LPU Violence 2026 : LPU में आखिर हुआ क्या? FIR से लेकर SIT जांच तक पढ़िए पूरी टाइमलाइन

LPU Violence 2026 : विश्वविद्यालय ने सोशल मीडिया पर फैल रहे आरोपों को निराधार बताया है। हॉस्टल वीडियो और एक छात्रा की मौत को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं। फिलहाल जांच जारी है।

LPU Violence 2026 : LPU में आखिर हुआ क्या? FIR से लेकर SIT जांच तक पढ़िए पूरी टाइमलाइन

LPU Violence 2026 : चंडीगढ़। पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में कथित यौन उत्पीड़न के मामले को लेकर 27 सितंबर को छात्रों का प्रदर्शन हिंसक हो गया। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर सात सदस्यीय एसआईटी बनाई है। विश्वविद्यालय ने सोशल मीडिया पर फैल रहे आरोपों को निराधार बताया है। हॉस्टल वीडियो और एक छात्रा की मौत को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं। फिलहाल जांच जारी है।

विवाद की शुरुआत कैसे हुई

कैंपस में एक छात्रा के कथित यौन उत्पीड़न की खबरों से विवाद शुरू हुआ। सोशल मीडिया पर घटना से जुड़ी कई बातें फैलने लगीं। छात्रों ने जांच और कार्रवाई की मांग की। पुलिस के मुताबिक एक छात्रा के बयान के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई। शिकायत में दावा किया गया कि 23 सितंबर को गर्ल्स हॉस्टल में कथित यौन अपराध हुआ और मामले को दबाने की कोशिश की गई।

छात्रा की मौत वाले दावे पर पुलिस का जवाब

विरोध के दौरान सोशल मीडिया पर कथित उत्पीड़न को एक छात्रा की आत्महत्या से जोड़कर दावे किए गए। पुलिस ने स्पष्ट किया कि करीब 15 दिन पहले एक तेलंगाना की छात्रा की मौत हुई थी। दोनों घटनाओं को एक ही मामला मानकर नहीं चलना चाहिए। पुलिस अलग-अलग पहलुओं की जांच कर रही है।

एलपीयू प्रशासन का रुख

एलपीयू प्रशासन ने कथित घटना और अफवाहों को गलत, निराधार और मनगढ़ंत बताया। विश्वविद्यालय का कहना है कि सोशल मीडिया के जरिए भ्रम फैलाया जा रहा था। प्रशासन ने छात्रों और अभिभावकों से केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की।

छात्र क्यों भड़के और प्रदर्शन कैसे हिंसक हुआ

छात्रों ने निष्पक्ष जांच, जवाबदेही और हॉस्टल सुरक्षा के सवाल उठाए। कुछ छात्रों ने महिला हॉस्टल में केवल महिला स्टाफ की मांग रखी। 27 सितंबर को प्रदर्शन के दौरान तोड़फोड़ और आगजनी हुई। प्रदर्शनकारियों ने एनएच-44 के एक हिस्से को जाम कर दिया। पत्थरबाजी हुई और पुलिस वाहनों को नुकसान पहुंचा। स्थिति नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज किया।

एफआईआर, एसआईटी और हॉस्टल वीडियो

पुलिस ने एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ कथित यौन अपराध का मामला दर्ज किया। सात सदस्यीय एसआईटी बनाई गई जिसमें पुलिस अधिकारियों के साथ छात्रों के प्रतिनिधि भी शामिल हैं। डिजिटल सबूतों को भी जांच में शामिल किया जा रहा है।

एलपीयू ने एक वीडियो जारी किया जिसमें रूम नंबर 504 की तीन छात्राओं ने कहा कि उनके कमरे में ऐसी कोई घटना नहीं हुई। बाद में इन्हीं छात्राओं ने कहा कि उन्हें वीडियो में क्या बोलना है बताया गया था और वीडियो उनकी सहमति के बिना इस्तेमाल हुआ। दोनों दावों की पुष्टि बाकी है।

वर्तमान स्थिति और मुख्यमंत्री के निर्देश

हाईवे पर करीब 15 घंटे तक गतिरोध के बाद यातायात बहाल हुआ। एलपीयू ने सुरक्षा कारणों से 28 सितंबर से 10 दिनों के लिए नियमित कक्षाएं स्थगित कर दी हैं। मिड-टर्म परीक्षाएं अगले आदेश तक टाल दी गई हैं। छात्रों को घर जाने या हॉस्टल में रहने की सलाह दी गई है।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने डीजीपी गौरव यादव को मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लेने और मामले की समीक्षा करने को कहा है।