2031 तक 14,981 बसों के संचालन का लक्ष्य: CM डॉ. मोहन यादव बोले- प्रदेश में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का होगा निरंतर विस्तार

यात्रियों के लिए जिलों में सुविधायुक्त बस स्टैंड से लेकर ITMS तक सुविधाएं विकसित करेगी सरकार, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की व्यवस्थाएं बेहतर बनाने कलेक्टर-SP को दिए निर्देश

2031 तक 14,981 बसों के संचालन का लक्ष्य: CM डॉ. मोहन यादव बोले- प्रदेश में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का होगा निरंतर विस्तार

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के नागरिकों के हित में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की शुरुआत की गई है। प्रदेश में साल 2005 में राज्य परिवहन निगम बंद किया गया था। राष्ट्रवादी विचारक पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती 25 सितंबर से प्रदेश में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत 351 इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसों के संचालन की शुरुआत हुई है।

इसका निरंतर विस्तार किया जाएगा। अगले 5 साल में 14 हजार 981 बसों के संचालन का लक्ष्य है। इस सेवा में पहले से संचालित फिट बसों का भी उपयोग किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने नागरिकों से भ्रमपूर्ण जानकारी पर विश्वास न करने की अपील की।

कलेक्टर और एसपी को दिए निर्देश

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंत्रालय में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत नागरिकों की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं के विकास को लेकर जिलों के कलेक्टर्स और पुलिस अधीक्षकों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से निर्देश दे रहे थे।

उन्होंने कहा कि सेवा संकल्प माह के तहत शुरू की गई इस सुविधा का यात्रियों को व्यवस्थित संचालन के साथ लाभ मिले, इसके लिए स्थानीय प्रशासन सभी जरूरी कदम उठाए। संबंधित जिलों में नागरिकों और बस ऑपरेटर्स को आवश्यक सहयोग भी उपलब्ध कराया जाए।

बंद बस डिपो और स्टैंड का उपयोग

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जिन स्थानों पर बस डिपो या टर्मिनल बंद हैं, वहां स्वच्छता अभियान चलाकर बैठक और अन्य जरूरी सुविधाएं विकसित की जाएं। जहां स्टॉप या बस स्टैंड समाप्त हो चुके हैं, वहां भूमि उपलब्ध कराकर नई सुविधा विकसित की जाए। परमिट के अलावा चल रही बसों के व्यवस्थित और अनुशासित संचालन को प्राथमिकता दी जाए।

निजी बस ऑपरेटर्स की बसों की फिटनेस, परमिट की शर्तों, ड्राइवर के संचालन और व्यवहार की मजिस्ट्रेट एवं पुलिस अधिकारियों के माध्यम से नियमित जांच की व्यवस्था की जाए। शहरों में आवश्यक अधोसंरचना के विकास के लिए क्षेत्रीय कंपनियों के साथ स्थानीय प्रशासन सहयोग करे।

ट्रैफिक पुलिस का मिलेगा सहयोग

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि बसों के बाधारहित संचालन के लिए थाना पुलिस और ट्रैफिक पुलिस का सहयोग दिलाया जाए। जिला स्तरीय परिवहन सलाहकार समिति की नियमित बैठकें भी हों। जिला कलेक्टर टीएल बैठक में क्षेत्रीय कंपनी के ईडी से प्रत्येक सप्ताह चर्चा करें। राज्य परिवहन उपक्रम की ओर से जिला स्तरीय परिवहन सलाहकार समितियों के समक्ष रूट प्रस्तुत कर सुझाव भी लिए जाएं। आम जनता के हित में सभी एजेंसियों के बीच आवश्यक संवाद बना रहना चाहिए।

निजी बस ऑपरेटर्स को प्रोत्साहन

परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का अधिक से अधिक नागरिकों को लाभ दिलाने के लिए निजी बस ऑपरेटर्स को आवश्यक प्रोत्साहन दिया जा रहा है। यात्रियों से प्राप्त सुझावों के आधार पर भी प्रशासन द्वारा जरूरी व्यवस्थाएं की जाएंगी।

मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा मध्यप्रदेश शासन की महत्वाकांक्षी योजना है। यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के लिए बस ऑपरेटर्स के साथ प्रशासन का नियमित संवाद जरूरी है। उन्होंने कहा कि विभिन्न भ्रांतियों को दूर किया जाए। पहले से संचालित फिट बसों का भी उपयोग किया जा रहा है। यात्री एप के माध्यम से अपनी यात्रा की बेहतर योजना बना सकते हैं।

7 क्षेत्रों में 3,636 रूट पर बस संचालन

परिवहन सचिव मनीष सिंह ने प्रजेंटेशन में बताया कि मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तीन प्रमुख स्तंभ बस संचालन, इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) और इंफ्रास्ट्रक्चर हैं। वर्तमान में शुरू की गई बसों की संख्या लगातार बढ़ाई जाएगी। यात्रियों को सुविधा देने के साथ निजी ऑपरेटर्स के व्यवसाय के उचित लाभ का भी ध्यान रखा गया है।

उन्होंने बताया कि राज्य परिवहन उपक्रम के लिए भोपाल में कार्यालय की व्यवस्था की गई है। अगले 3 महीने में भोपाल, इंदौर, उज्जैन और सागर में क्षेत्रीय सहायक कंपनियों के लिए शत-प्रतिशत कार्यालय भवन उपलब्ध होंगे। जबलपुर, रीवा और ग्वालियर में भी कार्यालय भवन की व्यवस्था की जा रही है।

मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के लिए आवश्यक कुल 1,190 पदों में से 400 पदों पर नियुक्ति की कार्रवाई पूरी की जाएगी। विशेषज्ञ पद भी भरे जाएंगे। यात्री संख्या और रूट सर्वे के आधार पर प्रदेश में सात क्षेत्रों के 3,636 मार्गों पर 13,006 बसों की व्यवस्था की जानी है। इसका चरणबद्ध विस्तार किया जाएगा। वर्ष 2031 तक प्रदेश में 14,981 बसों के संचालन का लक्ष्य रखा गया है।

ITMS से मिलेगी आधुनिक सुविधा

राज्य स्तरीय ITMS प्लेटफॉर्म को सेवा की विशेष सुविधा के रूप में विकसित किया जा रहा है। चलो मोबिलिटी के अंतर्गत ITMS का अंतरिम रूप से प्रयोग करते हुए आवश्यक मॉड्यूल निर्धारित किए गए हैं। परिवहन सचिव ने सुगम बस संचालन के लिए अधोसंरचना विकास से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं की भी जानकारी दी।