बुमराह का वर्कलोड मैनेजमेंट या जोखिम? BCCI के 9 टेस्ट प्लान पर उठे सवाल
BCCI का जसप्रीत बुमराह को लगातार 9 टेस्ट खिलाने का प्लान चर्चा में है। क्या यह मास्टरस्ट्रोक है या उनकी फिटनेस और 2027 ODI वर्ल्ड कप के लिए खतरा?
नई दिल्ली: टीम इंडिया के स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह इन दिनों चर्चा में हैं, लेकिन इस बार वजह उनके विकेट नहीं बल्कि BCCI का नया वर्कलोड प्लान है. खबरों के मुताबिक बोर्ड चाहता है कि बुमराह आगामी 9 टेस्ट मैच लगातार खेलें, जिसमें श्रीलंका, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज शामिल हैं.
इस फैसले का मकसद साफ है. WTC 2027 फाइनल में जगह बनाना. लेकिन, बड़ा सवाल यह है कि क्या यह रणनीति टीम इंडिया के लिए फायदेमंद साबित होगी या उल्टा नुकसान कर सकती है?

क्या बुमराह का शरीर सह पाएगा इतना दबाव?
जसप्रीत बुमराह का अनोखा बॉलिंग एक्शन उन्हें दुनिया का सबसे खतरनाक गेंदबाज बनाता है, लेकिन यही उनके शरीर पर अतिरिक्त दबाव भी डालता है. पीठ की चोट के कारण वह पहले भी कई अहम सीरीज मिस कर चुके हैं. 2025 में इंग्लैंड के खिलाफ 5 में से सिर्फ 3 टेस्ट खेल पाए थे. अब ऐसे में लगातार 9 टेस्ट खेलने का प्लान कहीं उन्हें फिर से इंजरी के खतरे में न डाल दे.

ODI क्रिकेट पर पड़ेगा असर?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, बुमराह को टेस्ट के लिए फ्रेश रखने के लिए ODI क्रिकेट से आराम दिया जा सकता है.
लेकिन यहां चिंता की बात यह है कि 2027 ODI वर्ल्ड कप भी नजदीक है. ODI फॉर्मेट में अलग तरह का रिदम और फिटनेस चाहिए होती है. अगर बुमराह लंबे समय तक वनडे से दूर रहते हैं, तो उनकी धार पर असर पड़ सकता है.
क्या है बुमराह की प्राथमिकता?
बुमराह खुद टेस्ट क्रिकेट को प्राथमिकता देते हैं, और बड़े मैचों में परफॉर्म करना पसंद करते हैं. लेकिन लगातार 9 टेस्ट मैच खेलना किसी मैराथन से कम नहीं है. जिसमें मानसिक और शारीरिक दोनों तरह की चुनौती होंगी.

WTC फाइनल की राह कितनी आसान?
वर्तमान में टीम इंडिया WTC पॉइंट्स टेबल में छठे स्थान पर है. 9 मैचों में 4 जीत और 4 हार के साथ स्थिति मजबूत नहीं है. ऐसे में सिर्फ बुमराह के प्रदर्शन से फाइनल का टिकट मिलना मुश्किल है. टीम के बाकी खिलाड़ियों को भी लगातार शानदार प्रदर्शन करना होगा.

मास्टरप्लान या बड़ा जोखिम?
BCCI का इरादा भले ही अच्छा हो, लेकिन बुमराह कोई मशीन नहीं हैं. वह भारतीय क्रिकेट की सबसे कीमती संपत्ति हैं. अगर वर्कलोड मैनेजमेंट में चूक हुई, तो नुकसान सिर्फ WTC तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि 2027 वर्ल्ड कप और भविष्य की योजनाएं भी प्रभावित हो सकती हैं.
shivendra 
