अहमदाबाद प्लेन क्रैश: पीड़ित परिवारों ने PM मोदी को लिखा पत्र – हमें पैसे नहीं, सच्चाई चाहिए
अहमदाबाद में हुए दर्दनाक Air India Flight AI171 crash को 10 महीने बीत चुके हैं… लेकिन पीड़ित परिवार आज भी जवाब के इंतज़ार में हैं। गुजरात के करीब 30 प्रभावित परिवारों ने Narendra Modi को पत्र लिखकर मांग की है कि फ्लाइट के ब्लैक बॉक्स और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) का डेटा सार्वजनिक किया जाए।
अहमदाबाद एअर इंडिया प्लेन क्रैश के 10 महीने बाद भी पीड़ित परिवार सच्चाई जानने को बेचैन हैं। शनिवार को गुजरात के करीब 30 प्रभावित परिवारों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर फ्लाइट के ब्लैक बॉक्स कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) का डेटा तुरंत सार्वजनिक करने की मांग की है। परिवारों ने साफ कहा, हमें मुआवजा नहीं चाहिए, हमें हादसे की असली वजह जाननी है। क्या इसमें कोई तकनीकी खराबी थी या कुछ और।
परिवारों की मुख्य मांगें:
ब्लैक बॉक्स और CVR का पूरा डेटा सार्वजनिक किया जाए। अगर सार्वजनिक नहीं किया जा सकता तो कम से कम पीड़ित परिवारों को निजी तौर पर साझा किया जाए। एअर इंडिया की तरफ से मदद और जानकारी देने में कमी का आरोप।
एक पीड़िता ने बताया कि एअर इंडिया की वेबसाइट पर मृतकों के सामान की 25,000 से ज्यादा आइटम्स की लिस्ट है, लेकिन तस्वीरें इतनी धुंधली हैं कि कुछ भी पहचानना लगभग नामुमकिन है।

रोमिन वोरा कहा:
गांव के कई लोग ईमेल भी नहीं चलाना जानते। सिर्फ एक ईमेल आईडी दी गई है और जवाब आने में 15 दिन लग जाते हैं। साथ ही, निजी सामान को सार्वजनिक रूप से दिखाना भी असंवेदनशील है।
निलेश पुरोहित ने भावुक होकर कहा, अब मेरा घर पूरी तरह खाली लगता है। कोई भी मुआवजा इस खालीपन को नहीं भर सकता। हमें पैसे नहीं, सच्चाई चाहिए।
हादसे की याद, 12 जून 2025 को अहमदाबाद से लंदन जा रही एअर इंडिया की फ्लाइट AI171 (बोइंग 787-8) टेकऑफ के कुछ ही मिनटों बाद मेडिकल कॉलेज हॉस्टल पर क्रैश हो गई थी। इस दुर्घटना में विमान में सवार 241 लोगों और जमीन पर 19 लोगों समेत कुल 260 लोगों की मौत हो गई थी। इसमें 60 विदेशी नागरिक भी शामिल थे।
जांच की स्थिति:
एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने जुलाई 2025 में प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी थी। फाइनल रिपोर्ट जून 2026 में (हादसे की पहली बरसी के आसपास) आने की उम्मीद है। फरवरी 2026 में AAIB ने इटली के एक अखबार की उस खबर को खारिज किया था जिसमें पायलट को दोषी ठहराया गया था। AAIB ने कहा था कि जांच अभी जारी है और कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला गया है।

पीड़ित परिवारों ने पत्र की कॉपी AAIB, DGCA और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को भी भेजी है। परिवारों का कहना है कि पारदर्शिता के बिना उनका दर्द और बढ़ता जा रहा है। वे बस इतना चाहते हैं कि हादसे की सच्ची वजह सामने आए ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदी न दोहराई जाए।

