Balaghat Childrens Death : बालाघाट आदिवासी बच्चों की मौत पर PM को पत्र, नेता प्रतिपक्ष सिंघार ने की हाई लेवल जांच की मांग
Balaghat Childrens Death : उमंग सिंघार ने कहा कि बालाघाट के प्रभावित इलाकों में पिछले कई महीनों से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बनी हुई हैं। इनमें मलेरिया, खसरा और अन्य संक्रमण शामिल हैं।
Balaghat Baiga Children Death : भोपाल। मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में बैगा आदिवासी बच्चों की लगातार मौतों का मामला सामने आने के बाद चिंता बढ़ गई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। उन्होंने मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। सिंघार ने केंद्र सरकार से प्रशासनिक जवाबदेही तय करने और मध्य प्रदेश सरकार को जरूरी कार्रवाई के निर्देश देने का अनुरोध किया है। उनके अनुसार, प्रभावित गांवों में करीब 30 बैगा बच्चों की मौत की सूचना मिली है।
मलेरिया और कुपोषण का बताया खतरा
उमंग सिंघार ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा कि बालाघाट के प्रभावित इलाकों में पिछले कई महीनों से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बनी हुई हैं। इनमें मलेरिया, खसरा और अन्य संक्रमण शामिल हैं। उन्होंने कुपोषण, दूषित पेयजल और पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी को भी गंभीर समस्या बताया है। सिंघार के मुताबिक, इन कारणों से आदिवासी परिवारों के सामने स्वास्थ्य का संकट बढ़ रहा है। हालांकि, मौतों के वास्तविक कारणों की पुष्टि संबंधित जांच से होना जरूरी है।

PVTG समुदाय के लिए योजनाओं पर सवाल
सिंघार ने कहा कि बैगा समुदाय विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह यानी PVTG में आता है। केंद्र सरकार PM-JANMAN योजना के माध्यम से ऐसे समुदायों तक स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छ पेयजल और दूसरी जरूरी सुविधाएं पहुंचाने का लक्ष्य रखती है।
ऐसे में बच्चों की गंभीर बीमारियों से मौत की खबरें योजनाओं के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन को लेकर सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने सरकार से यह सुनिश्चित करने की मांग की है कि योजनाओं का लाभ जरूरतमंद परिवारों तक समय पर पहुंचे।
बालाघाट की स्थिति पर उठाए सवाल
नेता प्रतिपक्ष ने केंद्र सरकार के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास और सुविधाओं के विस्तार के दावों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बालाघाट के आदिवासी इलाकों की जमीनी स्थिति पर भी गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है।
उनके अनुसार, कई क्षेत्रों में स्वास्थ्य, पोषण और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से इन इलाकों की स्थिति की प्रभावी समीक्षा करने की मांग की है।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम भेजने की मांग
उमंग सिंघार ने प्रधानमंत्री से मामले की उच्चस्तरीय चिकित्सकीय जांच कराने का अनुरोध किया है। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम भेजकर बच्चों की जांच और उपचार कराने की मांग की है।
साथ ही, गांवों में पर्याप्त दवाएं, पोषण सुविधाएं और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने पर जोर दिया है। उन्होंने प्रशासनिक जिम्मेदारी तय करने और पूरे मामले में समयबद्ध कार्रवाई की मांग भी की है।

