवाल
जिंदा मरीज को मृत बताया : कांग्रेस ने अस्पताल से जुड़े एक अन्य मामले को भी मुद्दा बनाया है। 5 सितंबर को 66 वर्षीय गिरिजा प्रसाद गुप्ता का इलाज संजय गांधी अस्पताल में चल रहा था। आरोप है कि डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिवार उन्हें शव वाहन तक ले गया। इसी दौरान परिजनों को उनकी सांस चलती महसूस हुई और पल्स भी दोबारा मिलने की बात सामने आई। इसके बाद मरीज को करीब एक घंटे बाद मॉर्च्यूरी से वापस लाकर आईसीयू में भर्ती किया गया। अस्पताल प्रबंधन ने मामले की जांच की बात कही है।
कुत्ते के काटने पर लगाया गलत इंजेक्शन : 6 और 7 सितंबर के बीच 18 वर्षीय आयुष सिंह ने अस्पताल की व्यवस्था को लेकर शिकायत की। आयुष के अनुसार, कुत्ते के काटने के बाद वह एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगवाने अस्पताल पहुंचा था। आरोप है कि उसकी पर्ची पर ‘H/O U/K Snake Bite’ यानी अज्ञात सांप के काटने का उल्लेख कर दिया गया। परिवार का दावा है कि उसे सांप के काटने से संबंधित इंजेक्शन लगा दिया गया। बाद में अस्पताल पहुंचने पर उसे एंटी-रेबीज इंजेक्शन दिया गया। अस्पताल ने मामले की जांच के बाद कार्रवाई की बात कही है।
मरीज के शरीर में कीड़े पड़ने का आरोप : 7 सितंबर को सतना निवासी अर्चना गुप्ता के परिजनों ने भी अस्पताल में इलाज और देखरेख पर सवाल उठाए। परिवार का आरोप था कि लापरवाही के कारण मरीज के शरीर में कीड़े पड़ने जैसी स्थिति बन गई। देर रात उसकी मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि बेहतर इलाज के लिए उसे समय पर दूसरी जगह रेफर नहीं किया गया। परिवार ने मरीज का वीडियो बनाने पर मोबाइल जब्त किए जाने का आरोप भी लगाया। दूसरी ओर, अस्पताल प्रबंधन ने इन आरोपों को निराधार बताया है।
अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल : 31 अगस्त को संजय गांधी अस्पताल की ऊपरी मंजिल से एक युवक के नीचे गिरने का मामला सामने आया था। युवक के अस्पताल की इमारत से कूदने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठे। इस घटना ने अस्पताल परिसर में मरीजों और उनके परिजनों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दे को भी सामने ला दिया। कांग्रेस इन अलग-अलग घटनाओं को अस्पताल की व्यवस्थाओं से जोड़कर सरकार पर सवाल उठा रही है। अस्पताल प्रबंधन और प्रशासन की ओर से सामने आने वाली जांच रिपोर्ट इन मामलों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट कर सकती है।
दिग्विजय सिंह ने स्वास्थ्य मंत्री से मांगा इस्तीफा
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह भी रीवा में पार्टी के धरने में शामिल हुए। उन्होंने संजय गांधी अस्पताल में जिंदा मरीज को मृत घोषित किए जाने के आरोप और कल्पना मिश्रा तथा उसके नवजात की मौत का मुद्दा उठाया। उन्होंने प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल पर भी निशाना साधा।
दिग्विजय सिंह ने सवाल उठाया कि यदि स्वास्थ्य व्यवस्था में हुई घटनाओं के लिए स्वास्थ्य मंत्री को जिम्मेदार नहीं माना जाएगा तो फिर किसे जिम्मेदार माना जाएगा। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े किए।
कल्पना के पिता की FIR की मांग
कल्पना मिश्रा के पिता भी बेटी और नवजात की मौत के मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने अपनी मांग को लेकर अलग से आंदोलन शुरू किया है। कांग्रेस का कहना है कि जब तक मामले में ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। फिलहाल अस्पताल से जुड़े कई मामलों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी जारी है।

