Indore: वार्ड-60 की कांग्रेस पार्षद सुनेहरा अंसारी का निर्वाचन रद्द, संपत्ति-टैक्स जानकारी छिपाने पर कोर्ट का फैसला

नामांकन में जानकारी छिपाने का आरोप साबित, कोर्ट ने सुनेहरा अंसारी का चुनाव किया निरस्त; कांग्रेस जाएगी हाईकोर्ट

Indore: वार्ड-60 की कांग्रेस पार्षद सुनेहरा अंसारी का निर्वाचन रद्द, संपत्ति-टैक्स जानकारी छिपाने पर कोर्ट का फैसला

इंदौर नगर निगम चुनाव से जुड़ा एक बड़ा फैसला सामने आया है। जिला न्यायालय ने वार्ड क्रमांक 60 से निर्वाचित कांग्रेस पार्षद सुनेहरा अंसारी का निर्वाचन शून्य घोषित कर दिया है। न्यायालय ने माना कि नामांकन और शपथ पत्र में संपत्ति और बकाया टैक्स से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां छिपाई गई थीं। हालांकि, कोर्ट ने दूसरे स्थान पर रही उम्मीदवार को निर्वाचित घोषित करने से भी इनकार कर दिया है। कांग्रेस ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देने की बात कही है, जबकि भाजपा ने इसे कांग्रेस की कार्यशैली पर सवाल बताते हुए हमला बोला है।

2022 में निर्वाचित पार्षद निर्वाचन जिला न्यायालय ने निरस्त किया

दरअसल, इंदौर नगर निगम चुनाव के वार्ड 60 से साल 2022 में निर्वाचित पार्षद सुनहेरा अंसारी का निर्वाचन जिला न्यायालय ने निरस्त कर दिया है। याचिकाकर्ता पूर्व पार्षद इफ्तिखार मुन्ना अंसारी की ओर से दायर चुनाव याचिका पर सुनवाई करते हुए 22वें जिला न्यायाधीश विनोद कुमार शर्मा की अदालत ने यह फैसला सुनाया है। वहीं याचिकाकर्ता के अधिवक्ता विजय शर्मा के मुताबिक, 6 जुलाई 2022 को हुए नगर निगम चुनाव के बाद 29 अगस्त 2022 को चुनाव याचिका दायर की गई थी।

आरोप था कि सुनेहरा अंसारी ने अपने नामांकन पत्र और शपथ पत्र में कई व्यावसायिक और आवासीय संपत्तियों के साथ उन पर बकाया टैक्स की जानकारी छिपाई थी। वही करीब 3 सालों तक चली सुनवाई, गवाहों के बयान और दस्तावेजों के परीक्षण के बाद अदालत ने याचिका स्वीकार करते हुए सुनहेरा अंसारी के नामांकन और निर्वाचन दोनों को शून्य घोषित कर दिया। हालांकि, न्यायालय ने दूसरे नंबर पर सबसे अधिक मत पाने वाले प्रत्याशी को निर्वाचित घोषित करने से इनकार कर दिया।

विजय शर्मा, याचिकाकर्ता के वकील

इस फैसले के आने के बाद कांग्रेस ने इसे हाईकोर्ट में चुनौती देने की तैयारी शुरू कर दी है। कांग्रेस शहर अध्यक्ष चिंटू चौकसे का कहना है कि संबंधित पार्षद से चर्चा की गई है और जल्द ही हाईकोर्ट में अपील दायर की जाएगी। उनका कहना है कि सुप्रीम कोर्ट पूर्व में ऐसे मामलों में राहत दे चुका है और इस मामले में भी न्याय मिलने की उम्मीद है।

चिंटू चौकसे, शहर कांग्रेस अध्यक्ष 

इधर, भाजपा ने इस फैसले को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता राकेश सिंह यादव ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता नामांकन प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही करते हैं, जिसका खामियाजा उनके जनप्रतिनिधियों को भुगतना पड़ता है।

राजेश सिंह यादव, प्रदेश प्रवक्ता, भाजपा