Bhopal में रहवासी इलाकों में कारोबार पर SC की सुनवाई टली: 62,500 प्रतिष्ठानों पर फैसले का इंतजार
Bhopal Residential Area Case: Supreme Court की सुनवाई टली, निगम की Action Taken Report पर भी उठे सवाल
Bhopal: शहर के रहवासी इलाकों में चल रहे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के मामले में मंगलवार को Supreme Court में होने वाली सुनवाई टल गई। जस्टिस के अवकाश पर होने के कारण अब इस मामले की सुनवाई बाद में होगी। फिलहाल नई तारीख तय नहीं हुई है।
इस सुनवाई में Bhopal के रहवासी क्षेत्रों में चल रहे करीब 62,500 प्रतिष्ठानों को लेकर महत्वपूर्ण फैसला आने की उम्मीद थी। इसी मामले में मंगलवार, 15 September को सुनवाई तय थी। नगर निगम को अपनी कार्रवाई की रिपोर्ट भी कोर्ट में पेश करनी थी। अब सुनवाई टलने के बाद अगली तारीख का इंतजार है।
निगम पेश कर चुका है Action Taken Report
इस मामले में Bhopal Municipal Corporation अब तक की कार्रवाई की Action Taken Report Supreme Court में पेश कर चुका है। वहीं, रहवासी पक्ष ने निगम की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए अपने दस्तावेज कोर्ट में पेश किए हैं।
याचिकाकर्ता Vivek Tripathi का आरोप है कि निगम ने कार्रवाई को लेकर जो रिपोर्ट पेश की है, उसमें कई बातें सही नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि जिन प्रतिष्ठानों को सील किया गया था, उनमें से कई दोबारा खुल गए हैं। रहवासी पक्ष ने निगम की कार्रवाई को लेकर कोर्ट के सामने अपनी आपत्तियां दर्ज कराई हैं।
8 हजार से ज्यादा प्रतिष्ठानों को दिए गए नोटिस
दरअसल, 5 August को Supreme Court के आदेश के बाद Bhopal Municipal Corporation ने आवासीय इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियां चलाने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की थी। करीब 15 दिनों तक नोटिस देने का अभियान चला।
इस दौरान सूची में शामिल करीब 62,500 प्रतिष्ठानों में से 8,084 को नोटिस दिए गए। इसके बाद निगम ने 3 दिनों तक कार्रवाई करते हुए करीब 190 प्रतिष्ठानों को बंद किया था। हालांकि, व्यापारियों के विरोध के बाद कार्रवाई रोक दी गई।
व्यापारियों के विरोध के बाद रुकी कार्रवाई
निगम की नोटिस और सीलिंग कार्रवाई के विरोध में व्यापारी सड़क पर उतर आए थे। व्यापारियों के विरोध के बाद निगम ने कार्रवाई रोक दी। पिछले करीब 15 दिनों से इस मामले में कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई है। दूसरी ओर, रहवासी निगम के जिम्मेदार अधिकारियों पर पक्षपात का आरोप लगा रहे हैं। उनका कहना है कि आवासीय इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियों से स्थानीय लोगों को लगातार परेशानी हो रही है।
क्या है पूरा मामला?
Bhopal में आवासीय भवनों के व्यावसायिक इस्तेमाल और अवैध निर्माण को लेकर मामला Supreme Court तक पहुंचा है। August के पहले सप्ताह में हुई सुनवाई के दौरान Supreme Court ने Madhya Pradesh Government की ओर से बनाई गई 10 सदस्यीय जांच समिति की कार्रवाई पर रोक लगा दी थी।
कोर्ट ने Madhya Pradesh High Court की ओर से दुकान संचालकों को दिए गए राहत और Stay Orders भी निरस्त कर दिए थे। Supreme Court ने साफ कहा था कि उसके निर्देश पर चल रही जांच में किसी तरह का हस्तक्षेप स्वीकार नहीं किया जाएगा।
रहवासियों की क्या है मांग?
- रहवासी इलाकों में कमर्शियल गतिविधियां बंद की जाएं।
- दुकानों और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों से होने वाले शोर और भीड़ को रोका जाए।
- बढ़ते ट्रैफिक और व्यावसायिक गतिविधियों से होने वाली सार्वजनिक परेशानी को कम किया जाए।
- रहवासी क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था बेहतर की जाए, क्योंकि लोगों का आरोप है कि असामाजिक गतिविधियां बढ़ रही हैं।
- स्कूली बच्चों की सुरक्षा का ध्यान रखा जाए। बढ़ते ट्रैफिक के कारण हादसों का खतरा बना रहता है।
- आवासीय क्षेत्रों में नियमों के खिलाफ चल रहे प्रतिष्ठानों पर निष्पक्ष कार्रवाई की जाए।
अब सभी की नजर Supreme Court की अगली सुनवाई पर है। नई तारीख तय होने के बाद 62,500 प्रतिष्ठानों और Bhopal के रहवासी इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर आगे की स्थिति साफ हो सकेगी।
Varsha Shrivastava 
