केंद्रीय मंत्री ने तीन चरणों में बताई कृषि विकास यात्रा : कहा - 2015 के बाद कृषि विकास दर में 50 प्रतिशत वृद्धि

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि 2015 के बाद कृषि की औसत विकास दर 4.5 प्रतिशत रही। इससे पहले दोनों चरणों में यह करीब 3 प्रतिशत ही थी।

केंद्रीय मंत्री ने तीन चरणों में बताई कृषि विकास यात्रा : कहा - 2015 के बाद कृषि विकास दर में 50 प्रतिशत वृद्धि

नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भारत की कृषि विकास यात्रा को तीन चरणों में बांटकर बताया। उन्होंने कहा कि 1967 से 1995 के बीच खाद्यान्न उत्पादन की औसत वार्षिक वृद्धि 4.1 मिलियन टन रही। 1996 से 2014 के बीच यह 3.9 मिलियन टन रही। 2015 के बाद यह वृद्धि बढ़कर 8.4 मिलियन टन हो गई।

विकास दर में उल्लेखनीय बढ़ोतरी

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि 2015 के बाद कृषि की औसत विकास दर 4.5 प्रतिशत रही। इससे पहले दोनों चरणों में यह करीब 3 प्रतिशत ही थी। यानी विकास दर में लगभग 50 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। यह केंद्र और राज्य सरकारों के साथ आईसीएआर के सहयोग का परिणाम है।

खरीफ बोनी और बाढ़ का असर

कंटिंजेंसी प्लान के कारण खरीफ की बोनी का क्षेत्रफल सिर्फ एक प्रतिशत कम रहा। धान का क्षेत्रफल करीब 16.32 लाख हेक्टेयर घटा है। मक्का, सोयाबीन और कपास में भी कुछ कमी आई। लेकिन उड़द, बाजरा, ज्वार, तिल, सूरजमुखी और तुअर का क्षेत्र बढ़ा है। कर्नाटक, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में भारी बारिश से करीब 6.11 लाख हेक्टेयर फसल प्रभावित हुई है। अल नीनो के बावजूद बोनी पिछले साल के लगभग बराबर रही।

खेत बचाओ अभियान और खाद का संतुलित उपयोग

खाद की कोई कमी नहीं है लेकिन मिट्टी की जरूरत के अनुसार ही संतुलित उपयोग जरूरी है। इसी उद्देश्य से खरीफ में खेत बचाओ अभियान चलाया गया था। अब रबी के लिए 22 अक्टूबर से 30 नवंबर तक यह अभियान फिर चलेगा। पंजाब और हरियाणा में कई गांव डायरेक्ट सीडिंग अपना चुके हैं। मंत्री ने कहा कि प्रदूषण के लिए केवल किसानों को दोषी ठहराना उचित नहीं है।

एफटीए और निर्यात के अवसर

एफटीए के फायदों की सही जानकारी किसानों तक पहुंचाई जाएगी। मिलेट्स, फल, सब्जी और अनाज के निर्यात योग्य उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा। दुनिया के कई बाजार जीरो प्रतिशत इंपोर्ट ड्यूटी पर खुले हैं। खेत बचाओ अभियान के तहत किसानों को इन अवसरों के बारे में जागरूक किया जाएगा।