अफगानिस्तान ने पाकिस्तान पर किया जवाबी हमला, खैबर पख्तूनख्वा में सैन्य ठिकानों को निशाना
अफगान वायुसेना ने खैबर पख्तूनख्वा के सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमला किया, दोनों देशों के बीच सीमा पर तनाव बढ़ा और नागरिक प्रभावित हुए
इस्लामाबाद: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। पाकिस्तान ने गुरुवार रात अफगानिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में एयरस्ट्राइक की, जिसमें 15 नागरिक घायल हुए। इसके जवाब में अफगान वायुसेना ने शुक्रवार को पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में सैन्य ठिकानों पर हमला किया।
د پاکستان پوځي رژیم د بیګا شپې تجاوزونو په غبرګون کې افغان هوایي ځواکونو نن سهار د خیبر پښتونخوا کوهاټ سیمه کې د پاکستاني پوځیانو ستراتيژیک نظامي مراکز او تأسیسات په نښه کړل.
— د ملي دفاع وزارت - وزارت دفاع ملی (@MoDAfghanistan2) March 13, 2026
په بریدونو کې د کوهاټ پوځي قلعه وویشتل شوه او pic.twitter.com/H7qnrBoINd
अफगानिस्तान का जवाब:
अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि कोहाट क्षेत्र में पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों और किले को निशाना बनाया गया। हालांकि अभी तक किसी के मारे जाने या घायल होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
तालिबानी अधिकारियों के मुताबिक, पाकिस्तान ने काबूल और कंधार में हवाई हमले किए थे, जिनमें 6 लोग मारे गए और 15 घायल हुए। हमलों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे।

फ्यूल डिपो और TTP ठिकानों पर हमला:
तालिबान प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद के अनुसार, पाकिस्तान ने ‘काम एयर’ के फ्यूल डिपो पर हमला किया, जो सिविलियन और UN विमानों को भी ईंधन सप्लाई करता है। पाकिस्तानी सुरक्षा अधिकारियों ने दावा किया कि यह कार्रवाई TTP के ठिकानों पर की गई।

संख्या और नुकसान:
पाकिस्तान ने अपने हमले को ‘गजब लिल हक’ ऑपरेशन नाम दिया। पाकिस्तानी मीडिया और सेना के अनुसार अब तक:
- 415 तालिबान लड़ाके मारे गए
- 580 से अधिक घायल
- 182 पोस्ट तबाह
- 31 पोस्ट पर कब्जा
- 185 सैन्य वाहन और टैंक नष्ट
वहीं तालिबान का दावा है कि सिर्फ 8–13 लड़ाके मारे गए और 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए।

सैन्य झड़पों और विस्थापित लोग:
26 फरवरी से 5 मार्च के बीच पाकिस्तान की कार्रवाई में 56 नागरिक मारे गए, जिसमें 24 बच्चे शामिल हैं। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी के अनुसार, करीब 1.15 लाख लोग सुरक्षित जगहों पर जाने को मजबूर हुए।
पाकिस्तान और TTP का जुड़ाव:
TTP पाकिस्तान सरकार के खिलाफ सक्रिय है और अफगान तालिबान के समर्थन से ऑपरेशन कर रहा है। पाकिस्तान लंबे समय से TTP को निशाना बना रहा है।
दोनों देशों के बीच पुराना तनाव:
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच डूरंड लाइन विवाद और आतंकी ठिकानों को लेकर पुराना तनाव रहा है। 2021 में तालिबान के सत्ता में आने के बाद स्थिति और बिगड़ी है।

