Khargone Food Poisoning : खरगोन में रबड़ी खाने से 37 लोगों को फूड पॉइजनिंग, 4 बच्चों समेत 17 हॉस्पिटल में एडमिट
Khargone Food Poisoning : हरतालिका तीज के त्योहार के चलते कई महिलाओं और बच्चों ने रबड़ी खाई थी। इसके बाद देर शाम कई लोगों को उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी।
Khargone Food Poisoning : मध्य प्रदेश। खरगोन जिले के टांडा बरुड़ में रबड़ी खाने के बाद 37 लोगों के बीमार होने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि सोमवार को हरतालिका तीज के त्योहार के चलते कई महिलाओं और बच्चों ने रबड़ी खाई थी। इसके बाद देर शाम कई लोगों को उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी। एक साथ बड़ी संख्या में लोगों के बीमार होने से गांव में हड़कंप मच गया। इसके बाद मरीजों को उपचार के लिए अलग- अलग अस्पतालों में ले जाया गया।
खरगोन के अस्पतालों में 17 मरीज भर्ती
जानकारी के अनुसार घटना के बाद 17 मरीजों को खरगोन के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इनमें जिला अस्पताल में चार बच्चों समेत कुल आठ लोगों का उपचार चल रहा है। सभी मरीजों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
वहीं, करीब 20 मरीजों का इलाज टांडा बरुड़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम मरीजों की स्थिति पर नजर रख रही है और आवश्यक उपचार दिया जा रहा है।
बस स्टैंड की होटल से खरीदी थी रबड़ी
बताया जा रहा है कि सोमवार को टांडा बरुड़ बस स्टैंड स्थित कैलाश होटल में रबड़ी खाने के बाद लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। हरतालिका तीज 2026 (Hartalika Teej 2026) के मौके पर कई लोगों ने होटल से रबड़ी खाई थी।
इसके कुछ घंटे बाद लोगों को उल्टी और दस्त की शिकायत हुई। इसके बाद परिजन मरीजों को उपचार के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे। एक साथ कई लोगों के बीमार होने के बाद प्रशासन और पुलिस को मामले की जानकारी दी गई।
पुलिस ने होटल पहुंचकर ली जानकारी
मामले की सूचना मिलने के बाद बरुड़ पुलिस होटल पहुंची और घटनाक्रम की जानकारी ली। पुलिस ने होटल संचालक और अन्य संबंधित लोगों से भी जानकारी जुटाई। वहीं, खाद्य सुरक्षा विभाग ने होटल से खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए हैं। इन सैंपलों को जांच के लिए भेजा जाएगा।
प्रारंभिक तौर पर रबड़ी खाने के बाद लोगों के बीमार होने से फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, अभी यह आधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं हुई है कि बीमारी की वजह रबड़ी ही थी। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि लोगों की तबीयत खराब होने की वास्तविक वजह क्या थी।

