सीएम डॉ. मोहन यादव को जान से मारने की धमकी: मुंबई से आरोपी गिरफ्तार

CM Mohan Yadav Threat: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को जान से मारने की धमकी देने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। डायल-112 के व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर पर एक व्यक्ति ने धमकी भरा मैसेज भेजा था, जिसे बाद में डिलीट भी कर दिया गया था। क्राइम ब्रांच ने तकनीकी जांच के आधार पर आरोपी को मुंबई से दबोच लिया है।

सीएम डॉ. मोहन यादव को जान से मारने की धमकी: मुंबई से आरोपी गिरफ्तार

भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को जान से मारने की धमकी मिली है। 23 सितंबर को भोपाल के भदभदा स्थित रेडियो मुख्यालय में डायल-112 के हेल्पलाइन व्हाट्सएप नंबर पर एक व्यक्ति ने मुख्यमंत्री को जान से खत्म करने की धमकी वाला मैसेज भेजा था। इस घटना के बाद से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था।

डायल-112 के व्हाट्सएप नंबर पर आया था मैसेज

जानकारी के मुताबिक, 23 सितंबर की सुबह करीब 11.30 बजे डायल-112 के आधिकारिक व्हाट्सएप नंबर पर एक धमकी भरा मैसेज प्राप्त हुआ। मैसेज भेजने वाले ने मुख्यमंत्री मोहन यादव का नाम लिखकर उन्हें जान से मारने की बात कही और लिखा कि वे ज्यादा दिन तक नहीं बच पाएंगे। इतना ही नहीं, आरोपी ने मैसेज भेजने के बाद उसमें कुछ और बातें जोड़ीं और बाद में उस संदेश को एडिट कर डिलीट भी कर दिया। हालांकि, सतर्क पुलिसकर्मियों ने समय रहते इसका स्क्रीनशॉट सुरक्षित रख लिया था।

क्राइम ब्रांच ने आरोपी को मुंबई से दबोचा 

मैसेज देखने के बाद डायल-112 के कर्मचारियों ने तुरंत इसकी सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी। रेडियो मुख्यालय की तरफ से भोपाल पुलिस को इसकी आधिकारिक शिकायत दी गई। मामला क्राइम ब्रांच के पास पहुंचने के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए प्रकरण दर्ज किया।

आरोपी को लाया जा रहा भोपाल 

क्राइम ब्रांच ने व्हाट्सएप नंबर की तकनीकी जांच शुरू की तो आरोपी की लोकेशन महाराष्ट्र के मुंबई में मिली। इसके बाद पुलिस की एक विशेष टीम तुरंत मुंबई रवाना हुई और 25 सितंबर को आरोपी को धर दबोचा। पुलिस अब उसे ट्रांजिट रिमांड पर भोपाल लेकर आ रही है। यहां उससे कड़ाई से पूछताछ की जाएगी ताकि यह पता चल सके कि उसने यह धमकी क्यों दी थी, मैसेज के पीछे उसकी क्या मंशा थी और इस साजिश में उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति शामिल है या नहीं। पुलिस के पास आरोपी के खिलाफ स्क्रीनशॉट और पुख्ता डिजिटल साक्ष्य मौजूद हैं।