Ashmita Chaliha ने जीता Korea Masters 2026 का खिताब, Han Qian Xi को हराया
Ashmita Chaliha ने Korea Masters 2026 महिला सिंगल्स का खिताब जीत लिया. फाइनल में चीन की Han Qian Xi को हराकर भारतीय शटलर ने पहला BWF World Tour खिताब अपने नाम किया.
भारतीय बैडमिंटन के लिए एक और बड़ी कामयाबी सामने आई है. Ashmita Chaliha ने Korea Masters 2026 के महिला सिंगल्स का खिताब अपने नाम कर लिया. फाइनल में भारतीय शटलर ने चीन की Han Qian Xi को हराकर ट्रॉफी पर कब्जा किया.
फाइनल मुकाबले में अश्मिता को शुरुआत में मुश्किल का सामना करना पड़ा. चीनी खिलाड़ी ने पहला गेम अपने नाम कर भारतीय शटलर पर दबाव बना दिया था. इसके बाद अश्मिता ने शानदार वापसी की और लगातार दो गेम जीतकर पूरा मुकाबला अपने नाम कर लिया.
पहला गेम गंवाने के बाद अश्मिता की शानदार वापसी
खिताबी मुकाबले की शुरुआत भारतीय खिलाड़ी के लिए उम्मीद के मुताबिक नहीं रही. Han Qian Xi ने पहले गेम में आक्रामक खेल दिखाया और अश्मिता को लगातार दबाव में रखा. नतीजा यह रहा कि चीनी खिलाड़ी ने पहला गेम 21-14 से जीत लिया.
एक गेम से पिछड़ने के बाद अश्मिता के सामने वापसी की चुनौती थी. उन्होंने दूसरे गेम में अपनी रणनीति बदली और लंबी रैलियों में धैर्य बनाए रखा. धीरे-धीरे उन्होंने मैच पर पकड़ बनानी शुरू की और दूसरा गेम भी 21-14 से अपने नाम कर लिया.
तीसरे गेम में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला, लेकिन अश्मिता ने अहम मौकों पर बेहतर प्रदर्शन किया. उन्होंने निर्णायक गेम भी 21-14 से जीत लिया. इस तरह स्कोर 14-21, 21-14, 21-14 रहा और भारतीय खिलाड़ी चैंपियन बन गईं.
करियर का पहला BWF World Tour खिताब
Korea Masters की यह ट्रॉफी अश्मिता के करियर के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. यह उनका पहला BWF World Tour खिताब है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार मेहनत कर रही अश्मिता के लिए यह जीत उनके करियर में एक नया मुकाम लेकर आई है.
फाइनल में पिछड़ने के बाद जिस तरह उन्होंने मुकाबला अपने पक्ष में किया, वह उनके आत्मविश्वास और मानसिक मजबूती को भी दिखाता है. एक गेम हारने के बावजूद उन्होंने अपनी लय नहीं खोई और अगले दोनों गेम में विरोधी खिलाड़ी को वापसी का मौका नहीं दिया.
मुश्किल दौर के बाद हासिल की बड़ी जीत
अश्मिता के करियर में पिछले कुछ समय में उतार-चढ़ाव भी रहे हैं. चोट और फिटनेस से जुड़ी परेशानियों के कारण उन्हें कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ा. ऐसे समय के बाद Korea Masters में खिताब जीतना उनकी वापसी को खास बनाता है.
पूरे टूर्नामेंट के दौरान उन्होंने अपने खेल में निरंतरता बनाए रखी. हर दौर में मिली जीत के साथ उनका आत्मविश्वास बढ़ता गया और आखिरकार उन्होंने फाइनल में भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए ट्रॉफी अपने नाम कर ली.
फाइनल से पहले भारतीय खिलाड़ी को हराया
अश्मिता ने फाइनल में पहुंचने से पहले सेमीफाइनल मुकाबले में भारत की रक्षिता रामराज को हराया था. इस जीत के साथ उन्होंने टूर्नामेंट के खिताबी मुकाबले में जगह बनाई.
सेमीफाइनल की जीत के बाद उनके सामने अब सिर्फ एक कदम और था. फाइनल में पहला गेम हारने के बावजूद उन्होंने दबाव को खुद पर हावी नहीं होने दिया और लगातार दो गेम जीतकर खिताब हासिल कर लिया.

भारतीय महिला बैडमिंटन के लिए अच्छी खबर
अश्मिता की यह जीत भारतीय महिला बैडमिंटन के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है. पिछले कुछ समय में भारतीय महिला सिंगल्स में नई खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी मौजूदगी मजबूत की है.
Korea Masters की ट्रॉफी अश्मिता को आगे के बड़े टूर्नामेंटों के लिए आत्मविश्वास देगी. अब उनकी कोशिश इस प्रदर्शन को बरकरार रखते हुए विश्व स्तर की प्रतियोगिताओं में लगातार बेहतर नतीजे हासिल करने की होगी.
Anubhav Dubey 
