CM मोहन का एक और मास्टरस्ट्रोक: अब Gwalior में बनेंगे संचार से जुड़े सारे उपकरण, जानें क्या-क्या होगा तैयार?

केंद्र सरकार और मध्यप्रदेश सरकार के बीच हुआ ऐतिहासिक MoU, Gwalior बनेगा देश का नया टेलीकॉम और इलेक्ट्रॉनिक्स हब, 3500 करोड़ के निवेश की प्रस्ताव और 14000 लोगों को रोजगार के अवसर, देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन MP में होगा स्थापित

CM मोहन का एक और मास्टरस्ट्रोक: अब Gwalior में बनेंगे संचार से जुड़े सारे उपकरण, जानें क्या-क्या होगा तैयार?

Bhopal/New Delhi। 'मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास के एक नए युग में प्रवेश कर रहा है। मध्यप्रदेश सरकार और भारत सरकार के दूरसंचार विभाग के बीच देश के पहले टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन की स्थापना के लिए हुआ एमओयू विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है।' यह बात मुख्यमंत्री Dr. Mohan Yadav ने कही। सीएम 30 जुलाई को New Delhi में आयोजित इंटरैक्टिव सेशन ऑन टेलीकॉम इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री Jyotiraditya Scindia भी मौजूद थे।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री Dr. Mohan Yadav ने कहा कि Gwalior में लगभग 170 एकड़ क्षेत्र में विकसित होने वाला यह प्लग-एंड-प्ले टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन देश का पहला एकीकृत टेलीकॉम टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम होगा। यहां डिजाइन, डेवलपमेंट, मैन्युफैक्चरिंग, टेस्टिंग, सर्टिफिकेशन और एक्सपोर्ट तक की संपूर्ण वैल्यू चेन एक ही स्थान पर उपलब्ध होगी। यहां 5G, 6G, ऑप्टिकल फाइबर, नेटवर्किंग उपकरण, आईओटी डिवाइस, सेमीकंडक्टर से जुड़े उत्पाद और अन्य इलेक्ट्रॉनिक हार्डवेयर का निर्माण किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि Prime Minister Narendra Modi के नेतृत्व में मध्यप्रदेश को पिछले ढाई वर्षों में अनेक राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाएं मिली हैं। पीएम मित्रा पार्क, बीईएमएल यूनिट, बीना पेट्रोकेमिकल परियोजना, राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजनाएं और नर्मदापुरम एनर्जी पार्क के बाद अब टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन प्रदेश की औद्योगिक प्रगति को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।

प्रदेश के युवाओं को होगा फायदा

मुख्यमंत्री Dr. Mohan Yadav ने कहा कि आज टेलीकॉम उद्योग डिजिटल अर्थव्यवस्था, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंडस्ट्री 4.0, रक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा और सुशासन की आधारशिला बन चुका है। ऐसे समय में मध्यप्रदेश को देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन मिलना प्रदेश के लिए स्वर्णिम अवसर है। उन्होंने देश-विदेश के उद्योगपतियों और निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश का आमंत्रण दिया।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में निवेश-अनुकूल नीतियां, उत्कृष्ट औद्योगिक आधारभूत संरचना, कुशल मानव संसाधन तथा तेज निर्णय प्रक्रिया उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना हजारों करोड़ रुपये के निवेश का मार्ग प्रशस्त करेगी तथा एमएसएमई, स्टार्टअप, कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग, इंजीनियरिंग सेवाओं, लॉजिस्टिक्स और तकनीकी संस्थानों को नई गति प्रदान करेगी। इससे प्रदेश के युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

निवेशकों की पहली पसंद बना एमपी

सीएम Dr. Mohan Yadav ने कहा कि मध्यप्रदेश तेजी से देश के IT, इलेक्ट्रॉनिक्स और टेक्नोलॉजी इनोवेशन हब के रूप में उभर रहा है। प्रदेश में दो हजार से अधिक IT एवं ITES इकाइयां कार्यरत हैं तथा राज्य ने देश की पहली ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) नीति लागू की है। सेमीकंडक्टर नीति-2025, IT एवं इलेक्ट्रॉनिक्स नीति, ड्रोन, स्टार्टअप और एवीजीसी नीतियों के माध्यम से प्रदेश तकनीकी निवेश और नवाचार का प्रमुख केंद्र बन रहा है। मुख्यमंत्री Dr. Yadav ने उद्योग जगत को साल 2027 में आयोजित होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में भाग लेने का भी आमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश आज संभावनाओं की धरती और वैश्विक निवेशकों की पहली पसंद बन चुका है।

आत्मनिर्भर भारत अभियान को मिलेगी नई गति

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री Jyotiraditya Scindia ने कहा कि भारत का लक्ष्य केवल दूरसंचार उपकरणों का उपभोक्ता बनना नहीं, बल्कि उनका डिजाइन, विकास और निर्माण भारत में कर उन्हें दुनिया के विभिन्न देशों तक निर्यात करना है। उन्होंने कहा कि यह टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन 'डिज़ाइन इन इंडिया, मेक इन इंडिया और एक्सपोर्ट फ्रॉम इंडिया' के विजन को साकार करेगा। उन्होंने कहा कि इससे भारत वैश्विक दूरसंचार विनिर्माण और निर्यात के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित होगा तथा आत्मनिर्भर भारत अभियान को नई गति मिलेगी।