Hashim Musa Killed : जंगल में छिपा लश्कर कमांडर हाशिम मूसा एनकाउंटर में ढेर, सितंबर में मारे गए 5 आतंकी

Hashim Musa Killed : यह मुठभेड़ खानसाहिब के पालमेदन मुगपथरी जंगल इलाके में हुई। आतंकी की पहचान लश्कर ए तैयबा के टॉप कमांडर हाशिम मूसा के रूप में हुई है। फिलहाल सेना का सर्च ऑपरेशन जारी है।

Hashim Musa Killed : जंगल में छिपा लश्कर कमांडर हाशिम मूसा एनकाउंटर में ढेर, सितंबर में मारे गए 5 आतंकी

Hashim Musa Killed : जम्मू कश्मीर। बडगाम जिले में मंगलवार देर रात सुरक्षाबलों ने एक आतंकी को मार गिराया। यह मुठभेड़ खानसाहिब के पालमेदन मुगपथरी जंगल इलाके में हुई। मारे गए आतंकी की पहचान लश्कर-ए-तैयबा के टॉप कमांडर हाशिम मूसा के रूप में हुई है। फिलहाल सेना का सर्च ऑपरेशन जारी है। कुछ और आतंकी छिपे हो सकते हैं। उन्हें भागने से रोकने के लिए अतिरिक्त सुरक्षाबलों को भी मौके पर भेजा गया है। 

हाशिम मूसा का शव बरामद 

भारतीय सेना ने इस पूरे अभियान को ऑपरेशन कोराग नाम दिया है। चल रहे ऑपरेशन के तहत पालमैदान इलाके में सुबह की तलाशी के दौरान पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी मोहम्मद आसिफ उर्फ हाशिम मूसा का शव और युद्ध में इस्तेमाल होने वाला सामान बरामद किया गया। ऑपरेशन अभी भी जारी है।

सितंबर में 5 आतंकियों का खात्मा

जम्मू-कश्मीर के दो जिलों उधमपुर और बडगाम में एक सितंबर से 30 सितंबर के बीच कुल पांच आतंकी मारे गए हैं। पांच सितंबर को बडगाम में यासिर को मार गिराया गया था। 17 सितंबर को उधमपुर में दो पाकिस्तानी आतंकियों सद्दाम और मुस्तफा को ढेर किया गया। 

इसी महीने एक आतंकी का सड़ा हुआ शव भी मिला था। ये सभी घटनाएं सुरक्षाबलों की निरंतर निगरानी और कार्रवाई को दर्शाती हैं। क्षेत्र में आतंकवाद के खिलाफ अभियान लगातार चल रहा है और नतीजे भी सामने आ रहे हैं।

ऑपरेशन कोराग की शुरुआत 

इंडियन आर्मी ने इस एनकाउंटर को ऑपरेशन कोराग नाम दिया है। सेना ने एक्स पर जानकारी दी कि खुफिया सूचना के आधार पर भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ ने यूसमर्ग के कोराग इलाके में संयुक्त सर्च ऑपरेशन शुरू किया। 

सुरक्षाबलों ने संदिग्ध गतिविधि देखी। आतंकियों ने गोलीबारी शुरू कर दी। इसके बाद सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई। एक आतंकी मारा गया। ऑपरेशन अभी जारी है और इलाके की पूरी तलाशी ली जा रही है।

लश्कर के चार सदस्यीय ग्रुप पर लंबे समय से नजर

सुरक्षा एजेंसियों की नजर 2022 से जम्मू-कश्मीर में सक्रिय लश्कर-ए-तैयबा के चार आतंकियों के ग्रुप पर थी। इसमें जुनैद रमजान अहमद, अबू ताल्हा, यासिर और हाशिम मूसा शामिल थे। जुनैद रमजान को दिसंबर 2024 में ही मार दिया गया था। उसके मोबाइल से सुरक्षाबलों को इन चारों की एक तस्वीर मिली। 

इससे एजेंसियों को पूरे ग्रुप और उसके नेटवर्क की अहम जानकारी मिली। इसके बाद ताल्हा को अप्रैल 2025 में, यासिर सुलेमान और मूसा को सितंबर 2026 में ढेर कर दिया गया। 2025 में पहलगाम हमले के बाद संदिग्ध आतंकियों में मूसा का स्केच जारी हुआ था। 

हालांकि बाद में पता चला कि वह इस हमले में शामिल नहीं था। 28 जुलाई को एक एनकाउंटर के बाद मीडिया में खबरें आई थीं कि सुरक्षाबलों ने पाकिस्तानी कमांडो से आतंकी बने हाशिम मूसा को मारा है लेकिन मरने वाला हाशिम मूसा नहीं बल्कि लश्कर का आतंकी सुलेमान था। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 29 जुलाई को लोकसभा में इसकी पुष्टि की थी। उन्होंने बताया कि मरने वाले तीनों आतंकी पहलगाम हमले में शामिल थे।

उधमपुर और डोडा में भी सुरक्षाबलों की कार्रवाई

17 सितंबर को उधमपुर के मजालता इलाके में सेना ने दो पाकिस्तानी आतंकियों को मार गिराया था। इनकी पहचान सद्दाम और मुस्तफा के रूप में हुई है। ये आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े थे। उनके पास से एक एके असॉल्ट राइफल चार मैगजीन के साथ, एम4 कार्बाइन तीन मैगजीन के साथ, एक ग्लॉक पिस्टल दो मैगजीन के साथ और चार ग्रेनेड बरामद किए गए थे। 

डोडा में नौ सितंबर को लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े एक पाकिस्तानी आतंकी का सड़ा हुआ शव मिला था। एसओजी डोडा, राष्ट्रीय राइफल्स और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने सर्च ऑपरेशन के दौरान शव बरामद किया। 

उसके पास से नाइट विजन क्षमता वाली एम4 राइफल भी मिली। पुलिस के अनुसार आतंकी को छह सितंबर को सेओजधार के घने जंगलों में हुई मुठभेड़ में मारा गया था। लेकिन दुर्गम इलाके के कारण उसका शव बाद में बरामद हो सका।

लश्कर-ए-तैयबा का इतिहास और हाफिज सईद की भूमिका

लश्कर-ए-तैयबा पाकिस्तान स्थित एक आतंकी संगठन है। इसे भारत, अमेरिका और कई अन्य देशों ने आतंकवादी संगठन घोषित किया है। इसकी स्थापना 1980 के दशक के अंत में पाकिस्तान में हुई थी। मुख्य संस्थापक हाफिज सईद और जफर इकबाल हैं। 

इसकी मुख्य गतिविधियां भारत खासकर जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी हमलों और हिंसा से जुड़ी रही हैं। संगठन का सबसे बड़ा हमला 2008 का मुंबई आतंकी हमला था जिसमें 166 लोगों की मौत हुई थी। सुरक्षाबलों की यह कार्रवाई इसी संगठन के खिलाफ लंबे संघर्ष का हिस्सा है।