राजा रघुवंशी हत्याकांड: मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को शिलांग कोर्ट से मिली जमानत

इंदौर के चर्चित हत्याकांड में आया नया मोड़। सोनम रघुवंशी जेल से रिहा होने की तैयारी में। राजा रघुवंशी का परिवार हाइकोर्ट में अपील करेगा।

राजा रघुवंशी हत्याकांड: मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को शिलांग कोर्ट से मिली जमानत

इंदौर के बहुचर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड मामले की मुख्य आरोपी मानी जा रही उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी को मेघालय की शिलांग कोर्ट से जमानत मिल गई है। इस निर्णय से मृतक राजा रघुवंशी के परिवार में गहरा आक्रोश और निराशा है।

शिलांग जेल में बंद थी सोनम रघुवंशी

सोनम रघुवंशी पिछले कई महीनों से मेघालय के शिलांग जेल में न्यायिक हिरासत में बंद थी। उस पर राजा रघुवंशी की हत्या में कथित भूमिका निभाने का आरोप है। पुलिस जांच के दौरान उसे इस मामले में मुख्य आरोपी के रूप में नामजद किया गया था। इससे पहले उसकी जमानत याचिकाएं तीन बार खारिज हो चुकी थीं, लेकिन चौथी बार शिलांग कोर्ट ने उसे राहत देते हुए जमानत मंजूर कर दी।

शादी, हनीमून और फिर हत्या की कहानी

यह पूरा मामला मई 2025 में शुरू हुआ था जब इंदौर निवासी राजा रघुवंशी और सोनम रघुवंशी की शादी 11 मई को हुई थी। शादी के कुछ ही दिनों बाद, 21 मई को दोनों हनीमून के लिए मेघालय के शिलांग रवाना हुए थे। शुरुआत में सब कुछ सामान्य बताया गया, लेकिन 23 मई को दोनों अचानक लापता हो गए।

इसके बाद पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने बड़े स्तर पर तलाशी अभियान चलाया। करीब 10 दिनों बाद राजा रघुवंशी का शव शिलांग की एक गहरी खाई से बरामद किया गया। शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हालत में था और उस पर धारदार हथियार से हमले के निशान पाए गए थे।

जांच में सामने आए कई चौंकाने वाले तथ्य

पुलिस जांच के दौरान मामले ने तेजी से नया मोड़ लिया। जांच में सोनम रघुवंशी के अलावा कई अन्य लोगों की भूमिका सामने आई। इसके बाद सोनम को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से पुलिस ने हिरासत में लिया था, जहां उसने कथित रूप से आत्मसमर्पण किया था।

मामले में कुल आठ लोगों की गिरफ्तारी की बात सामने आई, जिनमें से कुछ को बाद में जमानत मिल चुकी है। जांच एजेंसियों के अनुसार, इस हत्याकांड में योजनाबद्ध तरीके से साजिश रची गई थी। हालांकि सोनम और अन्य आरोपियों की ओर से इन आरोपों से इनकार किया जाता रहा है।

इस केस में एक महत्वपूर्ण विवाद यह भी रहा कि सोनम की गिरफ्तारी की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए गए। आरोप है कि गाजीपुर से उसे उठाने के दौरान पुलिस ने सही प्रक्रिया और जानकारी परिवार को नहीं दी, जिसका फायदा बचाव पक्ष ने अदालत में उठाया। इसी आधार पर कोर्ट में जमानत याचिका पर बहस हुई और अंततः अदालत ने उसे जमानत दे दी। शिलांग पुलिस ने कहा कि कोर्ट ने अपने अधिकार क्षेत्र में फैसला लिया है।

राजा का परिवार हाइकोर्ट में अपील करेगा 

राजा रघुवंशी के परिवार ने इस फैसले पर गहरी नाराज़गी जताई है। मृतक के भाई विपिन रघुवंशी ने कहा कि यह निर्णय उनके परिवार के लिए बेहद दुखद और निराशाजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच और प्रक्रिया में कई अहम बातें ठीक से सामने नहीं रखी गईं। परिवार ने साफ कहा है कि वे इस जमानत आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती देंगे और न्याय के लिए लड़ाई जारी रखेंगे। उनका कहना है कि दोषियों को किसी भी हालत में राहत नहीं मिलनी चाहिए।

बता दें, इस मामले में केवल सोनम ही नहीं बल्कि अन्य आरोपी भी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि कुछ सह-आरोपियों को पहले ही जमानत मिल चुकी है। वहीं, एक अन्य आरोपी राज कुशवाह अभी भी न्यायिक हिरासत में है। पुलिस के अनुसार, जांच अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है और आगे भी कई पहलुओं की जांच जारी है।

सोनम को जमानत मिलने के बाद केस फिर चर्चा में

सोनम रघुवंशी को जमानत मिलने के बाद यह मामला अब हाईकोर्ट तक पहुंच सकता है। राजा रघुवंशी के परिवार ने स्पष्ट किया है कि वे इस फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील दायर करेंगे। उनका कहना है कि वे न्याय की अंतिम लड़ाई तक जाएंगे।

इस जमानत के बाद एक बार फिर राजा रघुवंशी हत्याकांड सुर्खियों में आ गया है। यह मामला न केवल मध्य प्रदेश बल्कि पूरे देश में चर्चित रहा है, क्योंकि इसमें प्रेम, विवाह और हत्या जैसी जटिल परिस्थितियां शामिल हैं।