Bhopal का Master Plan क्यों अटका? 21 साल पुराने प्लान से बढ़ती आबादी तक, समझिए पूरी कहानी

भोपाल में मास्टर प्लान 2005 को लागू हुए 21 साल हो चुके हैं, लेकिन शहर की आबादी और जरूरतें तेजी से बढ़ती गईं। आवासीय जमीन के मुकाबले कमर्शियल जमीन सीमित रही, जिसके चलते रिहायशी इलाकों में दुकान, होटल, रेस्टोरेंट और दूसरी व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ीं। इसके बाद सीलिंग और अवैध निर्माण की कार्रवाई का सिलसिला भी देखने को मिला। मास्टर प्लान 2031 के ड्राफ्ट में प्लानिंग एरिया बढ़ाने और आवासीय लैंड यूज में बड़ा बदलाव प्रस्तावित किया गया था, लेकिन ड्राफ्ट वापस होने के बाद अब नजर मास्टर प्लान 2047 पर है। इस वीडियो में समझिए—भोपाल का मास्टर प्लान आखिर क्यों अटका, बढ़ती आबादी के सामने शहर की प्लानिंग की चुनौती क्या है, कमर्शियल जमीन की कमी से क्या असर पड़ा और आने वाले वर्षों में भोपाल के विकास के लिए मास्टर प्लान 2047 कितना महत्वपूर्ण हो सकता है।