CG Politics : कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत के बड़े भाई गुरु ढालदास कांग्रेस में शामिल, भूपेश बघेल ने कराया प्रवेश
Guru Dhal Das Joins Congress : भाजपा सरकार में मंत्री खुशवंत साहेब के बड़े भाई और सतनामी समाज के धर्मगुरु गुरु बालदास के बड़े बेटे ढाल दास ने कांग्रेस ज्वॉइन कर ली है।
Guru Dhal Das joins Congress : रायपुर। छत्तीसगढ़ में कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब के बड़े भाई गुरु ढाल दास साहेब कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। पोला तिहार के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उन्हें कांग्रेस की सदस्यता दिलाई। गुरु ढाल दास के पार्टी में शामिल होने के बाद प्रदेश की राजनीति में चर्चा तेज हो गई है। भूपेश बघेल ने उनके कांग्रेस में आने पर खुशी जताई और कहा कि इससे पार्टी को मजबूती मिलेगी।
सतनामी समाज में गुरु ढाल दास की अहम भूमिका
गुरु ढाल दास सतनामी समाज के प्रमुख चेहरों में गिने जाते हैं। उनके परिवार की सामाजिक और राजनीतिक पृष्ठभूमि को देखते हुए कांग्रेस में उनका शामिल होना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सतनामी समाज छत्तीसगढ़ की राजनीति में प्रभावशाली सामाजिक वर्गों में शामिल है। ऐसे में इस समाज से जुड़े एक बड़े चेहरे का कांग्रेस में आना आने वाले समय में राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।
करीब 20 विधानसभा सीटों पर असर का दावा
छत्तीसगढ़ में विधानसभा की कुल 90 सीटें हैं। राजनीतिक विश्लेषण में करीब 20 सीटों पर सतनामी समाज के प्रभाव की चर्चा होती है। राज्य की आबादी में अनुसूचित जाति की हिस्सेदारी करीब 14 प्रतिशत बताई जाती है। इस वर्ग की बड़ी आबादी मैदानी क्षेत्रों में रहती है। सतनामी समाज बाबा गुरु घासीदास की शिक्षाओं और उनके द्वारा स्थापित सतनामी संप्रदाय में गहरी आस्था रखता है। यही वजह है कि प्रमुख राजनीतिक दल इस सामाजिक वर्ग को अपने साथ जोड़ने की कोशिश करते रहे हैं।
चुनाव से दो साल पहले शुरू हुई सियासी हलचल
छत्तीसगढ़ में अगला विधानसभा चुनाव अभी करीब दो साल दूर है। इसके बावजूद राजनीतिक दलों ने सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरणों को लेकर गतिविधियां तेज कर दी हैं। गुरु ढाल दास के कांग्रेस में शामिल होने को इसी राजनीतिक सक्रियता से जोड़कर देखा जा रहा है। कांग्रेस इसे संगठन को मजबूत करने और सामाजिक आधार बढ़ाने के अवसर के रूप में देख रही है। वहीं उनके आने से सतनामी समाज में पार्टी की पकड़ कितनी मजबूत होती है, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।
2018 में कांग्रेस ने हासिल की थी बड़ी जीत
छत्तीसगढ़ के पिछले विधानसभा चुनावों के आंकड़ों पर नजर डालें तो 2013 में भाजपा ने कांग्रेस से ज्यादा सीटें जीती थीं। इसके बाद 2018 के विधानसभा चुनाव में तस्वीर पूरी तरह बदल गई। कांग्रेस ने 71 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि भाजपा को 14 सीटें मिलीं। इन आंकड़ों से राज्य की राजनीति में सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरणों की भूमिका का अंदाजा लगाया जा सकता है। ऐसे में सतनामी समाज के प्रभावशाली चेहरे का कांग्रेस के साथ जुड़ना राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भूपेश बघेल ने कहा- कांग्रेस को मिलेगी मजबूती
गुरु ढाल दास का कांग्रेस में स्वागत करते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि उनके शामिल होने से पार्टी को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कांग्रेस के सिद्धांतों और संगठन को मजबूत करने की बात कही। गुरु ढाल दास के कांग्रेस में आने के बाद अब उनकी भूमिका और पार्टी के साथ उनकी सक्रियता पर नजर रहेगी। आने वाले दिनों में यह घटनाक्रम छत्तीसगढ़ की राजनीति में कितना असर डालता है, यह भी देखने वाली बात होगी।

