शुभमन गिल ने T20 में की धमाकेदार वापसी, 21 गेंदों में ठोके 40 रन; टीम इंडिया के लिए फिर ठोका दावा

शुभमन गिल ने शेर-ए-पंजाब T20 लीग में फाजिल्का फाल्कन्स के लिए 21 गेंदों में 40 रन बनाए। फाजिल्का ने लुधियाना लायंस को 1 रन से हराया।

शुभमन गिल ने T20 में की धमाकेदार वापसी, 21 गेंदों में ठोके 40 रन; टीम इंडिया के लिए फिर ठोका दावा

शुभमन गिल ने शेर-ए-पंजाब T20 लीग में उतरते ही अपना जलवा दिखा दिया। फाजिल्का फाल्कन्स की तरफ से खेलते हुए गिल ने लुधियाना लायंस के खिलाफ महज 21 गेंदों में 40 रन की तूफानी पारी खेली। उनकी पारी में 7 चौके और 1 छक्का शामिल रहा। गिल की इस पारी की बदौलत फाजिल्का ने मुकाबला सिर्फ 1 रन से अपने नाम किया।

लंबे समय बाद T20 में लौटे गिल

शुभमन गिल ने 6 सितंबर को लुधियाना लायंस के खिलाफ शेर-ए-पंजाब T20 लीग में फाजिल्का फाल्कन्स के लिए अपना पहला मुकाबला खेला। वह टूर्नामेंट के शुरुआती मुकाबलों में टीम का हिस्सा नहीं थे। अंतरराष्ट्रीय व्यस्तताओं के बाद उन्हें आराम दिया गया था।

गिल ने आते ही आक्रामक अंदाज दिखाया। उन्होंने 21 गेंदों पर 40 रन बनाए और 190.48 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए। उनकी पारी में 7 चौके और एक छक्का था। हालांकि गिल को कार्तिक चड्ढा ने आउट किया, जिन्होंने 4 ओवर में सिर्फ 9 रन देकर 4 विकेट लिए।

फाजिल्का ने 1 रन से जीता मुकाबला

फाजिल्का फाल्कन्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 9 विकेट खोकर 170 रन बनाए। गिल के अलावा प्रीत दत्ता ने 36 रन और जयवीर भिंडर सिंह ने 21 रन बनाए।

लक्ष्य का पीछा करने उतरी लुधियाना लायंस की टीम 20 ओवर में 169 रन ही बना सकी। आखिरी ओवर में लुधियाना को जीत के लिए 19 रन चाहिए थे। माधव पठानिया और कृष्ण भगत ने मैच को रोमांचक बना दिया, लेकिन आखिरी गेंद पर छह रन की जरूरत थी और पठानिया केवल चौका लगा सके। इस तरह फाजिल्का ने मुकाबला 1 रन से जीत लिया।

क्या T20I टीम में वापसी का दावा मजबूत हुआ?

शुभमन गिल फिलहाल भारतीय टीम के टेस्ट और वनडे कप्तान हैं, लेकिन वह भारत की मौजूदा T20I टीम का हिस्सा नहीं हैं। उनका आखिरी T20I मुकाबला दिसंबर 2025 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ था।

हालांकि IPL 2026 में गिल का प्रदर्शन शानदार रहा था। उन्होंने गुजरात टाइटंस के लिए 16 मैचों में 732 रन बनाए थे। इसके बाद शेर-ए-पंजाब T20 लीग में भी उन्होंने पहली ही पारी में 40 रन ठोक दिए हैं। ऐसे में T20 फॉर्मेट में उनकी वापसी ने निश्चित तौर पर चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा है।

गिल की इस पारी को भारतीय T20I टीम में वापसी की गारंटी तो नहीं कहा जा सकता, लेकिन उन्होंने एक बार फिर दिखा दिया है कि T20 क्रिकेट में उनकी बल्लेबाजी की रफ्तार और असर अब भी कायम है।