भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री के सशक्त और दूरदर्शी नेतृत्व में प्रदेश ने विकास, निवेश आकर्षण, कानून व्यवस्था, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक पुनर्जागरण जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश की 11.40 प्रतिशत विकास दर इस बात का प्रमाण है कि सरकार की नीतियां प्रभावी हैं और जनता का भरोसा शासन पर मजबूत हुआ है। प्रति व्यक्ति आय में निरंतर वृद्धि को उन्होंने इस बात का संकेत बताया कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है।
उन्होंने वर्ष 2025 को ‘औद्योगिक वर्ष’ और 2026 को ‘कृषि वर्ष’ घोषित किए जाने को संतुलित और दूरदर्शी निर्णय बताया। उनके अनुसार इससे उद्योग और कृषि दोनों क्षेत्रों को समान महत्व मिलेगा और प्रदेश की आर्थिक संरचना अधिक सुदृढ़ होगी। उन्होंने कहा कि लगभग 40 लाख करोड़ रुपये के औद्योगिक निवेश को स्वीकृति मिलना और 8 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं का धरातल पर उतरना इस बात का प्रमाण है कि मध्यप्रदेश निवेशकों के लिए विश्वास का केंद्र बन चुका है। इससे व्यापक स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे और युवाओं को अपने ही प्रदेश में काम करने का अवसर मिलेगा।

रोजगार के क्षेत्र में सरकार की पहल का किया उल्लेख
रोजगार के क्षेत्र में सरकार की पहल का उल्लेख करते हुए भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि कौशल विकास, स्वरोजगार योजनाओं और लघु एवं मध्यम उद्योगों को प्रोत्साहन देकर युवाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल रोजगार देना नहीं, बल्कि युवाओं को उद्यमी बनाना भी है। पर्यटन क्षेत्र की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश की प्राकृतिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों के कारण पर्यटन से लगभग 40 प्रतिशत राजस्व प्राप्त हो रहा है। धार्मिक, ऐतिहासिक और वन्य पर्यटन स्थलों के विकास से प्रदेश राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना रहा है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों में भी वृद्धि हुई है।
कृषि क्षेत्र को प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए उन्होंने कहा कि गेहूं उत्पादन में प्रदेश देश में दूसरे स्थान पर है, जबकि दुग्ध उत्पादन में प्रथम स्थान प्राप्त कर चुका है। यह उपलब्धि किसानों की मेहनत और सरकार की किसान हितैषी नीतियों का परिणाम है। सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, समर्थन मूल्य पर खरीदी और आधुनिक कृषि तकनीकों के उपयोग से किसानों की आय में वृद्धि हुई है। कानून व्यवस्था को विकास का मूल आधार बताते हुए श्री सिंह ने गृह विभाग के लिए 13 हजार 477 करोड़ रुपये के बजट प्रावधान का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि 22,500 नए पुलिस पदों पर भर्ती, 11 हजार पुलिस आवासों का निर्माण, न्यायालयीन विज्ञान प्रयोगशालाओं का आधुनिकीकरण और आधुनिक तकनीक आधारित पुलिसिंग व्यवस्था से सुरक्षा तंत्र और अधिक मजबूत होगा। कैमरा आधारित निगरानी प्रणाली और साइबर अपराध से निपटने के लिए विशेष प्रावधानों को भी उन्होंने सराहा।

मुख्यमंत्री के नेतृत्व में अपराध के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की गई
भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में मादक पदार्थों के कारोबार, अवैध धर्मांतरण, तथाकथित लव जिहाद और संगठित अपराध के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की गई है। विभिन्न जिलों में माफियाओं और अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ की गई सख्त कार्रवाई से अपराधियों में भय और आम नागरिकों में विश्वास का वातावरण बना है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश को नक्सलवाद से मुक्त करने में सरकार को सफलता मिली है और आज मध्यप्रदेश शांति, सुरक्षा और स्थिरता का प्रतीक बन चुका है।
प्रधानमंत्री आवास योजना के प्रभावी क्रियान्वयन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि गरीबों को पक्का आवास उपलब्ध कराने में प्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति की है। सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण की दिशा में भी सरकार सक्रिय है। कार्यक्रमों की शुरुआत वंदे मातरम् से करने और भारतीय न्याय संहिता लागू किए जाने जैसे निर्णयों को उन्होंने राष्ट्रीय चेतना को सुदृढ़ करने वाला कदम बताया। अपने संबोधन के अंत में भूपेन्द्र सिंह ने बजट का पूर्ण समर्थन करते हुए विश्वास जताया कि डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश विकास, निवेश, सुरक्षा और सुशासन के नए आयाम स्थापित करेगा। उन्होंने कहा कि यह बजट प्रदेश की आकांक्षाओं को साकार करने वाला दस्तावेज है, जो आने वाले वर्षों में मध्यप्रदेश को देश के अग्रणी और विकसित राज्यों में विशिष्ट पहचान दिलाएगा।